नाना पाटेकर : स्मृतियों में जीवंत अभिनय की अमिट छाप – मनोज कुमार श्रीवास्तव
नाना पाटेकर : स्मृतियों में जीवंत अभिनय की अमिट छाप – मनोज कुमार श्रीवास्तव नाना पाटेकर गुस्सा नहीं निभाते थे। वे उस आदमी को निभाते थे जिसने गुस्से का हिसाब…
हिंदी का वैश्विक मंच
नाना पाटेकर : स्मृतियों में जीवंत अभिनय की अमिट छाप – मनोज कुमार श्रीवास्तव नाना पाटेकर गुस्सा नहीं निभाते थे। वे उस आदमी को निभाते थे जिसने गुस्से का हिसाब…
उर्दू अकादमी के कार्यक्रम में ‘स्त्री-विमर्श और संस्कारों के बदलते कथानक’ विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए: मनोज कुमार श्रीवास्तव अभी जब सिराज अजमली सर बोल रहे…
डॉ. ममता खेड़े की पुस्तक “लोकावतरण“ के लोकार्पण पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए : मनोज श्रीवास्तव डॉ. ममता खेड़े की यह पुस्तक “लोकावतरण” १० वैदिक सूक्तों का…
गुरु पूर्णिमा : मनोज श्रीवास्तव गुरु की पूर्णिमा इसलिए नहीं कि उस दिन चन्द्रमा पूरा होता है; बल्कि इसलिए कि गुरु का कार्य ही मनुष्य के भीतर की अपूर्णता को…
पद्मश्री कैलाशचंद्र पंत : स्मृति शेष — मनोज कुमार श्रीवास्तव मनुष्य की मृत्यु का समाचार हमेशा एक ही बात नहीं कहता। कभी वह केवल यह बताता है कि एक शरीर…
काठमांडू में भारत और नेपाल के सनातन सम्बन्ध विषय पर बोलते हुए : मनोज कुमार श्रीवास्तव सबसे पहले तो मैं आपकी संस्था के प्रति आभार प्रकट कर दूँ कि आपने…
“आधुनिकता का संत्रास और संबंधों का साधनीकरण” (आलेख) : मनोज श्रीवास्तव सन् १९८० में जब सुभाष घई की फ़िल्म ‘क़र्ज़’ भारतीय सिनेमाघरों में आई, तो दर्शकों ने उसे एक रोमांचक…
सोशल मीडिया में दक्षता एवं प्रबंधन कौशल विकास मनोज कुमार श्रीवास्तव वैसे सोशल मीडिया की डाउनसाइड ही ज्यादा बताई जाती हैं। माएँ अपने बच्चों को डाँटती हैं। पत्नियाँ पति को…
मनोदैहिक विकारों में योग की भूमिका – मनोज श्रीवास्तव कल भोपाल विश्वविद्यालय में Role of Yoga in Psycho-somatic disorders में बोलते हुए मैंने कहा कि योग मन का जनतंत्र है।…
मनोज कुमार श्रीवास्तव सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन भारतीय राजस्व सेवा 1985 बैच भारतीय प्रशासनिक सेवा 1987 बैच संप्रति-राज्य निर्वाचन आयुक्त एतद्पूर्व- मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग मंदसौर, राजगढ़,…