Author: वैश्विक हिंदी परिवार

महिला दिवस पर वैश्विक हिंदी परिवार, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद् व पंडित तिलक राज शर्मा स्मृति न्यास के तत्वावधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए आठ विदुषी महिलाओं को सम्मानित किया गया – (रिपोर्ट)

महिला दिवस पर वैश्विक हिंदी परिवार, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद् व पंडित तिलक राज शर्मा स्मृति न्यास के तत्वावधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए आठ विदुषी महिलाओं को सम्मानित किया गया…

कविता का दूसरा ‘ॐ शांति साहित्य गौरव सम्मान-2025’ उदयपुर की आशा पाण्डेय ओझा को – (रिपोर्ट)

कविता का दूसरा ‘ॐ शांति साहित्य गौरव सम्मान-2025’ उदयपुर की आशा पाण्डेय ओझा को शनिवार, 8 मार्च, 2025 को महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज…

महिला दिवस पर विशेष प्रस्तुति – (दिन_विशेष)

संपादकीय वक्तव्य वो महकती सी लड़की,और नुक्कड़ की अम्माखुद से ही खुद को सवाल पूछती हैसवालों में अपने जबाब ढूँढती हैवो लड़कियाँ और तितलियाँवो रंग बिरंगी मछलियाँवो सड़कें पगडंडियाँवो अल्हड़…

रमा पूर्णिमा शर्मा – (परिचय)

डॉ रमा पूर्णिमा शर्मा जन्म : जालंधर, पंजाब निवास : टोक्यो जापान विधाएं : कविता, कहानी, हाइकु, लेख, लघुकथा, उपन्यास कार्य : हिंदी और पंजाबी का प्रचार प्रसार, भारतीय संस्कृति…

प्रो. कुमुद शर्मा महात्मा गाँधी अन्तराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति नियुक्त – (सूचना)

प्रो. कुमुद शर्मा महात्मा गाँधी अन्तराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति नियुक्त प्रो. कुमुद शर्मा महात्मा गाँधी अन्तराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति नियुक्त हुईं हैं। उन्हें वैश्विक हिंदी परिवार…

राजभाषा हिंदी प्रचार प्रसार में एण्ड्राइड मोबाइल की भूमिका

राजभाषा हिंदी प्रचार प्रसार में एण्ड्राइड मोबाइल की भूमिका – विजय प्रभाकर नगरकर आधुनिक तकनीकी विकास के साथ भाषा का विस्तार भी धीरे धीरे बढ़ रहा है। । सूचना प्रौद्योगिकी…

दीर्घ सन्धि की कहानी – (कविता)

दीर्घ सन्धि की कहानी आगे-आगे थी विद्यापीछे-पीछे था आलयदोनों अपनी अपनी साइकिल चला रहे थेपर आलय का अगड़ा आऔर विद्या का पिछला आकोई गुल खिला रहे थेविद्या का आ बोला…

थाईलैंड में हिंदी शिक्षण संस्थान – (हिंदी शिक्षण संस्थान)

थाईलैंड में हिंदी शिक्षण संस्थान 1. विश्वविद्यालय/ विद्यालय/ संस्थान : चुलालोंगकॉर्न विश्वविद्यालयकिस स्तर तक का शिक्षण : Bachelor Degreeविद्यार्थियो की संख्या – 12संकाय सदस्य का नाम : Mr. Kittipong Boonkerdफोन…

मराठी कवि इंद्रजीत भालेराव की कविता का हिंदी अनुवाद – (अनुवाद)

गौरैया पिताजी कहते थेकाटे हुए नाखूनदरवाजे के सामनेकभी मत फेंकना,दाना समझकरचुन लेती है, गौरैयाऔरपेट की अंतड़िया टूटकरतड़पकर मरती है गौरैया, फसल कटाई खत्म होते हीपिताजी मंदिर जाकरबंदनवार में अनाज के…

मराठी कवि अशोक नायगांवकर की कविता का हिंदी अनुवाद – (अनुवाद)

(समाज सुधारक और देश में नारी को शिक्षा देने के लिए पहला स्कूल पुणे में खोलने वाले ज्योतिबा फुले पर लिखी गयी मराठी कविता का हिंदी अनुवाद) ज्योतिबा धन्यवाद ज्योतिबाधन्यवाद।आप…

मराठी कवि फ मु शिंदे की कविता का हिंदी अनुवाद – (अनुवाद)

माँ माँ एक नाम हैअपने आप भरा पूराघर में जैसे एक गाँव है,सभी में मौजूद रहती हैअब इस दुनिया से दूर हैलेकिन कोई मानता नहीं।मेला खत्म हुआ, दुकानें उठ गईपरदेस…

मराठी कवि शशिकांत शिंदे की मराठी कविता ‘समर्पण’ का हिंदी अनुवाद – (अनुवाद)

समर्पण अनुभूतियों के सभी दरवाजेबंद करने के बादधीरे धीरे खुलने लगती है –संदेह की पुरानी खिड़कियां बहस-दर-बहस का मरहम लगाकरमिटते नहीं कलह के घावबल्किऔर अधिक गहरे होते जाते हैं। ऐसे…

हिंदी दिवस पर अनिता कपूर रचित हाइकु – (हाइकु)

हिंदी दिवस पर अनिता कपूर रचित हाइकु 1 प्रवास में भीमहक रही हिन्दीजैसे गुलाब 2 मैं हुई मीरातुमको माना कान्हाहिन्दी बाँसुरी 3 हिन्दी हो तुमभावों की अभिव्यक्तिदिव्य भास्कर 4 चांदी-सी…

इसी पल – (कविता)

इसी पल जब सपाट आवाज़ मेंडुबो देती है उदासीऔर भूल जाते हो तुम बात करनाठीक उस वक्त से मैं मुरझाने लगती हूँठूँठ की तरहक्यों सूखा देते हो तुम मुझेइस मौसम…

76 वाँ गणतंत्र – (कविता)

76 वाँ गणतंत्र मेरा देश वह साइकिल हैजिसे 540 गण चला रहे हैं300 चला रहे हैं दिन रात पैडलबाकी मिलकर ब्रेक लगा रहे हैं। कोई दाहिनी ब्रेक तो कोई वामकोई…

संज्ञा बोली सर्वनाम से – (कविता)

संज्ञा बोली सर्वनाम से न जाने क्योंसंज्ञा और सर्वनाम मेंतकरार हो गईसर्वनाम बना हुआ था ढालऔर संज्ञा तलवार हो गई! वो सर्वनाम से बोली —अरे मेरे चाकर!मेरे आश्रित!मेरे पालतू!और फालतू!मेरी…

उपसर्ग और शब्द – (कविता)

उपसर्ग और शब्द हम भगतसिंह हैं, आज़ाद हैंहम करोड़ों नहींदस बीस होते हैमाना कि हम कटे हुए शीश होते हैंहम कौम के लिए उत्सर्ग होते हैंहम शब्द नहीं, उपसर्ग होते…

उक्ति के बहाने से – (कविता)

उक्ति के बहाने से कुछ भी कहावो वाक्य हैअपना मत रखातो कथन हैकथन की ओर उँगलीउक्ति हैसारगर्भितया कि मर्मबेधक उक्तिसूक्ति हैऔर बरसों बरस का अनुभवचढ़ जाएलोगों की जुबान परतो लोकोक्ति…

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