‘इ’, देखन में छोटी लगे… – (वर्णमाला 3 – ब्लॉग)

‘इ’, देखन में छोटी लगे… स्वरांगी साने ‘इंगित पर तुम्हारे ही भीम ने अधर्म किया…’ धर्मवीर भारती लिखित ‘अंधा युग’ में गांधारी का यह विलाप ‘इ’ की इतनी ताकत को…

वृक्ष – (कविता)

– डॉ महादेव एस कोलूर ***** वृक्ष आदमी ने वृक्ष से कहा —कुछ तो बोलो, यूँ क्यों चुप हो।वृक्ष मुस्कुराया,पत्तों की सरसराहट में बोला —“जिन्होंने सब कुछ खोकर भी दिया,वो…

विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित ‘श्रीमती अनीता प्रभाकर स्मृति कहानी प्रतियोगिता’ : तृतीय 2025-26 – (सूचना)

श्रीमती अनीता प्रभाकर विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान की पूर्व न्यासी रहीं। वे प्रसिद्ध साहित्यकार श्री विष्णु प्रभाकर की ज्येष्ठ पुत्री थीं। हिंदी में स्नातकोत्तर शिक्षा ग्रहण करने के बाद वे हिंदी…

भारत को अगले 10 से 15 वर्षों में सालाना आधार पर 80 लाख जॉब क्रिएट करने की जरूरत : सीईए नागेश्वरन – (समाचार)

नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि भारत को अपने डेमोग्राफिक डिविडेंट का लाभ उठाने के लिए अगले 10 से 15 वर्षों…

राय कृष्णदास : (आज जिनका जन्मदिन है)

राय कृष्णदास रजनीकंत शुक्ल राय कृष्णदास का जन्म 13 नबंवर सन 1892 ई. को वाराणसी में हुआ था। वे कहानी सम्राट प्रेमचन्द के समकालीन कहानीकार और गद्य गीत लेखक थे।…

नैसर्गिक कलाकार : मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति – (ब्लॉग)

मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति रजनीकांत शुक्ल विगत वर्ष आज के ही दिन देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति का कोरोना के चलते पैसठ वर्ष की अवस्था में निधन हो गया था।…

हिंदी विश्‍वविद्यालय में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन – (रिपोर्ट)

वर्धा, 11 नवंबर 2025 : जी.बी. पंत सामाजिक विज्ञान संस्‍थान, प्रयागराज के अध्‍यक्ष एवं केंद्रीय आदिवासी विश्‍वविद्यालय, आंध्रप्रदेश तथा इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय जनजातीय विश्‍वविद्यालय, अमरकंटक के पूर्व कुलपति प्रो. टी.वी.…

मुकम्मल इश्क की अधूरी दास्तान: एक सम्यक़ विवेचन – (पुस्तक समीक्षा)

मुकम्मल इश्क की अधूरी दास्तान दिनेश कुमार माली, तालचेर, ओड़िशा आज शाम यानि 10.11.2025 को जब मैं युवा लेखक दिनेश कुशवाहा की ‘मुकम्मल इश्क़ की अधूरी दास्तान’ उपन्यास पर आलोचनात्मक…

अखिल भारतीय साहित्य परिषद का 17वां राष्ट्रीय अधिवेशन ‘आत्म बोध से विश्व बोध’ के संकल्प के साथ संपन्न – (रिपोर्ट)

नई केंद्रीय कार्यकारिणी का गठन, धर्मांतरण और OTT सामग्री के विरुद्ध प्रस्ताव पारित; रीवा की विंध्य भूमि पर हुआ साहित्य का महाकुंभ अखिल भारतीय साहित्य परिषद का तीन दिवसीय 17वां…

फूल की ज़िद – (कविता)

डॉ. मंजु गुप्ता ***** फूल की ज़िद बाल हठराज हठत्रिया हठसारे संसार में प्रसिद्ध हैंपर फूल की ज़िद की अभी तक अनदेखी हैइस ओर किसी की दृष्टि ही नहीं गईहमने…

‘स्पर्श हिमालय-2025’ महोत्सव में ‘कथेतर साहित्य : विचार और यथार्थ’ सत्र के कुछ दृश्य – (झलकियाँ)

‘लेखक गाँव’ देहरादून में ‘स्पर्श हिमालय-२०२५’ महोत्सव में ५.११.२०२५ को ‘कथेतर साहित्य : विचार और यथार्थ’ सत्र के कुछ दृश्य :

विश्व रंग 2025 मुंबई – (सूचना)

आमंत्रण विश्व रंग फाउंडेशन, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा ‘विश्व रंग 2025 आरंभ मुंबई’ का आयोजन 13 एवं 14 नवंबर 2025 को ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी सभागार, मुंबई विश्वविद्यालय, कलीना…

भानु नित्य भोर में – (कविता)

डॉ॰ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 🪷 भानु नित्य भोर में 🪷 भानु नित्य भोर में रश्मियाँ प्रसारता।भृंग बाग में सदा धुन मधुर सँवारता॥पेड़ नित्य झूमते बाँह नित पसारते।पुष्प…

सत्कर्म के डगर पर – (कविता)

डॉ॰ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 🌸 सत्कर्म के डगर पर 🌸 (दिग्पाल/ मृदुगति छंद) सत्कर्म के डगर पर, सुविचार हो हमारा।सद्भाव सत्य संबल, सन्मार्ग हो सहारा॥मधुरिम सदैव वाणी,…

मनुष्यता की तलाश में- ‘ऐसे-ऐसे लोग’ – (पुस्तक समीक्षा)

‘ऐसे-ऐसे लोग’ रवींद्र कात्यायन श्रीमद्भगवद्गीता में कहा गया है- ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’। यह है निष्काम कर्म का उपदेश जो गीता हमें सिखाती है। मनुष्य अपने कर्मों का फल प्राप्त…

माननीय डॉ रमेश पोखरियाल निशंक जी एवं हम सबका लेखक गांव – (रिपोर्ट)

जर्मनी से डॉ शिप्रा शिल्पी सक्सेना (अंतरराष्ट्रीय प्रवासी संयोजक, लेखक गांव) का लेखक गांव में अविस्मरणीय अनुभव कुछ पल, कुछ स्थल और व्यक्तित्व अविस्मरणीय होते है। ये वो पल है,…

बीते कल और आने वाले कल का समन्वय : अतिथियों ने कहा हिंदी को कोई खतरा नहीं – (रिपोर्ट)

वैश्विक हिंदी परिवार द्वारा हिंदीतर प्रदेशों के युवाओं के लिए आयोजित ऑनलाइन हिंदी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान पुणे, 10 नवंबर 2025 बार-बार हिंदी के खतरे की बात हो…

भाषा संस्कार की पहली बैठक संपन्न हुई – (रिपोर्ट)

9 नवंबर, 2025 रविवार को कीर्ति मोंटेसरी स्कूल, गुरुग्राम में भाषा संस्कार की पहली बैठक में पधारे प्रमुख भाषाविद और हिंदी अध्यापक – प्राध्यापक। दिल्ली से पधारे श्री वरुण कुमार,…

आह से ही तो उपजा था पहला गान – (वर्णमाला 2 – ब्लॉग)

आह से ही तो उपजा था पहला गान स्वरांगी साने आषाढ़ के किसी दिन बादल बरसे पर हुआ कुछ ऐसा कि वाह न निकली और मुँह से आह निकल गई!…

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