Month: September 2026

दिन विशेष पुस्तक समीक्षा : ‘शहर दर शहर’ (उपन्यास) — लेखक राजेंद्र राजन – समीक्षा : निर्देश निधि द्वारा

दिन विशेष पुस्तक समीक्षा : ‘शहर दर शहर’ (उपन्यास) — लेखक राजेंद्र राजन – समीक्षा : निर्देश निधि द्वारा निर्देश निधि इतिहास में एम.फिल. हैं और कहानी, कविता, संस्मरण, यात्रा-संस्मरण,…

सिंगापुर में ‘वसुंधरा’ के तत्वाधान में आयोजित ‘धर्मक्षेत्र’ का सफल आयोजन

सिंगापुर में ‘वसुंधरा’ के तत्वाधान में आयोजित ‘धर्मक्षेत्र’ का सफल आयोजन रविवार 6 सितंबर को, हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में, भारतीय उच्चायोग सिंगापुर के सहयोग से ‘वसुंधरा’ के बैनर तले…

दिन विशेष व्यंग्य – गुरुकुल का रहस्य – विक्रम-वेताल : कमलेश कँवल

दिन विशेष व्यंग्य – गुरुकुल का रहस्य – विक्रम-वेताल : कमलेश कँवल “राजन, नीचे बाईं ओर दृष्टि डालिए। अद्भुत दृश्य है!” विक्रम की पीठ पर लदे वेताल ने कहा। विक्रम…

दिन विशेष अनुवाद में ‘अवतार सिंह संधू’ की पंजाबी कविता का ‘किरण खन्ना’ द्वारा हिन्दी अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में ‘अवतार सिंह संधू’ की पंजाबी कविता का ‘किरण खन्ना’ द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. किरण खन्ना अध्यक्ष, स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग डीएवी कॉलेज अमृतसर, पंजाब सब से ख़तरनाकमेहनत…

प्रेस विज्ञप्ति : “मछली जल की रानी है”-इन्दुकांत आंगिरस

प्रेस विज्ञप्ति : “मछली जल की रानी है”-इन्दुकांत आंगिरस दिनांक 30 अगस्त 2026 को सनद फाउंडेशन दिल्ली द्वारा संजय कैंप, चाणक्यपुरी, दिल्ली में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।…

अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा संगोष्ठी एवं अन्तराष्ट्रीय बहुभाषी कवि सम्मलेन का फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में आयोजन

अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा संगोष्ठी एवं अन्तराष्ट्रीय बहुभाषी कवि सम्मलेन का फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में आयोजन 22 अगस्त 2026, जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में वैश्विक हिन्दी परिवार, वैश्विक हिंदीशाला संस्थान (जर्मनी), वैश्विक…

‘वैश्विक हिंदी परिवार’ की संगोष्ठी में उठा भाषा, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक अस्मिता का व्यापक विमर्श : विजय नगरकर

‘वैश्विक हिंदी परिवार’ की संगोष्ठी में उठा भाषा, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक अस्मिता का व्यापक विमर्श : विजय नगरकर मातृभाषा : स्मृति नहीं, भविष्य की शक्ति भाषा केवल शब्दों का…

झाँसी में जमा दिल्ली के कवियों का रंग

झाँसी में जमा दिल्ली के कवियों का रंग झाँसी में रविवार, छह सितम्बर को कवि-शायरों की एक ख़ूबसूरत महफ़िल सजाई डॉ. विक्रम अग्रवाल और कथाकार डॉ. निधि अग्रवाल ने, जिसका…

21वीं सदी में रचनात्मक लेखन के विविध आयाम

21वीं सदी में रचनात्मक लेखन के विविध आयाम साहित्य अकादमी एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरू कॉलेज के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘21वीं सदी में रचनात्मक लेखन के…

दिन विशेष ( कविता ) में सांद्रा लुटावन की कविताएँ

दिन विशेष ( कविता ) में सांद्रा लुटावन की कविताएँ सूरीनाम – दक्षिण अमेरिका से सांद्रा लुटावन की कविताएँ। उनकी कविताओं की अनगढ़ता पूरे भोलेपन के साथ देखी जा सकती…

जन्मदिन विशेष में भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविता “अब प्रीति करी तौ निबाह करौ”

जन्मदिन विशेष में भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविता “अब प्रीति करी तौ निबाह करौ” अब प्रीति करी तौ निबाह करौअपने जन सों मुख मोरिए ना ।तुम तो सब जानत नेह मजाअब…

दिन विशेष ( कविता ) में धर्मवीर भारती की कविता ‘कनुप्रिया’ से

दिन विशेष ( कविता ) में धर्मवीर भारती की कविता ‘कनुप्रिया’ से घाट से लौटते हुएतीसरे पहर की अलसायी बेला मेंमैंने अक्सर तुम्हें कदम्ब के नीचेचुपचाप ध्यानमग्न खड़े पायामैंने कोई…

उर्दू अकादमी के कार्यक्रम में ‘स्त्री-विमर्श और संस्कारों के बदलते कथानक’ विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए: मनोज कुमार श्रीवास्तव

उर्दू अकादमी के कार्यक्रम में ‘स्त्री-विमर्श और संस्कारों के बदलते कथानक’ विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए: मनोज कुमार श्रीवास्तव अभी जब सिराज अजमली सर बोल रहे…

गोपालदास नीरज साहित्य समूह के कवि सम्मेलन में साहित्य और राष्ट्रभावना का अद्भुत संगम

गोपालदास नीरज साहित्य समूह के कवि सम्मेलन में साहित्य और राष्ट्रभावना का अद्भुत संगम नई दिल्ली। द्वारका सेक्टर-12 स्थित गैलार्ड टावर में रविवार को गोपालदास नीरज साहित्य समूह के बैनर…

हिंदू कम्युनिटी जापान ने टोक्यो में रचा इतिहास

हिंदू कम्युनिटी जापान ने टोक्यो में रचा इतिहास कृष्ण जन्माष्टमी एवं तिरंगा उत्सव में पहली बार महिलाओं की दही हांडी, भारत-जापान मित्रता का खूबसूरत संदेश टोक्यो, जापान | ६ सितंबर…

‘मेरे जीवन में मातृभाषा – स्थिति और चुनौतियाँ’ विषय पर वैश्विक हिंदी परिवार की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

‘मेरे जीवन में मातृभाषा – स्थिति और चुनौतियाँ’ विषय पर वैश्विक हिंदी परिवार की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न केंद्रीय हिंदी संस्थान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद, वातायन (यूके) तथा भारतीय भाषा मंच के…

दिन विशेष में महेंद्र सिंह की कहानी “एक्वेरियम”

दिन विशेष में महेंद्र सिंह की कहानी “एक्वेरियम” यह मैं हूं। यह मेरी तस्वीर है। इसमें मेरे बाल खूब बढ़े हुए हैं-धोनी प्रभाव के चलते नहीं, बल्कि अल्प-बेकारी से उपजे…

दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ

दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ “थ्रिल मेरी जान” “मैं ठीक तीन बजे आ जाऊँगी तेरे हॉस्टल के गेट पर। तैयार मिलियो।” अंतिम पीरियड समाप्त होते ही नमिता…

दिन विशेष कहानी में डॉ. अंजना गर्ग की कहानी “चार खुश औरतें”

दिन विशेष कहानी में डॉ. अंजना गर्ग की कहानी “चार खुश औरतें“ डॉ अंजना गर्ग की यह कहानी “चार खुश औरतें” जीवन के प्रति एक नए दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती…

वैश्विक हिंदी परिवार : विशेषांक की झलक

वैश्विक हिंदी परिवार : विशेषांक की झलक विशेषांक उल्लेखवैश्विक हिंदी परिवार के विशेषांक में साहित्य की विविध विधाओं का सुंदर संगम प्रस्तुत किया गया है। इसमें कहानी, कविता, ग़ज़ल, व्यंग्य,…

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