Month: April 2026

चेतना इंडिया साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था (पंजी.) के तत्वावधान में “व्यंग्य साहित्य” गोष्ठी का भव्य आयोजन सम्पन्न

चेतना इंडिया साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था (पंजी.) के तत्वावधान में “व्यंग्य साहित्य” गोष्ठी का भव्य आयोजन सम्पन्न दिनांक 11.04.2026 को नई दिल्ली के रायसीना हिल्स के मध्य स्थित प्रतिष्ठित…

वैश्विक हिन्दी परिवार द्वारा आयोजित “अंतरराष्ट्रीय लघुकथा संगोष्ठी” सम्पन्न

वैश्विक हिन्दी परिवार द्वारा आयोजित “अंतरराष्ट्रीय लघुकथा संगोष्ठी” सम्पन्न वैश्विक हिंदी परिवार द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय लघुकथा संगोष्ठी अत्यंत सफल, गरिमामय और प्रेरणादायी रूप में संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रिटेन…

जीवन की मूल धारा (कविता)

जीवन की मूल धारा (कविता) जन्म लेने पर रोनादुनिया से जाते हुए दुखी होनाइस लम्बे अंतराल में होती हैएक लम्बी यात्रायात्रीगण रहते हैं क़तार मेंउधेड़ते -बुनते हुए अपने आप कोक्षणिक…

“अपने अपने बुर्ज ख़लीफ़ा“ (पुस्तक-परिचय)

“अपने अपने बुर्ज ख़लीफ़ा“ (पुस्तक-परिचय) हर व्यक्ति के जीवन के कुछ महत्वपूर्ण प्रतिमान होते हैं और वह उन तक पहुँचने की क्षमता का विकास किस प्रकार से कर सकता है…

पुनर्जन्म का आधार कार्ड (व्यंग्य)

पुनर्जन्म का आधार कार्ड (व्यंग्य) बेलतारा गांव के राजनीति विशारद ‘लल्लन बाबू’ ने जब इस बार प्रधानी का बिगुल फूँका, तो उन्होंने ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘मुफ्त बिजली’ के घिसे-पिटे वादों…

हवालात-ए-हुस्न (व्यंग्य)

हवालात-ए-हुस्न (व्यंग्य) जैसे ही मैंने थाने के हवालात-ए-हुस्न में कदम रखा, वहां की आबोहवा में न्याय की खुशबू कम और थर्ड डिग्री की महक ज्यादा थी। दरोगा जी अपनी कुर्सी…

दुख-विनिमय केंद्र (व्यंग्य)

दुख-विनिमय केंद्र (व्यंग्य) चंदनपुर गांव के महान रणनीतिकार ‘झपटल बाबू’ ने जब इस बार प्रधानी का पर्चा भरा, तो उन्होंने विकास के सारे पुराने मापदंडों को खूँटी पर टांग दिया।…

स्मार्ट-गोबर (व्यंग्य)

स्मार्ट-गोबर (व्यंग्य) रामपुरिया गांव के स्वयंभू वैज्ञानिक ‘गबड़ू लाल’ ने जब प्रधानी के चुनाव में कदम रखा, तो उन्होंने पारंपरिक विकास की बलि चढ़ा दी। उनका चुनावी मुद्दा था—’गोबर का…

अपने अपने ठीया (कविता)

अपने अपने ठीया (कविता) युद्ध कभी अकेले नहीं लड़े जातेदूसरे का होना बहुत जरूरी है ।अकेले तो स्वयं से भी नहीं लड़ा जातावहाँ भी एक मन के दो टुकड़े होते…

डिजिटल उपवास (व्यंग्य)

डिजिटल उपवास (व्यंग्य) धरमपुरा गांव के स्वघोषित समाजशास्त्री ‘फरेब सिंह’ ने जब प्रधानी के चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की, तो उन्होंने गांव वालों को एक नया और डरावना सपना…

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के प्रांगण में तीन दिवसीय “अयोध्या पर्व” का भव्य आयोजन सम्पन्न

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के प्रांगण में तीन दिवसीय “अयोध्या पर्व” का भव्य आयोजन सम्पन्न दिनांक 03.04.2026 से 05.04.2026 की समयावधि के दौरान नई दिल्ली के ऐतिहासिक मार्ग जनपथ…

काव्यांजलि : हिंदी, ओड़िया और बांग्ला काव्य-संगम “गंगा-कावेरी संवाद शृंखला”

काव्यांजलि : हिंदी, ओड़िया और बांग्ला काव्य-संगम“गंगा-कावेरी संवाद श्रृंखला” दिनांक 29 मार्च 2026 को विश्व हिंदी सचिवालय, केंद्रीय हिंदी संस्थान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद, वातायन, भारतीय भाषा मंच, हिंदी राइटर्स गिल्ड…

“एक शाम : विश्व शांति के नाम” संगोष्ठी का भव्य आयोजन सम्पन्न

“एक शाम : विश्व शांति के नाम” संगोष्ठी का भव्य आयोजन सम्पन्न माननीय डॉ रमेश पोखरियाल ‘ ‘निशंक जी की अध्यक्षता एवं जर्मनी से डॉ शिप्रा शिल्पी के संयोजन में…

प्रवासी भवन में हिंदी भाषा प्रेमियों के ज्ञानार्जन हेतु एक विशेष चर्चा का आयोजन सम्पन्न

प्रवासी भवन में हिंदी भाषा प्रेमियों के ज्ञानार्जन हेतु एक विशेष चर्चा का आयोजन सम्पन्न दिनांक 02.04.2026 को नई दिल्ली के आईटीओ क्षेत्र के निकट दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित…

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