Category: पुस्तक समीक्षा

दिन विशेष पुस्तक समीक्षा विमर्श : डॉ. सुनील देवधर की पुस्तक “कविता के साए में शब्द” पर संध्या टिकेकर की समीक्षात्मक दृष्टि

दिन विशेष पुस्तक समीक्षा विमर्श : डॉ. सुनील देवधर की पुस्तक “कविता के साए में शब्द” पर संध्या टिकेकर की समीक्षात्मक दृष्टि परिचय : डॉ. संध्या टिकेकर बीना, जिला सागर,…

पुस्तक समीक्षा : विस्थापन की त्रासदी – कश्मीरी पंडितों के विस्थापन की व्यथा-कथा

पुस्तक समीक्षा : विस्थापन की त्रासदी – कश्मीरी पंडितों के विस्थापन की व्यथा-कथा लेखक परिचय : डॉक्टर शिबन कृष्णा रैना का 22 अप्रैल 1942 को श्रीनगर (कश्मीर) में एक मध्यम…

मेघा राठी के उपन्यास “झोले में ज़िंदगी” की अतुल खरे द्वारा पुस्तक समीक्षा

मेघा राठी की उपन्यास “झोले में ज़िंदगी” की अतुल खरे द्वारा पुस्तक समीक्षा मासूम यादों की सुंदर याद दिलाती, और हमें इस ज़िंदगी की आपाधापी से वापस, कहीं बचपन में…

तेजेंद्र शर्मा के कहानी-संग्रह “संदिग्ध” की डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र द्वारा समीक्षा

तेजेंद्र शर्मा के कहानी-संग्रह “संदिग्ध” की डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र द्वारा समीक्षा तेजेंद्र शर्मा की कहानियाँ हमें जीवन के बहुकोणीय अहसासों की दुनिया में विचरण कराती हैं। मानवीय रिश्तों के विभिन्न…

मनोज मोक्षेंद्र द्वारा दिव्या माथुर की पुस्तक ‘कलाइडोस्कोप’ की पुस्तक समीक्षा

मनोज मोक्षेंद्र द्वारा दिव्या माथुर की पुस्तक ‘कलाइडोस्कोप’ की पुस्तक समीक्षा प्रख्यात प्रवासी साहित्यकार दिव्या माथुर का संस्मरण “कलाइडोस्कोप : सतरंगी स्मृतियाँ” उनके जीवन के व्यापक अनुभवों, भौतिक-बौद्धिक गतिविधियों, भावनात्मक…

दिन विशेष विमर्श में ‘अलकनन्दा सुत’ : अर्चना पैन्यूली के उपन्यास पर डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र की समीक्षात्मक दृष्टि

दिन विशेष विमर्श में ‘अलकनन्दा सुत’ : अर्चना पैन्यूली के उपन्यास पर डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र की समीक्षात्मक दृष्टि ‘अलकनन्दा सुत’ प्रवासी लेखिका अर्चना पैन्यूली का एक सामाजिक-पारिवारिक उपन्यास है. इस…

समीक्षा : जन से मिलने चले जगन्नाथ : जहाँ देवता रथ पर नहीं, जनता के हृदय पर आरूढ़ हैं – विशाल पाण्डेय

समीक्षा : जन से मिलने चले जगन्नाथ : जहाँ देवता रथ पर नहीं, जनता के हृदय पर आरूढ़ हैं – विशाल पाण्डेय जब-जब आषाढ़ का आकाश मेघों से भरता है,…

दिव्या माथुर का कलाइडोस्कोप : धूप, छाँव और अनवरत यात्राएँ ( समीक्षा ) : मनीषा कुलश्रेष्ठ

दिव्या माथुर का कलाइडोस्कोप : धूप, छाँव और अनवरत यात्राएँ ( समीक्षा ) : मनीषा कुलश्रेष्ठ बीते दिनों हुई तमाम यात्रा में यकीन मानिए खिड़की के बाहर नहीं देखा, एक…

अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं – स्वरांगी साने : समीक्षा

अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं – स्वरांगी साने : समीक्षा डॉ. सुनील देवधर आकाशवाणी से सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।…

“पहाड़ों मे पगडंडी”- जे. पी. पाण्डेय ( पुस्तक समीक्षा )

“पहाड़ों मे पगडंडी”- जे. पी. पाण्डेय ( पुस्तक समीक्षा ) यात्रा-वृत्तांत साहित्य की वह विधा है जिसमें लेखक अपनी यात्राओं के अनुभवों, दृश्यों, लोगों और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक स्थितियों का सजीव…

पुस्तक समीक्षा: “ड्रीमटाइम कहानियाँ” (अनुवाद: रेखा राजवंशी)

पुस्तक समीक्षा: “ड्रीमटाइम कहानियाँ” (अनुवाद: रेखा राजवंशी) “ड्रीमटाइम कहानियाँ” ऑस्ट्रेलिया की आदिवासी (एबोरीजिनल) लोककथाओं का एक अत्यंत रोचक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध संग्रह है, जिसे रेखा राजवंशी ने हिंदी…

आकांक्षाओ और आत्म संघर्ष के बीच का द्वंद्व ( अपने अपने बुर्ज खलीफा )

आकांक्षाओ और आत्म संघर्ष के बीच का द्वंद्व ( अपने अपने बुर्ज खलीफा ) समकालीन हिंदी साहित्य के विस्तृत परिदृश्य में कुछ कृतियाँ ऐसी होती हैं जो केवल कहानी कहने…

स्त्री की बदलती तस्वीर संजोए है: क्लाइडोस्कोप

स्त्री की बदलती तस्वीर संजोए है: क्लाइडोस्कोप दिव्या माथुर की “क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियाँ” मुख्य रूप से प्रवासी जीवन के चालीस वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। यह निजी जीवन की…

आहिल्या ( डॉ वेद व्यथित )

आहिल्या ( डॉ वेद व्यथित ) स्त्री अस्मिता के नवीन आयामों को परिभाषित करता खंडकाव्य “अहिल्या “डॉ वेद व्यथित का खंड काव्य अहिल्या महर्षि वाल्मिकी की “अहिल्या “ को ले…

स्त्री अस्मिता के नवीन आयामों को परिभाषित करता खंडकाव्य “अहिल्या “ (पुस्तक समीक्षा)

स्त्री अस्मिता के नवीन आयामों को परिभाषित करता खंडकाव्य “अहिल्या “ (पुस्तक समीक्षा) डॉ वेद व्यथित का खंड काव्य अहिल्या महर्षि वाल्मिकी की “अहिल्या “ को ले कर लिखा गया…

मुकम्मल इश्क की अधूरी दास्तान: एक सम्यक़ विवेचन – (पुस्तक समीक्षा)

मुकम्मल इश्क की अधूरी दास्तान दिनेश कुमार माली, तालचेर, ओड़िशा आज शाम यानि 10.11.2025 को जब मैं युवा लेखक दिनेश कुशवाहा की ‘मुकम्मल इश्क़ की अधूरी दास्तान’ उपन्यास पर आलोचनात्मक…

मनुष्यता की तलाश में- ‘ऐसे-ऐसे लोग’ – (पुस्तक समीक्षा)

‘ऐसे-ऐसे लोग’ रवींद्र कात्यायन श्रीमद्भगवद्गीता में कहा गया है- ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’। यह है निष्काम कर्म का उपदेश जो गीता हमें सिखाती है। मनुष्य अपने कर्मों का फल प्राप्त…

मनुष्य के भीतर ईश्वर: उपसंहार में कृष्ण की यात्रा – (पुस्तक समीक्षा)

उपसंहार राकेश मिश्र काशीनाथ सिंह हिन्दी साहित्य के एक प्रमुख लेखक और कवि हैं। उनका लेखन मुख्यतः सामाजिक यथार्थ, बनारस की संस्कृति और आम जनजीवन पर केंद्रित रहा है। उनकी…

मुस्लिम परिवार की दुर्दशा को दर्शाता अनवर सुहैल का उपन्यास ‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ – (पुस्तक समीक्षा)

‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ दिनेश कुमार माली, तालचेर,ओड़िशा यह ध्रुव सत्य है कि हमारे लेखन में आजकल वह ताकत नहीं रही, जो हमारे अलग-अलग धर्मों वाले देश में…

‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’ संपादित संग्रह – (पुस्तक समीक्षा)

मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध अनीता वर्मा प्रतिष्ठित हिंदी प्रेमी व पूर्व में मॉरीशस में दूतावास में अधिकारी के रूप में कार्यरत सुनीता पाहुजा की नवीनतम पुस्तक ‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’…

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