Category: भारतीय रचनाकार

आह से ही तो उपजा था पहला गान – (वर्णमाला 2 – ब्लॉग)

आह से ही तो उपजा था पहला गान स्वरांगी साने आषाढ़ के किसी दिन बादल बरसे पर हुआ कुछ ऐसा कि वाह न निकली और मुँह से आह निकल गई!…

कालिदास की कला और सौन्दर्य दृष्टि – (रिपोर्ट)

कालिदास की कला और सौन्दर्य दृष्टि नर्मदा प्रसाद उपाध्याय किसी गीत की लय का, दीप्तिमान लौ में ढलना स्वयं कला का कालिदास हो जाना है। कालिदास इसी अलौकिक चमत्कार के…

बात छोटी सी – (कहानी)

बात छोटी सी नोरिन शर्मा आज शीतल और वरुण की पच्चीसवीं शादी की सालगिरह है। वरुण ने न तो कभी जन्मदिन मनाया और न ही कभी शादी की सालगिरह…! अंग्रेज़ों…

 ‘अ’ से शुरू हुई एक अधूरी यात्रा… – (वर्णमाला -1) – (ब्लॉग)

‘अ’ से शुरू हुई एक अधूरी यात्रा स्वरांगी साने अभी उसने अपनी बात पूरी भी नहीं की थी, बात क्या, जो वह कह रही थी, उतना शब्द भी पूरा नहीं…

विवेक रंजन चतुर्वेदी – (परिचय)

विवेक रंजन चतुर्वेदी वरिष्ठ व्यंग्यकार, स्वतंत्र लेखक (हिंदी व अंग्रेजी) २८ जुलाई १९५९ में मण्डला के एक साहित्यिक परिवार में जन्म। माँ – स्व दयावती श्रीवास्तव (सेवा निवृत प्राचार्या) पिता…

पहचाना आप ने? – (ब्लॉग)

पहचाना आप ने? विवेक रंजन श्रीवास्तव पहचाना आप ने? अरे कैसी बात करते हैं, आप भी! संकोच में ऐसा कह चुकने के बाद, वे बातों बातों में वह सूत्र ढूंढते…

डॉ. आनंद कुमार स्वामी के लिए कला का अर्थ – (ब्लॉग)

डॉ. आनंद कुमार स्वामी के लिए कला का अर्थ नर्मदा प्रसाद उपाध्याय डॉक्टर आनंद कुमार स्वामी के लिए कला का अर्थ है, उसका जीवन से एकाकार होना और केवल अपने…

धन्वंतरि – (ब्लॉग)

धन्वंतरि नर्मदा प्रसाद उपाध्याय वास्तव में अमृत देह की अनश्वरता से नहीं देह के आरोग्य से जुड़ा है। जब तक देह रहे आरोग्यवान रहे। वास्तव में आरोग्य ही अमृत है,…

मुस्लिम परिवार की दुर्दशा को दर्शाता अनवर सुहैल का उपन्यास ‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ – (पुस्तक समीक्षा)

‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ दिनेश कुमार माली, तालचेर,ओड़िशा यह ध्रुव सत्य है कि हमारे लेखन में आजकल वह ताकत नहीं रही, जो हमारे अलग-अलग धर्मों वाले देश में…

‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’ संपादित संग्रह – (पुस्तक समीक्षा)

मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध अनीता वर्मा प्रतिष्ठित हिंदी प्रेमी व पूर्व में मॉरीशस में दूतावास में अधिकारी के रूप में कार्यरत सुनीता पाहुजा की नवीनतम पुस्तक ‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’…

भारतीय विज्ञापन जगत के सरताज : पीयूष पांडे – (श्रद्धांजलि)

पीयूष पांडे डॉ. रेखा सेठी (2012 में मेरी एक पुस्तक आई थी, ‘विज्ञापन डॉट कॉम’। इसका एक अंश विज्ञापन जगत की प्रमुख हस्तियों, प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और विशिष्ट विज्ञापनों पर…

प्रकृति हमारी नहीं है, हम प्रकृति के हैं – (ब्लॉग)

प्रकृति हमारी नहीं है, हम प्रकृति के हैं ©डॉ महादेव एस कोलूर लोकताक झील, मणिपुर की सबसे बड़ी ताजा पानी की झील है, जो लगभग 250 वर्ग किलोमीटर में फैली…

‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह – (पुस्तक समीक्षा)

‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह आज के प्रतिस्पर्धात्मक व जटिल दौर में जी रहे मानव के विभिन्न स्तरों पर टूटते, दरकते व खंडित होते जीवन मूल्यों के ऐसे चित्र प्रस्तुत…

कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन श्री पीएम प्रसाद के जीवन के अनेक अनछुए प्रसंग – (संस्मरण)

श्री पीएम प्रसाद दिनेश कुमार माली जब भी श्री पी.एम.प्रसाद साहब का नाम चर्चा में आता है तो आंखों के सामने उभर आती है एक सौम्य भाव लिए बुद्ध प्रतिमा।…

बाल विकास में संगीत की भूमिका – (ब्लॉग)

बाल विकास में संगीत की भूमिका डॉ महादेव एस कोलूर संगीत सदियों से मानव संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है, जो मनोरंजन, अभिव्यक्ति और जुड़ाव का एक माध्यम रहा…

स्मिता पाटिल – (आज जिनका जन्मदिन है)

स्मिता पाटिल रजनीकांत शुक्ला स्मिता पाटिल का जन्म 17 अक्टूबर, 1955 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था। वे हिन्दी फ़िल्मों की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। उन्होंने अपने सशक्त अभिनय से समानांतर…

भारत-मंगोलिया के बीच बौद्ध विरासत का आदान-प्रदान: पीएम मोदी की महत्वपूर्ण घोषणा – (ब्लॉग)

भारत-मंगोलिया के बीच बौद्ध विरासत का आदान-प्रदान: पीएम मोदी की महत्वपूर्ण घोषणा ~ विजय नगरकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मंगोलिया के प्रधानमंत्री उखनागिन खुरेलसुख के साथ द्विपक्षीय…

इंसानियत तलाशता अनवर सुहैल का उपन्यास ’पहचान’ – (पुस्तक समीक्षा)

इंसानियत तलाशता अनवर सुहैल का उपन्यास ’पहचान’ दिनेश कुमार माली, तालचेर, ओड़िशा हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार अनवर सुहैल का बहुचर्चित उपन्यास ‘पहचान’ सन् 2022 में न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन्स, नई दिल्ली…

उत्तर भारत में मराठी पत्रकारिता के जनक : र. वि. शिरढोणकर – (आलेख)

उत्तर भारत में मराठी पत्रकारिता के जनक : र. वि. शिरढोणकर अलकनन्दा साने जिस कालखंड में बाल गंगाधर तिलक, विष्णु शास्त्री चिपळूनकर जैसे दिग्गज पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत थे,…

श्री ब्रजेन्द्रकुमार सिंहल की कृति ‘महायोगिराज गोरखनाथ’ – (पुस्तक समीक्षा)

‘महायोगिराज गोरखनाथ’ नर्मदा प्रसाद उपाध्याय संसार में गुरु गोरखनाथ ऐसे बिरले उदाहरण हैं जिन्होंने अपने गुरु मत्स्येंद्रनाथ को सन्मार्ग दिखलाया। वे नाथ परंपरा की उज्ज्वल मणि हैं जिनके समूचे व्यक्तित्व…

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