करनाल साहित्य उत्सव में सजेगा साहित्य, सम्मान और सृजन का संगम
करनाल साहित्य उत्सव में सजेगा साहित्य, सम्मान और सृजन का संगम
हिंदी का वैश्विक मंच
करनाल साहित्य उत्सव में सजेगा साहित्य, सम्मान और सृजन का संगम
आईसीसीआर छात्र आगंतुक कार्यक्रम के अंतर्गत बांग्लादेशी हिंदी विद्यार्थियों ने आज़ाद भवन में किया सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संवाद नई दिल्ली, 9 जुलाई 2026। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के छात्र…
देशकाल सोसायटी एवं आईजीएनसीए के तत्वावधान में बुद्ध दर्शन पर आधारित भावपूर्ण नृत्य-नाट्य प्रस्तुति नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026। देशकाल सोसायटी एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए), नई दिल्ली…
“शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के स्थापना दिवस पर त्रिपुरा विश्वविद्यालय में भारतीय शिक्षा दिवस का गरिमामय आयोजन” शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के स्थापना दिवस एवं भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर…
कहानी “पुरु और प्राची” ( दिव्या माथुर ) समीक्षा : डॉ. सुनीता शर्मा आदरणीया दिव्या माथुर जी, सादर प्रणाम। वैश्विक हिन्दी परिवार में आपकी कहानी “पुरु और प्राची” पढ़ने का…
“साहित्य अकादेमी के तत्वावधान में संबलपुर में ओड़िया कवि सम्मेलन का आयोजन”
“बोडो समाज में शांति निर्माण में साहित्य की भूमिका पर साहित्य अकादेमी का साहित्यिक मंच”
“अखिल मोहन पटनायक जन्मशती पर साहित्य अकादेमी की राष्ट्रीय संगोष्ठी”
“विश्व हिंदी सम्मेलन में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष: संस्कृति, डिजिटल युग और भविष्य पर वैश्विक मंथन”
दक्षिण-पूर्व एशिया में हिंदी भाषा शिक्षण को लेकर अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी
जब प्रसाद जी से मिलने पहुंचे प्रेमचंद और जैनेंद्र (संस्मरण) : जैनेंद्र सन् 1933 की बात है। भाई सच्चिदानंद वात्स्यायन अज्ञेय ने कुछ कविताएं अपनी छापनी चाहीं। जेल से उन्होंने…
साहित्य मन का अधिष्ठाता देवता है : विष्णु प्रभाकर यूनेस्को के घोषणापत्र में लिखा है कि युद्ध मन में ही पैदा होता है और वहीं उसको रोका जा सकता है…
एक अविस्मरणीय काव्य संध्या पुणे में – कार्यक्रम सम्पन्न दिनांक : ०४/०७/२०२६, पुणे के आकुर्डी क्षेत्र में एक सुंदर काव्य-संध्या का आयोजन हुआ। यह आयोजन कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल के तत्वावधान…
युवा बोडो साहित्यकारों की रचनाओं से सजा ‘युवा साहित्य’ कार्यक्रम
“ओड़िया साहित्य अकादमी का 68वाँ स्थापना दिवस आज, साहित्यिक विभूतियों का होगा सम्मान”
डॉ.पद्मा श्रीवास्तव-शब्द से संस्कृति तक : डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे (साक्षात्कारकर्ता) आज हम ऐसी साहित्य साधिका, शिक्षाविद्, प्रशासक और संस्कृति-चिंतक के सृजन-संसार से रूबरू होने जा रहे हैं ,…
गुल्लो रानी : अरुणा सब्बरवाल पतझड का आगमन आरम्भ हो चुका था। वृक्षों से गिरते पत्ते हवा में अपना नृत्य दिखा रहे थे। पूरी धरा पर लाल, पीले, नारंगी और…
महादेवी वर्मा के रेखाचित्र ‘नीलकंठ’ में राष्ट्रीयता : डॉ. संध्या सिलावट वर्षा की पहली बूँद अभी धरती तक पहुँची भी नहीं है। दूर क्षितिज पर मेघों की गहरी परतें उमड़…
कंप्यूटर के विंडो के साथ आइए एक झरोखा भी खोलें : स्वरांगी साने ज्ञान हर तरफ़ बिखरा पड़ा है, है न? यह ज्ञान के विस्फोट का युग है। व्हाट्सऐप से…
भारत की संस्कृति अनोखी है साम्प्रदायिक उत्पात के समय नोआखाली-प्रवास में एक दिन मनु गांधीजी के घी मल रही थीं और वह कुछ पेचीदा अंग्रेजी पत्र-व्यवहार सुन रहे थे। पत्र-व्यवहार…