उमरावनगर में कुछ दिन : श्रीलाल शुक्ल

उमरावनगर में कुछ दिन – व्यंग्य बकरी, मुर्गी, और फटी कमीजें बस में जहाँ मैं बैठा था, वहाँ बकरी न थी, मेरे पास बैठे आदमी की गोद में सिर्फ मुर्गी…

प्रेम की बिरादरी : हरिशंकर परसाई

प्रेम की बिरादरी – व्यंग्य उनका सबकुछ पवित्र है । जाति में बाजे बजाकर शादी हुई थी । पत्नी ने 7 जन्मो में किसी दूसरे पुरुष को नहीं देखा ।…

सूखी आँखों का गीला दर्शन : डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’

सूखी आँखों का गीला दर्शन : ( व्यंग्य ) सेकंड क्लास के स्लीपर कोच में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है मानो हम भारतीय रेल के डिब्बे में नहीं, बल्कि…

इंटरनेट की सड़क पर : डॉ. शैलजा सक्सेना

इंटरनेट की सड़क पर – ( कविता ) हमने इंटरनेट की भीड़-भरी सड़क पर ढूँढ ही लिया एक छोटा-सा कोना, बतियाने के लिये। अब परीक्षा है हमारी कि बिना चेहरा…

मातृ दिवस : स्प्रिंगडेल ब्रांचलाइब्रेरी, ब्रैंपटन में राइटर्स गिल्ड ( कैनेडा ) विशेष कार्यक्रम सम्पन्न

मातृ दिवस : स्प्रिंगडेल ब्रांचलाइब्रेरी, ब्रैंपटन में राइटर्स गिल्ड ( कैनेडा ) विशेष कार्यक्रम सम्पन्न मातृ दिवस के अवसर पर 16 मई 2026 की दोपहर 1:00 से 4:00 तक स्प्रिंगडेल…

वात्सल्य वार्षिकोत्सव : डॉ. कविता मल्होत्रा – “भारत भाग्य विधाता” तथा “संस्कारों की उड़ान” कृति का लोकार्पण एवं सम्मान समारोह सम्पन्न

वात्सल्य वार्षिकोत्सव : डॉ. कविता मल्होत्रा – “भारत भाग्य विधाता” तथा “संस्कारों की उड़ान” कृति का लोकार्पण एवं सम्मान समारोह सम्पन्न दिनांक 17 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित बंग…

वात्सल्य वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में डॉ कविता मल्होत्रा की दो नवीनतम कृतियों “भारत भाग्य विधाता” तथा “संस्कारों की उड़ान” के लोकार्पण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन सम्पन्न

वात्सल्य वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में डॉ कविता मल्होत्रा की दो नवीनतम कृतियों “भारत भाग्य विधाता” तथा “संस्कारों की उड़ान” के लोकार्पण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन सम्पन्न कार्यक्रम की…

पछतावा (व्यंग्य)

पछतावा (व्यंग्य) शहर के सबसे बड़े मल्टी-स्पेशालिटी अस्पताल के आईसीयू वार्ड के बाहर वेटिंग एरिया में एक अजीब सी गंध थी फिनाइल और मरती हुई उम्मीदों का कॉकटेल। सुमित वहां…

खादी पंखों वाली आत्मा (व्यंग्य)

खादी पंखों वाली आत्मा (व्यंग्य) सत्ता की रीढ़ जितनी लचीली होती है, चापलूसी के सुर उतने ही मधुर सुनाई देते हैं। उस दोपहर महामहिम की कचहरी में एक ऐसी ही…

स्टैप्लर (व्यंग्य)

स्टैप्लर (व्यंग्य) बजाज साहब की मेज पर वह बिल्कुल आखिरी कोने में पड़ा रहता था। एक ऐसा अनाम कैदी, जिसकी तरफ कोई मुस्कुराकर देखता भी नहीं था। क्रोमियम की उसकी…

“चाय की मिठासक्ष” – सांद्रा लुटावन

“चाय की मिठासक्ष” – सांद्रा लुटावन सुबह की शुरुआत हो या शाम का समाँ,चाय हर पल को बना देती है सुहाना।कभी हल्की भाप में सुकून मिलता है,कभी एक प्याले में…

तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्रदर्शन शृंखला

“अभिजातकलाकलापेषु भारतीय – ज्ञान – परंपरा (सद्योवृत्तान्तः)” भारतीय ज्ञान परम्परा और शास्त्रीय कलाओं के समकालीन स्वरूप पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ हुआ भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), राष्ट्रपति…

“मोरपंख”- प्रवीण ‘बनजारा’

“मोरपंख”- प्रवीण ‘बनजारा’ सब उन्हें माताजी के नाम से जानते थे।उस दिन बड़े तड़के जब नींद खुली तो अंधेरा ही दिखा। गली के एक खम्भे के लाटू की रोशनी जाने…

डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के रचना संसार पर आयोजित कार्यक्रम

डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के रचना संसार पर आयोजित कार्यक्रम नई दिल्ली। सुप्रसिद्ध साहित्यकार, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’…

कालीदास गुप्ता रज़ा एकदिवसीय जन्मशतवार्षिकी संगोष्ठी एवं साहित्य मंच : कविता पाठ

कालीदास गुप्ता रज़ा एकदिवसीय जन्मशतवार्षिकी संगोष्ठी एवं साहित्य मंच : कविता पाठ

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