Author: वैश्विक हिंदी परिवार

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर साहित्य की दुनिया में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय की शिला पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर…

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर “वास्तेगुना-हुइंया”, “कुचु-पुचु”, “FOMO”, “MIA”, “Delulu”, “Clocked It”—ये शब्द कभी केवल सोशल मीडिया और युवाओं की बातचीत तक सीमित माने जाते थे।…

उत्तर-दक्षिण का सांस्कृतिक सेतु: हिंदी-कन्नड़ साहित्य का आत्मीय संवाद और अनुवाद की शक्ति : विजय प्रभाकर नगरकर

उत्तर-दक्षिण का सांस्कृतिक सेतु: हिंदी-कन्नड़ साहित्य का आत्मीय संवाद और अनुवाद की शक्ति : विजय प्रभाकर नगरकर भारत की विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी सांस्कृतिक पूँजी है।…

वैश्विक हिंदी परिवार: गंगा-कावेरी संवाद शृंखला रविवारीय मंच अंतर्संबंध (विशेष संदर्भ: पारस्परिक अनुवाद)” विषयक पर आयोजित ऑनलाइन संगोष्ठी का प्रतिवेदन

वैश्विक हिंदी परिवार: गंगा-कावेरी संवाद शृंखला रविवारीय मंच अंतर्संबंध (विशेष संदर्भ: पारस्परिक अनुवाद)” विषयक पर आयोजित ऑनलाइन संगोष्ठी का प्रतिवेदन 09/08/2026। विश्व हिन्दी सचिवालय , केन्द्रीय हिन्दी संस्थान , अंतरस्त्रीय…

काव्य गोष्ठी “अभिव्यक्ति–3” ने बिखेरी साहित्यिक रंगों की अनुपम छटा

काव्य गोष्ठी “अभिव्यक्ति–3” ने बिखेरी साहित्यिक रंगों की अनुपम छटा केवल काव्य परिवार के सौजन्य से आयोजित हुआ यादगार साहित्यिक आयोजन। नई दिल्ली, 9 अगस्त 2026केवल काव्य परिवार के सौजन्य…

‘लम्हे ज़िंदगी के’ की भव्य काव्य गोष्ठी में साहित्य और संवेदनाओं का हुआ अद्भुत संगम

‘लम्हे ज़िंदगी के’ की भव्य काव्य गोष्ठी में साहित्य और संवेदनाओं का हुआ अद्भुत संगम प्रेम, भक्ति, शृंगार और राष्ट्रभाव से सजी काव्यधारा; वृक्षारोपण के संदेश के साथ सम्पन्न हुआ…

दिन विशेष विमर्श में डॉ. धनंजय कुमार की कविताएँ

दिन विशेष विमर्श में डॉ. धनंजय कुमार की कविताएँ अमेरिका के विश्व बैंक से सेवानिवृत्त, मास्टर योग शिक्षक और चिकित्सक, लेखक, कवि, नाटककार, सार्वजनिक वक्ता एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं डॉ.…

हिन्दीतर प्रांतों में हिंदी की स्थिति और हिन्दीतर क्षेत्रों के हिंदी समर्थक (शोध-पत्र): डॉ. मोक्षेन्द्र

हिन्दीतर प्रांतों में हिंदी की स्थिति और हिन्दीतर क्षेत्रों के हिंदी समर्थक (शोध-पत्र) : डॉ. मोक्षेन्द्र इस शोध-पत्र में हिंदीभाषी और हिंदीतर भाषी क्षेत्र के रूप में समूचे विश्व को…

तमिल पांडुलिपि परंपरा पर विशेष व्याख्यान एवं साहित्यिक विमर्श

तमिल पांडुलिपि परंपरा पर विशेष व्याख्यान एवं साहित्यिक विमर्श कार्यक्रम उल्लेख: साहित्य अकादेमी एवं डॉ. उ. वे. स्वामीनाथ अय्यर पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘ज्ञान भारतम् विशेष व्याख्यान शृंखला’ के…

ग़ालिब अकादमी में दोहा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन

ग़ालिब अकादमी में दोहा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन नई दिल्ली स्थित ग़ालिब अकादमी में दोहा लेखन करने वाले कवियों के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कुल 16…

महासमुंद में सजी ‘एक शाम लतीफ घोंघी के नाम’, छत्तीसगढ़ी में प्रकाशित हुई उनकी 24 रचनाएँ

महासमुंद में सजी ‘एक शाम लतीफ घोंघी के नाम’, छत्तीसगढ़ी में प्रकाशित हुई उनकी 24 रचनाएँ महासमुंद, छत्तीसगढ़। महान व्यंग्यकार लतीफ घोंघी की साहित्यिक विरासत को समर्पित एक विशेष साहित्यिक…

सिंगापुर में सजी हिंदी की खूबसूरत महफ़िल ‘पहचान’, 400 से अधिक हिंदीप्रेमियों ने लिया हिस्सा

सिंगापुर में सजी हिंदी की खूबसूरत महफ़िल ‘पहचान’, 400 से अधिक हिंदीप्रेमियों ने लिया हिस्सा सिंगापुर। हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के रंगों से सजी एक भावपूर्ण सांस्कृतिक संध्या…

नई दिल्ली में ‘भक्तामर और भारतीय चित्रांकन’ का लोकार्पण

नई दिल्ली में ‘भक्तामर और भारतीय चित्रांकन’ का लोकार्पण जैन संत विशुद्धसागर महाराज ने किया विमोचन, भारतीय और जैन चित्रांकन परंपरा को समर्पित है कृति नई दिल्ली। नई दिल्ली में…

वनमाली की 114वीं जयंती पर कहानी और कथेतर पाठ का आयोजन

वनमाली की 114वीं जयंती पर कहानी और कथेतर पाठ का आयोजन नई दिल्ली। सुप्रसिद्ध कथाकार एवं शिक्षाविद् जगन्नाथ प्रसाद चौबे ‘वनमाली’ की 114वीं जयंती के अवसर पर 4 अगस्त को…

गोवा में सजी ‘सुर और साज़’ की यादगार शाम, शीन काफ़ निज़ाम से हुई आत्मीय गुफ़्तगू

गोवा में सजी ‘सुर और साज़’ की यादगार शाम, शीन काफ़ निज़ाम से हुई आत्मीय गुफ़्तगू गोवा। कुछ शामें बीत जाती हैं, जबकि कुछ अपनी स्मृतियों में लंबे समय तक…

इंदौर के साहित्यिक संस्मरणों की महक: ‘समय की रेत पर इंदौरी यादें’ – डॉ. सुरेश कुमार मिश्र ‘उरतृप्त’

इंदौर के साहित्यिक संस्मरणों की महक: ‘समय की रेत पर इंदौरी यादें’ – डॉ. सुरेश कुमार मिश्र ‘उरतृप्त’ स्वर्गीय दादा पद्मश्री कैलाश चंद्र पंत जी ने न केवल मेरी पुस्तक…

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ श्रवणबेलगोला भारत के प्रमुख जैन तीर्थों में से एक है। यह कर्नाटक के हासन जिले में स्थित विश्वविख्यात धार्मिक, ऐतिहासिक एवं…

दिन विशेष विमर्श में डॉ. सुनीति रावत की कहानी मरभुक्खे

दिन विशेष विमर्श में डॉ. सुनीति रावत की कहानी मरभुक्खे डॉ. सुनीति रावत की यह कहानी ढाबे वाले सरदार जी और पास के कालेज में पढने वाले लड़कों को लेकर…

हिंदीतर गंगा कावेरी संवाद शृंखला : हिंदी-कन्नड़ अंतरसंबंध- विशेष संदर्भ – पारस्परिक अनुवाद

हिंदीतर गंगा कावेरी संवाद शृंखला : हिंदी-कन्नड़ अंतरसंबंध- विशेष संदर्भ – पारस्परिक अनुवाद

राजेन्द्र राजन की पुस्तक ‘ये इश्क़ नहीं आसां’ : अतुल खरे द्वारा समीक्षा

राजेन्द्र राजन की पुस्तक ‘ये इश्क़ नहीं आसां’ : अतुल खरे द्वारा समीक्षा “ये इश्क नहीं आसां” राजेन्द्र राजन जी द्वारा संकलित एवं संपादित तथा समृद्द पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित एक…

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