जहाँ में इक तमाशा हो गए हैं – (कविता)
जहाँ में इक तमाशा हो गए हैं जहाँ में इक तमाशा हो गए हैंहमें होना था क्या, क्या हो गए हैं नुमाइश कर रहे हैं ज़िन्दगी कीनज़ारा अच्छा ख़ासा हो…
हिंदी का वैश्विक मंच
जहाँ में इक तमाशा हो गए हैं जहाँ में इक तमाशा हो गए हैंहमें होना था क्या, क्या हो गए हैं नुमाइश कर रहे हैं ज़िन्दगी कीनज़ारा अच्छा ख़ासा हो…
कैसे भूला जा सकता है कैसे भूला जा सकता हैIIभारत माँ का अनोखा प्यारमाँ के बच्चे थे बड़े मिलनसारढूँढ़ता हुआ हिंदी ज्ञान का सागरज्ञान के साथ ही पाया अपारख़ुशी से…
कोई लहर समुन्द्र की कौन सी लहरहमें ले जाएगी किनारेकौन सा किनाराहमें थाम लेगामट्टी का कौन-सा हिस्सा हमेंजकड़ लेगाहम नहीं जानतेन ही जानना चाहते हैंक्योंकि जान नहीं पाएंगेबस यही चाहते…
समझदार लोग लोग हैं लोगलोग हैं समझदारसमझदार लोग उठाते हैं आवाजेंउठ रही हैं हर तरफ से आवाजेंपर उठ नहीं रहे हैं लोगजो उठा रहे हैं आवाजेंक्योंकि लोग हैं समझदारऔर समझदार…
ज्योति गीत हों सहस्त्र ज्योति दीप, हों सहस्त्र ज्योति कण,हों सहस्त्र ज्योति गीत, हों सहस्त्र ज्योति क्षण, थिरकते हों ज्योति स्वर, काल के अवशेष पर,महकते हों पारिजात, ज्योति रश्मि केश…
हिन्दी भाषा हिन्दी है मेरी अनमोल प्यारी मातृभाषाबने सबकी अभिव्यक्ति की साख ऐसी अभिलाषाटोक्यो की हिन्दी सभा शिविर में आकर ये विचार आयाकरे हिन्दी के उत्थान के लिए कुछ ये…
इस देश में बसंत बैठ मुंडेर पर निहार रहा हैपथिक भ्रांत दृश्य एक सामने उसके रचा हुआ हैरचनाकार का बसंत विशेष दिवास्वप्न-सा आगंतुक अविचल हैऋतुराज का दृश्य नवल नवीनमानो शाख…
कवियों का स्वर्ग (थाईलैंड के महान कवि राजकुमार बिद्यालोंकॉर्न द्वारा रचित “सूअंक सवान छन कवी” शीर्षक थाई कविता से प्रेरित है) कवियों का स्वर्ग है अत्यंत सुन्दरजहाँ चमक रत्नों से…
थाईलैंड के महान कवि सुन्दरभू और अनूदित कविता “सुन्दरभू” थाईलैंड के सबसे महान कवियों में से एक हैं। उनका जीवनकाल सन् 1786 से 1855 तक रहा था। उस समय थाईलैंड…
रावण का मन (लोबबुरीरद रचित “चाई थोसकन” शीर्षक थाईलैंड का एक लोकप्रिय गीत का हिंदी अनुवाद) मोहब्बत हुई दिल खुश हुआमोहब्बत खत्म हुई दिल दर्द हुआयाद क्यों न करतामोहब्बत से…
असंभव… (फयोंग मुकदा रचित “पेन पाई माय डाय” शीर्षक थाईलैंड का एक लोकप्रिय गीत का हिंदी अनुवाद) अगर रावण की तरह मेरे दस चेहरे होंदसों चेहरों को मुड़कर तुम्हारे लिए…
विज्ञान व्रत की ग़ज़लें -एक- मैं था तनहा एक तरफ़और ज़माना एक तरफ़ तू जो मेरा हो जातामैं हो जाता एक तरफ़ अब तू मेरा हिस्सा बनमिलना-जुलना एक तरफ़ यों…
विज्ञान व्रत जन्म-तिथि : 17 अगस्त 1943 जन्म-स्थान : तेड़ा (मेरठ) उ प्र शिक्षा : M A ललित कला, B. Ed, डिप्लोमा — चित्रकला (राजस्थान) सम्प्रति : लेखन तथा चित्रकला…
वसन्त तो आ चुका है पक रहा है मौसमअमराइयाँ खदक रही हैं मीठी आँच परतितलियों पर मढ़ा हुआ सोनाचम-चम चमक रहा हैचंगुलों में लौट आयी हैं सुगंधियाँ;पूरे उफान पर है-नुचे…
दलदल के फूल मैंग्रूव के जंगलों में छितरायीअनगढ़ और भयावनी दुनियाबदलती रहती हैहर घण्टे अपना चेहरापीछे से समन्दर भीमैदान बदल-बदल करखेलता रहता हैलहरों के खेल… सरकण्डों और मिट्टी के सहारे…
कमीज़ कमरे की दीवार परखूँटी से झूलती कमीज़मेरी अपनी पहचान हैगोकि मसक गयी है जगह -जगह सेपर वर्षों बाद भी उतरा नहीं है इसका कड़क रंग बनिये की पुरानी उधारीऔर…
सबसे सुंदर लड़की सबसे सुंदर लड़कीकाँपती रहीलहरों में-थर-थरसिवार सी,सिहरती रहीआर्द्र दूब परनंगे पाँव। तिनके-तिनकेबहती रहीबारिशों मेंवक्त बे वक़्त;फेरती रहीआँख-हर मुस्कुराहट से,खींचती रहीहाथ-दोस्तों के हाथों से,डरती रही-परदेसी आसमानों से,प्रेमविह्वलपंछियों से। सबसे…
स्त्रियाँ स्त्रियाँ पागल रहती हैं-किसी न किसी प्रतीक्षा में;यही नहीं कि बाहर गये लोग कब लौटेंगे वापसया कब कोई अतिथि दे देगा दस्तक द्वार परबल्कि स्त्रियाँ कुछ-कुछ पंछियों की तरह…
झिमिर झिम- झिम… जोड़ टूटे, बंद टूटे,बदलियों के छंद टूटे झिमिर झिम- झिम…झिमिर झिम- झिम… प्रात सावन, रात सावन,गूँध प्यासे गात सावन,पड़ गयी छोटी यवनिका-और रेशम कात सावन, झिमिर झिम-…
कोए से दिन फिर आएरेशम केकोए से दिन … धूप की नदीजैसेपिघला पीला संगमरमर,छायाएँलगी काँपनेडोंगियों सी ज़मीन पर,पानी-सा मन –सोने के साँपों के पोए से दिन… हर सम्मोहनटूटासूरज का जैसे…