Author: वैश्विक हिंदी परिवार

महात्मा गाँधी एवं चीन

भारत एवं चीन विश्व के चार महान सभ्यताओं में शामिल है, दोनों देशों के मध्य २००० वर्षों के मैत्री सम्बन्ध का इतिहास रहा है I दोनों देशों के मध्य उच्च…

अतुल्य भारत

आजादी का अमृत महोत्सव, अपरमित खुशियों का उपहार, असहिष्णुता के विरुद्ध, सहिष्णुता का शंखनाद II अविराम यात्रा का पचहत्तर वर्ष , अमर्त्य वीरों का महान पर्व, प्रगति के पथ पर…

विजयिनी भारतीयता

भूधरा पर आर्ष सभ्यता सबसे न्यारी, सर्वाधिक प्राचीन सनातन संस्कृति हमारी, हमी से सुशिक्षित हुआ था जग सारा , हमी थे वसुंधरा के नायक -उन्नायक II सम्पूर्ण विश्व है परिवार…

डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी ”कीर्तिवर्धन”

१ मई १९८७ को पश्चिम चंपारण,बिहार में जन्म। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से चीनी भाषा एवं साहित्य में स्नातकोत्तर। मगध विश्वविद्यालय, बिहार में चीनी भाषा एवं साहित्य के व्याख्याता रहे। चीन…

अचला दीप्ति कुमार

जन्म : इलाहाबाद शिक्षा : बी.ए.; एम.ए. (प्राचीन इतिहास) पारिवारिक परिवेश : पिता श्री बाबूराम सक्सेना यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग के प्रोफेसर थे, अतः बचपन से ही उत्तम भाषास्तर तथा…

मैं और हिंदी

लेखक – प्रो. च्यांग चिंग खुई, पेइचिंग विश्वविद्यालय, चीन अनुवादक – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी, एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ) क्वान्ग्तोंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, चीन जब भी मेरा पत्रकारों से साक्षात्कार…

प्रो. यु लोंग यू

(लेखक परिचय : प्रो. यु लोंग यू शनचन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष ,शनचन मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान अध्ययन केंद्र के निर्देशक , शनचन विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय के…

 “कपास मार्ग ” का शोध – अध्ययन  -< ह्वांग ताओ फ़ो> उपन्यास से प्रारंभ

मूल लेखक – प्रो. यु लोंग यू , निर्देशक , भारत अध्ययन केंद्र , शनचन विश्ववविद्यालय , चीन अनुवादक – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी , एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग…

सब बिज़ी हैं!

सब बिज़ी हैं! जी, सभी व्यस्त हैं ऐसा भी लिखा जा सकता था किन्तु वह यथार्थ का परिमार्जित संशोधित रुप होता अर्थात् व्याकरणीय छन्नी से छानकर आदर्श की मिलावट के…

लू शुन (鲁迅)

लेखक परिचय – लू शुन ( 25 सितम्बर 1881 – 19 अक्तूबर 1936 ) चीन के प्रसिद्ध लेखक हैं I इन्हें आधुनिक चीनी साहित्य के पितामह के नाम से जाना…

नववर्ष का बलिदान – मूल लेखक – लू शुन (चीन )

चीनी से हिंदी अनुवाद – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी, एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, चीन पुराने कैलेण्डर के अनुसार साल का अंत बहुत ही सुखद लग रहा…

स्त्री विमर्श में ‘स्त्री’

दैहिक, वैचारिक, आर्थिक अथवा सामाजिक समता एवं स्वतंत्रता? आख़िर वह कौन सी धुरी है जिसके इर्द-गिर्द, गले में नारीवाद की घंटी लटकाकर कोल्हू के बैल सदृश जुते हुए विचारक, वर्षों…

 “कपास मार्ग ” का शोध – अध्ययन  -< ह्वांग ताओ फ़ो> उपन्यास से प्रारंभ

मूल लेखक – प्रो. यु लोंग यू , निर्देशक , भारत अध्ययन केंद्र , शनचन विश्ववविद्यालय , चीन अनुवादक – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी , एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग…

विश्व हिन्दी दिवस विशेष आलेख

10 जनवरी 1974 में नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की वर्षगाँठ को चिह्नित करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के द्वारा 10 जनवरी 2006 से एक…

पुरस्कृत कविता

किन्हीं कम प्रसिद्ध कविवर के काव्य-संकलन को जब साहित्य के श्रेष्ठ सम्मान से पुरस्कृत किया गया तो मन में जिज्ञासा जागी कि तनिक उनकी कविताओं का आस्वादन किया जाए। हम…

अतिथि देवो भव:

घर के अहाते में क़दम रखते ही गुड्डी की नज़र बरामदे में टंगे हुए डंडों पर झूलते नए पर्दों पर गई । प्रतिदिन की तरह विद्यालय से लौटते ही वह…

हाथी के दाँत

मेज़ पर जमी हुई धूल को तर्जनी ऊँगली से हटाते हुए और उसे शेष उंगलियों से रगड़कर झाड़ते हुए शर्मा जी झुंझलाए और फिर ऊँचे स्वर में कामिनी को पुकारते…

खाई

(मूल मैथिली कविता श्री मंत्रेश्वर झा, भारत) हिन्दी अनुवाद – आराधना झा श्रीवास्तव, सिंगापुर कैसे पाटी जाएगी ये खाई? ये पीढ़ियों का अन्तर जो निरन्तर होती जा रही है गहरी…

मंत्रेश्वर झा

भारतीय प्रशासनिक सेवा से अवकाश प्राप्त अधिकारी श्री मंत्रेश्वर झा को वर्ष 2008 में मैथिली भाषा में लिखित अपनी संस्मरणात्मक कृति ‘कतेक डारि पर’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से…

प्रतीक्षा

(मैथिली कविता एवं उसका हिन्दी अनुवाद – आराधना झा श्रीवास्तव) ज्यों जहाज का पंछी अपने पंखों से माप देता है सागर पर संध्याकाल में लौट आता है पुन: उसी जहाज…

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