छोटी छोटी बातें – (कविता)

छोटी छोटी बातें छोटी छोटी बातों में, कितना सुख समाया है !उनकी वो मुस्कुराहट, उनके आने की आहट,छोटी सी पाती में किसका सन्देसा आया है ?छोटी छोटी बातों में…. नन्हे…

माँ – (कविता)

माँ माँ बनकर ही मैंने जाना,क्या होता है माँ का प्यार।जिस माँ ने अनजाने ही,दे दिया मुझे सारा संसार॥ गरमी से कुम्हलाये मुखपर भी जो जाती थी वार।शीत भरी ठंडी…

मेरे जीवन का कैनवास – (कविता)

मेरे जीवन का कैनवास मेरे जीवन के कैनवास पर तुमने जो चित्र अंकित किया हैउसमें समय-समय पर कई-कई रंग बिखरते गए हैं एक दीर्घ समय तक का हमारा साथ,और उस…

अभिशप्त – (कविता)

अभिशप्त पृथ्वी को केन्द्र मानकर,चाँद उसके चारों तरफ़घूमता रहता है। और स्वयं पृथ्वी भी तोविशाल विस्तृत पृथ्वी,शस्य-श्यामला पृथ्वी,रत्नगर्भा पृथ्वी, सूर्य केचारों ओर घूमती रहती है-बाध्य सी,निरीह सी,अभिशप्त सी। फिर भी,…

मैं और मेरी कविता – (कविता)

मैं और मेरी कविता कभी कभी मुझे ऐसा होता है प्रतीत,कि मेरी कविताओं का भीबन गया है अपना व्यक्तित्व । वे मुझे बुलाती हैं,हँसाती हैं, रुलाती हैं,बहुत दिनों तक उपेक्षित…

बँधे-बँधे लोग – (कविता)

बँधे-बँधे लोग खुला आकाश,दूर-दूर तक फैली धरती,स्वच्छंद समीरणऔर बँधे-बँधे लोग। भले-बुरे विभिन्न कार्य-कलाप करते हुये,अपने-अपने अहम् के सूत्र से बँधे लोग।अपने से सशक्त देखा,उनकी परिधियों सेस्वयं को भी बाँधने लगे…

बीते ऐसे दिन – (कविता)

बीते ऐसे दिन बीते ऐसे दिन बहुतेरे।बीते दिन बीती रातों में,सुधियों के बढ़ते से घेरे।बीते ऐसे दिन बहुतेरे॥ बचपन के सुन्दर सपनों मेंछिपा हुआ सुखमय संसार।सहजप्राप्य अभिलाषाओं मेंभरा हुआ सुख-चैन…

आकांक्षा – (कविता)

आकांक्षा थक चले हैं पाँव, बाहें माँगती हैं अब सहारा।चहुँ दिशि जब देखती हूँ, काम बिखरा बहुत सारा॥ स्वप्नदर्शी मन मेरा, चाहता छू ले गगन को,मन की गति में वेग…

समय का वरदान! – (कविता)

समय का वरदान! बदल जाता समय-संग ही प्यार का प्रतिमान।समय का वरदान ! साथ था उनका अजाना, वह समय कितना सुहाना।एक अनजाने से पथ पर, युव पगों का संग उठना॥…

हेर्ड्रिक मार्समैन की कविता – (अनुवाद)

डच कवि : हेर्ड्रिक मार्समैन अनुवाद : ऋतु शर्मा ननंन पांडे Trecht na uw vijftigste jaar Langzaam te leren,dat het goed isAls de bladeren vallenDe sterken worden danToch nog niet…

हेर्ड्रिक मार्समैन – (परिचय)

हेर्ड्रिक मार्समैन हेर्ड्रिक मार्समैन 20 वीं शताब्दी के सबसे प्रसिद्ध डच कवियों में से एक हैं उनकी कविताएँ डच साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखतीं हैं। इनका जन्म 30 सितंबर…

खबर अरमीनिया से – (रिपोर्ट)

खबर अरमीनिया से अरमीनिया में भारत की राजदूत नीलाक्षी एस. सिन्हा ने 17 सितंबर 2024 को ‘लीडऱ शिप’ स्कूल के छात्रों को संबोधित किया। उद्घाटन सत्र में छात्रों को संबोधित…

खबर मोल्डोवा से – (रिपोर्ट)

खबर मोल्डोवा से भारत व मोल्डोवा के बीच में द्विपक्षीय वार्ता न्यूयार्क में भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर व मिहाई पोपसोई (Mihai popsoi) मोल्दोवा गणराज्य की संसद के उपाध्यक्ष…

शिक्षा मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित हिंदी कार्यशाला – (रिपोर्ट)

शिक्षा मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित हिंदी कार्यशाला शिक्षा मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग (फिजी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हिंदी कार्यशाला अत्यंत सफल रही। इस कार्यशाला में केंद्रीय क्षेत्र…

ऑस्ट्रेलिया में हिंदी दिवस का आयोजन – (रिपोर्ट)

ऑस्ट्रेलिया में हिंदी दिवस का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में विद्या भवन ऑस्ट्रेलिया और भारतीय साहित्य और कला संस्था, ऑस्ट्रेलिया (इलासा इंकॉर्पोरेटेड) के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर कविता और कहानी प्रतियोगिता का…

भारत अध्ययन केंद्र, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय प्रवासी समुदाय संबंधी एक पाठ्यक्रम – (सूचना)

भारत अध्ययन केंद्र, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय प्रवासी समुदाय संबंधी एक पाठ्यक्रम नमस्ते साथियो, भारत अध्ययन केंद्र, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय प्रवासी समुदाय संबंधी एक पाठ्यक्रम प्रारंभ किया…

रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में ‘एशिया फेस्ट’ का आयोजन – (रिपोर्ट)

रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में ‘एशिया फेस्ट’ का आयोजन रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में ‘एशिया फेस्ट’ का आयोजन वैश्विक स्तर पर किया गया । इस आयोजन का मूल उद्देश्य प्राच्य…

ओणम त्यौहार मॉल्डोवा में – (रिपोर्ट)

ओणम त्यौहार मॉल्डोवा में पिछले दिनों मोल्दोवा के “निकोले टेस्टेमिसानु स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन एंड फार्मेसी “में ओणम महोत्सव मनाया गया। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हुए जिनकी सभी…

डाक टिकट : दो देशों की दोस्ती को जोड़ने वाला एक सांस्कृतिक पुल – (रिपोर्ट)

डाक टिकट : दो देशों की दोस्ती को जोड़ने वाला एक सांस्कृतिक पुल रोमानिया ने डाक टिकट जारी किया डाक टिकट, सदैव से ही दो देशों की दोस्ती को जोड़ने…

फीजी द्वीप में मेरे 21 वर्ष – (समीक्षा)

फीजी द्वीप में मेरे 21 वर्ष सुभाषिनी लता कुमार पं. तोताराम सनाढ्य भारत से 1893 में एक करारबद्ध मजदूर के रूप में फीजी लाए गए थे। आपका जन्म 1876 में…

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