जापान के एनिमेशन और कार्टून
रीसा काईतो द्वितीय वर्ष ओसाका विश्वविद्यालय जापान के एनिमेशन और कार्टून पूरी दुनिया में लोकप्रिय हैं। जापान में हर साल अनेक एनिमेशन और कार्टून बनाए जाते हैं। जापान के एनिमेशन…
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रीसा काईतो द्वितीय वर्ष ओसाका विश्वविद्यालय जापान के एनिमेशन और कार्टून पूरी दुनिया में लोकप्रिय हैं। जापान में हर साल अनेक एनिमेशन और कार्टून बनाए जाते हैं। जापान के एनिमेशन…
मासुगा सुजी द्वितीय वर्ष ओसाका विश्वविद्यालय जापान में फिल्म संस्कृति का एक लंबा इतिहास है। जापान में पहला सिनेमा घर योकोहामा में बनाया गया था। इससे लोगों को फिल्में देखने…
मोएका ताकेदा तृतीय वर्ष, ओसाका विश्वविद्यालय मेरा नाम मोएका ताकेदा है। मैं बीस साल की एक जापानी लड़की हूँ। मैं आईची प्रिफेक्चर से हूँ। अब मैं ओसाका में रहती हूँ।…
सासाकी यूज़ूकी तृतीय वर्ष, ओसाका विश्वविद्यालय मैंने जापान में दो प्रिफ़ेक्चर में अकेले ही यात्रा की। इस के बारे में मैं लिखूँगी। इस मई को कूमामोतो के आसो नामक स्थान…
माओ ओनिशी एम ए, अर्थशास्त्र, दुनिया में अनेक-अनेक तरह के काम हैं। किसी के लिए सफाई करना एक काम है, जबकि किसी के लिए गाना गाना भी काम हो सकता…
अनुवाद के साथ मेरा राब्ता कुछ दस साल पहले हुआ, जब मैंने रेडियो रूस में बतौर अनुवादक और उद्घोषक काम शुरू किया था। बावजूद इसके कि हिंदी और रूसी भाषाएँ…
मूल लेखक – व्लादिमीर व्लादिमीरोविच नाबोकोव (मूल अँग्रेज़ी से अनुवाद – प्रगति टिपणीस) इतने सालों में चौथी बार वे फिर इस बात पर सिर खपा रहे थे कि उस नौजवान…
(मूल भाषा रूसी से अनुवाद – प्रगति टिपणीस) अख़रोट- लियोनिद निकोलायेविच आंद्रेयेव एक समय की बात है। हरे-भरे एक जंगल में एक बहुत सुंदर गिलहरी रहती थी जिसे हर कोई…
(1) असहिष्णु चुप थी गंगा सदियों से तो बड़ी भली थी लगी बोलने जब से दुनिया है अचरज में। कितना बड़ा अनर्थ हो रहा है भूतल पर! दासी देती है…
(कहानीकार – वस्येवलद गार्शिन) (रूसी भाषा से हिंदी में अनुवाद – प्रगति टिपणीस) I. – महाराजाधिराज पीटर प्रथम के आदेश पर मैं इस पागलख़ाने के मुआयने का ऐलान करता हूँ!…
कौन देश को वासी, वेणु की डायरी – डॉ. जयशंकर यादव) प्रवासी भारतीय होना भारतीय समाज की महत्वाकांक्षा भी है,सपना भी है,कैरियर भी है और सब कुछ मिल जाने के…
सुना था कि हवाएँ मौसम का रुख़ बदलती हैं, हमारी सोच के मौसम का भी, समाज के मौसम का भी। आजकल सुबह होते ही फ़ोन पर दिन का मौसम देखने…
6 जून 1799 को पूश्किन का जन्म हुआ, उन्हें उम्र 37 साल की मिली। यह उम्र अंकों में छोटी लगती है लेकिन किए गए काम कहते हैं कि वह सार्थक…
आजकल दुनिया निरंतर सिमटती जा रही है और लोग बेहतर काम और जीवन की तलाश में न सिर्फ़, अपना गाँव और शहर बदलते रहते हैं हैं बल्कि देश और महाद्वीप…
सुबह तेज़ बारिश हो रही थी, हवा भी तेज़ थी। आभास था कि दिन सुस्त और बादलों से घिरा रहेगा। फिर पता चला कि शहर के केंद्र में उसकी कुछ…
परिवर्तन ही सृष्टि के चालक हैं। कई सदियाँ बोल रही थीं, परिवर्तन की कहानी कह रही थीं और हमारे जैसे सैलानियों का समूह जो अपने शहर यानी मॉस्को को बेहतर…
मौसम कैसे भी करवट क्यों न ले, वसंत गर्माहट लाने में देर करे या घोड़े पर सवार हो कर आए; विलो (Willow) प्रजाति का एक पेड़ है जो रूसी भाषा…
ताल को जाती ढलान पर दूब की मख़मली क़ालीन बिछ गई है। सारा वातावरण वसंत की तस्वीर बना हुआ था, मैं उसका रसपान करते-करते अपने ख़यालों में लीन चली जा…
ख़ाकी पोशाकें और भारी फ़ौजी बूट पहने धूल से पूरी तरह लथपथ वे अपने ख़ेमों की ओर लौट रहे थे। उनके चेहरे बता रहे थे कि मन में बहुत उथल-पुथल…
प्रणव बाबू अकेले रहते थे। उनकी पत्नी का देहांत हुए दो साल हो गए थे। उनके बच्चे दुनिया के दो कोनों में रहते थे – अमरीका और ऑस्ट्रेलिया। हालाँकि भारत…