Category: विधा

‘कौन देस को वासी : वेणु की डायरी’ उपन्यास का एक अंश – ‘शफल इट + शेक इट = जिंदगी’

शफल इट + शेक इट = जिंदगी – सूर्यबाला एकदम शुरूआत में मैंने कभी कहा है न, कि हम घर नहीं, एक सपने में रहा करते थे।… यानी हमारे पास…

‘कौन देस को वासी : वेणु की डायरी’ उपन्यास का एक अंश – ‘मां की डायरी’

मां की डायरी –सूर्यबाला आवाजें आ रही हैं…. चले गए सब। वेणु, मेधा, बेटू और साशा¬ वृंदा, विशाखा, दिवांग और दूर्वा भी…. अब सिर्फ आवाजें गूंज रही हैं।… बेटू ऊब…

‘कौन देस को वासी : वेणु की डायरी’ उपन्यास का अंश – ‘रिश्तों के सिलेबस में…’

‘रिश्तों के सिलेबस में…’ – सूर्यबाला ‘हेलो… वेणु… बेटे!‘ पहली बार मां की आवाज जैसे बहुत दूर से आती लगी… और थकी हारी भी। कुछ ऐसे जैसे कभी का देखा,…

‘कौन देस को वासी : वेणु की डायरी’ का उपन्यास अंश – ‘योगी बॉस’

‘योगी बॉस’ – सूर्यबाला चिल्ड, बियर की झाग भरी ग्लास के साथ, सामने काउच पर पालथी मारकर बैठा यह क्या बेटू ही है? यानी पिछले ढाई महीनों में, बैठने-बोलने का…

शैलजा सक्सेना की कविताएँ

1. चिड़िया का होना ज़रूरी है! पेड़ पर फुदकती है चिड़िया पत्ते हिलते, मुस्कुराते हैं, चिड़िया पत्तों में भरती है चमक, डाली कुछ लचक कर समा लेती है चिड़िया की…

थाईलैंड में हिंदी

थाईलैंड में हिंदी थानाभद आजकल भारतीय सभ्यता सर्वव्यापी उपलब्ध है क्योंकि प्राचीन काल में मूल भारतीय निवासी दुनिया भर में भ्रमण करते थे इसलिए वर्तमान में हम देख सकते है…

आश्चर्य का प्रतीक – सीगीरिय (श्री लंका)

आश्चर्य का प्रतीक – सीगीरिय एम्. एम्. नयना कुमारि

सिंहली संस्कृति

सिंहली संस्कृति एम. नधीरा शिवंती ऐसा विश्वास किया जाता है कि राजकुमार विजय और उसके 700 अनुयायी ई. पू. 543 में श्रीलंका में जहाज से उतरे थे। ये लोग “सिंहल”…

श्रीलंका के साहित्यकार

श्रीलंका के साहित्यकार एम. नधीरा शिवंती सभी देशों में उन देशों के साहित्य, साहित्यकारों के कारण जाने जाते हैं। श्रीलंका छोटा द्वीप है। फिर भी देश का साहित्य दुनिया के…

श्रीलंका का इतिहास

श्रीलंका का इतिहास एम. नधीरा शिवंती इतिहासकारों में इस बात की आम धारणा थी कि श्रीलंका के आदिम निवासी और दक्षिण भारत के आदिम मानव एक ही थे। पर अभी…

श्री लंका का संगीत

श्री लंका का संगीत एम. नधीरा शिवंती लोक संगीत जाति-आधारित लोक कविताएँ, जन कवि, व्यक्तिगत समूहों के बीच साझा किए गए सांप्रदायिक गीत के रूप में उत्पन्न हुई। आज, वे…

श्री लंका के अनुराधपुर युग की भाषा एवं साहित्य

श्री लंका के अनुराधपुर युग की भाषा एवं साहित्य एम. नधीरा शिवंती अनुराधपुर युग श्री लंका प्राचीन इतिहास का पहला और महत्वपूर्ण युग है। श्री लंका का स्वर्ण युग भी…

एम. नधीरा शिवंती

नाम : एम. नधीरा शिवंती जन्म स्थान : कोलंबो शिक्षण : बी. ए. (श्री जयवर्धनपुर विश्वविद्यालय, नुगेगोडा, श्री लंका), एम. ए. (केलनीय विश्वविद्यालय, श्री लंका), हिन्दी विशारद (दक्षिण भारत हिन्दी…

वन-गीत – (नाटक) – लेस्या उक्राईंका

उक्राइनी से अनुवाद – यूरी बोत्वींकिन

अंतिम लीला – (नाटक) – यूरी बोत्वींकिन

अंतिम लीला भूमिका इस नाटक के पात्रों में हिंदू देवी-देवताओं के साथ कुछ स्लाविक पौराणिक ईसाईपूर्व देव-देवता भी हैं, जिनका ऐतिहासिक आधार हिंदू चरित्रों की तुलना में कहीं कम प्रमाणित…

गौतम सागर की कविताएँ

1. मैंने बिकना अभी नहीं सीखा जैसा बाज़ार का माहौल है, वैसा रंग बदलना अभी नहीं सीखा, दुःख में शामिल होकर, अपना उल्लू सीधा करना अभी नहीं सीखा, यारों का…

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