‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह – (पुस्तक समीक्षा)
‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह आज के प्रतिस्पर्धात्मक व जटिल दौर में जी रहे मानव के विभिन्न स्तरों पर टूटते, दरकते व खंडित होते जीवन मूल्यों के ऐसे चित्र प्रस्तुत…
हिंदी का वैश्विक मंच
‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह आज के प्रतिस्पर्धात्मक व जटिल दौर में जी रहे मानव के विभिन्न स्तरों पर टूटते, दरकते व खंडित होते जीवन मूल्यों के ऐसे चित्र प्रस्तुत…
इंसानियत तलाशता अनवर सुहैल का उपन्यास ’पहचान’ दिनेश कुमार माली, तालचेर, ओड़िशा हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार अनवर सुहैल का बहुचर्चित उपन्यास ‘पहचान’ सन् 2022 में न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन्स, नई दिल्ली…
‘महायोगिराज गोरखनाथ’ नर्मदा प्रसाद उपाध्याय संसार में गुरु गोरखनाथ ऐसे बिरले उदाहरण हैं जिन्होंने अपने गुरु मत्स्येंद्रनाथ को सन्मार्ग दिखलाया। वे नाथ परंपरा की उज्ज्वल मणि हैं जिनके समूचे व्यक्तित्व…
मेरी नजरों में ‘राजस्थान के साहित्य साधक’ – दिनेश कुमार माली डॉ. प्रभात कुमार सिंघल की बहुचर्चित पुस्तक ‘राजस्थान के साहित्य साधक’ में राजस्थान के मूल और प्रवासी साहित्यकारों के…
पूर्व-राग : एक पाठक की नोटबुक राकेश कुमार मिश्र हिंदी के वरिष्ठ कथाकार-गद्यकार जयशंकर जी की नई किताब पूर्व-राग : एक पाठक की नोटबुक (2025) को पढ़ते हुए लगा कि…
कही गई और अनकही भावनाओं का आईना समीक्षक: प्रीती जायसवाल कविता साहित्य का वह सशक्त माध्यम है जो हमें समाज को एक नई दृष्टि से देखने, समझने और महसूस करने…
आदि महाकवि वाल्मीकि के अप्रतिम साहित्यिक अवदान ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र रामायण के आदि-कवि महर्षि वाल्मीकि भारतीय साहित्य की उस जीवंत ज्योति की तरह हैं, जिसकी आलोकरेखा सदियों से…
समीक्षा के भाषिक आयाम – अलका सिन्हा इसमें शक नहीं कि आजकल लेखक होना बहुत अधिक फैशन में है। यानी सभी लेखक बनना चाह रहे हैं। हद तो यह है…
खुद से खुद की पहचान कराती कहानियां – अलका सिन्हा प्रसिद्ध कथाकार उर्मिला शिरीष के कहानी-संग्रह ‘मैं उन्हें नहीं जानती’ की कहानियों को पढ़ते हुए ब्रॉनी वेयर की लिखी किताब…
साहित्यसेतू : मराठी संतों की हिंदी यात्रा ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र खंड 1: प्रस्तावना एवं लेखक का परिचय “साहित्यसेतू” ( – पृष्ठ 1) डॉ. श्रीधर रंगनाथ कुलकर्णी ( –…
डिजिटल हिन्दी की यात्रा भूमंडलीकरण ने हमारे सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन के साथ-साथ भारतीय भाषाओं को भी काफी प्रभावित किया है। आज के यांत्रिक युग में भाषा का प्रयोग केवल…
बाल पुस्तक: ‘नानी की अटारी से कविता की पिटारी’ -ओमप्रकाश प्रजापति (मुख्य सम्पादक- ट्रू मीडिया) बचपन कल्पना का संसार है, रंगों, धुनों, बातों और भावनाओं से भरा हुआ। इस संसार…
https://www.youtube.com/watch?v=TJ4g3gAGCEA
प्रवासियों की कहानियाँ और व्यथाएँ : प्रवासियों का विश्व विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र इस विशाल पृथ्वी के खंडित भूभागों पर अंकित मानव सभ्यता के पदचिह्न मानो उसकी सार्वकालिक भ्रमंती (घुमक्कड़ी)…
दक्षिण एशिया में भाषाओं के विकास पर पेगी मोहन की अंतर्दृष्टि ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र भूमिका:भाषाओं का विकास किसी समाज के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक बदलावों का सजीव प्रतिबिंब…
कवि अनिल शर्मा ‘जोशी’ की ‘नींद कहाँ है’ की समीक्षा – मनीष पाण्डेय अनिल शर्मा ‘जोशी’ वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा और साहित्य जगत के जाने माने नाम हैं। भारत…