Author: वैश्विक हिंदी परिवार

इक भारत मुझ में बसता है

इस प्रवासी काया में मेरा देसी मन ये कहता है, मैं जाऊँ जहाँ, जहाँ भी रहूँ इक भारत मुझमें बसता है । बेहतर कल की आशा में हमने लाँघी देश…

अतीत के अवशेष

समय की मार ने उधेड़ दी है घर के दीवारों की चमड़ी बुज़ुर्ग छत पर पड़ गयी हैं सिलवटें झुर्रीदार दरवाज़ों की भिंची हुई मुट्ठियाँ पड़ती जा रही हैं नरम…

आराधना झा श्रीवास्तव

आराधना झा श्रीवास्तव, सिंगापुर यूट्यूब : https://www.youtube.com/c/AradhanaShrivastavaUvach फ़ेसबुक पेज : https://www.facebook.com/aradhanakiabhivyakti.writer एक्स : https://twitter.com/AradhanaJhaShri इंस्टाग्राम : https://www.instagram.com/aradhanajhashrivastava आराधना झा श्रीवास्तव एक दशक से अधिक समयावधि से सिंगापुर में प्रवास कर…

सुहाना सुहाना लगे     

सुहाना सुहाना लगे यह मौसम, यह रिमझिम यह सरगम यह गुंजन यादों के बीच चले जब बचपन मदहोश लहरों से सतरंगी सपने आँखों में ठहरे साँझ सबेरे धरती को चूमें…

मैं सदा मुस्कराती रहूँगी

मैं चाहे अभी मज़बूर हूँ रुग्ण हूँ पर टूटी नहीं हूँ आंचल में खुशियाँ समेटे, मैं सदा यूँ मुस्कराती रहूँगी। रावण से कैंसर को भस्म करे, वह राह चाहे है…

एक चाहना

चाहती हूँ आज देना प्यार का उपहार जग को। मुग्ध सपनों की बगिया से, तोड़ मैं कुछ फूल लाई भावनाओं के भवन से, रस भरे वह मधु गान लाई। कंठ…

पत्थर के भगवान

नीना ने गणेश जी की मूर्ति के सामने आरती का दिया रखा और श्रृद्धा से सिर झुकाकर प्रार्थना की। वहीं साथ ही क्राइस्ट की मूर्ति भी थी, उसके सामने भी…

अस्तित्व

“हाय दीदी!” चहकती हुयी निनी लिसा के कन्धों पर झूल गयी। “बहुत खराब हैं दीदी आप। कितना वेट कराया। नहीं आना था तो पहले ही बता देतीं। सारे लोग आप…

 प्यार की जीत

डॉक्टर अशोक अपने शयनकक्ष की बालकनी में दोलन कुर्सी पर गुमसुम बैठे हुए हैं। डॉक्टर अशोक ने ज़िंदगी में कभी भी अपने आपको इतना निरीह और नि:सहाय महसूस नहीं किया।…

दोषी कौन?

आज बहुत दिनों बाद आभा अचानक पोर्ट ऑफ स्पेन के इंडियन ग्रोसरी स्टोर में मीना से टकरा गई। दोनों ही एक-दूसरे को देखकर चौंक गई। दोनों ने एक-दूसरे को ज़ोर…

ज़िंदगी और मौत

१ ।। ज़िंदगी और मौत में एक क्षण का अंतराल होता है जैसे कि एक पानी का बुलबुला जिसके ऊपर सूर्य की किरण पड़ने से सतरंगी इन्द्रधनुष दिखाई दे रहा…

जागो भारतवासियों!!!

सावधान मेरे मित्रों मेरे भारतवासियों अभी भी समय है संभल जाओ समय रहते नहीं तो अगले पचास-सौ सालों में हिन्दी वैसे ही डूब जायेगी भारत में, जैसे डूबी ट्रिनिडाड में।…

  कैकेयी माँ

वक़्त इंसान को बहुत कुछ सिखा देता है वक़्त इंसान से बहुत कुछ करा देता है! कभी उसे देवता तो कभी हैवान बना देता है कभी उसे यश तो कभी…

हिंदी भाषा के प्रामाणिक शब्दकोश

हिंदी भाषा के कुछ प्रामाणिक शब्दकोश यहाँ लिंक के रूप मे दिया गया है| ये सभी शब्दकोश हमें साभार प्राप्त हुये हैं| https://dsal.uchicago.edu/dictionaries/dasa-hindi https://www.hindwidictionary.com/?gad_source=1&gclid=Cj0KCQjwv7O0BhDwARIsAC0sjWO0Q4HJgk2E_2wx32VOn-X-XxE_mLPmj48VgdFdTHAeysAWHlyUahsaAvnaEALw_wcB

एक अनुत्तरित प्रश्न

प्रवासी भारतीय, हिंदुस्तान से बाहर क्यों हैं? बार बार मन से यह सवाल करती हूँ, जवाब का इंतजार करती हूँ, पर अनुत्तरित रह जाती हूँ। क्या वे पैसे की खातिर…

आशा मोर

जन्म : 25 अक्तूबर 1960, झाँसी, उत्तर प्रदेश, भारत में। कार्यक्षेत्र : पूर्व कर्मचारी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, झाँसी। हिंदी में कविताएँ ,लेख ,कहानी एवं लघुकथाएँ लिखने में रुचि। पश्चिम…

‘फूफा जी’

फूफा जी छोटा कद के, श्यामल छवि के, हल्के डील-डौल के, अधेड़ उम्र के व्यक्ति के रूप में बचपन की यादों में अंकित हैं। सिर और मूंछों के डाई किए…

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