अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं – स्वरांगी साने : समीक्षा
अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं – स्वरांगी साने : समीक्षा डॉ. सुनील देवधर आकाशवाणी से सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।…
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अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं – स्वरांगी साने : समीक्षा डॉ. सुनील देवधर आकाशवाणी से सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।…
“पहाड़ों मे पगडंडी”- जे. पी. पाण्डेय ( पुस्तक समीक्षा ) यात्रा-वृत्तांत साहित्य की वह विधा है जिसमें लेखक अपनी यात्राओं के अनुभवों, दृश्यों, लोगों और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक स्थितियों का सजीव…
पुस्तक समीक्षा: “ड्रीमटाइम कहानियाँ” (अनुवाद: रेखा राजवंशी) “ड्रीमटाइम कहानियाँ” ऑस्ट्रेलिया की आदिवासी (एबोरीजिनल) लोककथाओं का एक अत्यंत रोचक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध संग्रह है, जिसे रेखा राजवंशी ने हिंदी…
आकांक्षाओ और आत्म संघर्ष के बीच का द्वंद्व ( अपने अपने बुर्ज खलीफा ) समकालीन हिंदी साहित्य के विस्तृत परिदृश्य में कुछ कृतियाँ ऐसी होती हैं जो केवल कहानी कहने…
स्त्री की बदलती तस्वीर संजोए है: क्लाइडोस्कोप दिव्या माथुर की “क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियाँ” मुख्य रूप से प्रवासी जीवन के चालीस वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। यह निजी जीवन की…
आहिल्या ( डॉ वेद व्यथित ) स्त्री अस्मिता के नवीन आयामों को परिभाषित करता खंडकाव्य “अहिल्या “डॉ वेद व्यथित का खंड काव्य अहिल्या महर्षि वाल्मिकी की “अहिल्या “ को ले…
स्त्री अस्मिता के नवीन आयामों को परिभाषित करता खंडकाव्य “अहिल्या “ (पुस्तक समीक्षा) डॉ वेद व्यथित का खंड काव्य अहिल्या महर्षि वाल्मिकी की “अहिल्या “ को ले कर लिखा गया…
मुकम्मल इश्क की अधूरी दास्तान दिनेश कुमार माली, तालचेर, ओड़िशा आज शाम यानि 10.11.2025 को जब मैं युवा लेखक दिनेश कुशवाहा की ‘मुकम्मल इश्क़ की अधूरी दास्तान’ उपन्यास पर आलोचनात्मक…
‘ऐसे-ऐसे लोग’ रवींद्र कात्यायन श्रीमद्भगवद्गीता में कहा गया है- ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’। यह है निष्काम कर्म का उपदेश जो गीता हमें सिखाती है। मनुष्य अपने कर्मों का फल प्राप्त…
उपसंहार राकेश मिश्र काशीनाथ सिंह हिन्दी साहित्य के एक प्रमुख लेखक और कवि हैं। उनका लेखन मुख्यतः सामाजिक यथार्थ, बनारस की संस्कृति और आम जनजीवन पर केंद्रित रहा है। उनकी…
‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ दिनेश कुमार माली, तालचेर,ओड़िशा यह ध्रुव सत्य है कि हमारे लेखन में आजकल वह ताकत नहीं रही, जो हमारे अलग-अलग धर्मों वाले देश में…
मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध अनीता वर्मा प्रतिष्ठित हिंदी प्रेमी व पूर्व में मॉरीशस में दूतावास में अधिकारी के रूप में कार्यरत सुनीता पाहुजा की नवीनतम पुस्तक ‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’…
‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह आज के प्रतिस्पर्धात्मक व जटिल दौर में जी रहे मानव के विभिन्न स्तरों पर टूटते, दरकते व खंडित होते जीवन मूल्यों के ऐसे चित्र प्रस्तुत…
इंसानियत तलाशता अनवर सुहैल का उपन्यास ’पहचान’ दिनेश कुमार माली, तालचेर, ओड़िशा हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार अनवर सुहैल का बहुचर्चित उपन्यास ‘पहचान’ सन् 2022 में न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन्स, नई दिल्ली…
‘महायोगिराज गोरखनाथ’ नर्मदा प्रसाद उपाध्याय संसार में गुरु गोरखनाथ ऐसे बिरले उदाहरण हैं जिन्होंने अपने गुरु मत्स्येंद्रनाथ को सन्मार्ग दिखलाया। वे नाथ परंपरा की उज्ज्वल मणि हैं जिनके समूचे व्यक्तित्व…
मेरी नजरों में ‘राजस्थान के साहित्य साधक’ – दिनेश कुमार माली डॉ. प्रभात कुमार सिंघल की बहुचर्चित पुस्तक ‘राजस्थान के साहित्य साधक’ में राजस्थान के मूल और प्रवासी साहित्यकारों के…
पूर्व-राग : एक पाठक की नोटबुक राकेश कुमार मिश्र हिंदी के वरिष्ठ कथाकार-गद्यकार जयशंकर जी की नई किताब पूर्व-राग : एक पाठक की नोटबुक (2025) को पढ़ते हुए लगा कि…
कही गई और अनकही भावनाओं का आईना समीक्षक: प्रीती जायसवाल कविता साहित्य का वह सशक्त माध्यम है जो हमें समाज को एक नई दृष्टि से देखने, समझने और महसूस करने…
आदि महाकवि वाल्मीकि के अप्रतिम साहित्यिक अवदान ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र रामायण के आदि-कवि महर्षि वाल्मीकि भारतीय साहित्य की उस जीवंत ज्योति की तरह हैं, जिसकी आलोकरेखा सदियों से…
समीक्षा के भाषिक आयाम – अलका सिन्हा इसमें शक नहीं कि आजकल लेखक होना बहुत अधिक फैशन में है। यानी सभी लेखक बनना चाह रहे हैं। हद तो यह है…