Category: इनके बारे में जानिए

मेरी प्रिय मित्र शैल जी ( संस्मरण ) : आशा बर्मन 

मेरी प्रिय मित्र शैल जी ( संस्मरण ) : आशा बर्मन अभी भी विश्वास नहीं आता है कि शैल जी हमें छोड़कर चली गई हैं। मेरा और उनका साथ बहुत…

विष्णु प्रभाकर जी के जन्म दिवस विशेष : डॉक्टर सविता चड्ढा

विष्णु प्रभाकर जी के जन्म दिवस विशेष : डॉक्टर सविता चड्ढा एक बहुत ही महत्वपूर्ण शख्सियत, सुप्रसिद्ध साहित्यकार, मेरे परम आदरणीय और बहुत ही प्रिय यायावर साहित्यकार विष्णु प्रभाकर जी…

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : देश-विदेश के साधकों ने मनाया योग महोत्सव

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : देश-विदेश के साधकों ने मनाया योग महोत्सव रियाद में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस रियाद में आज 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े…

सिखों के पाँचवें गुरु – श्री गुरू अर्जुन देव जी का जीवन और उपदेश : डॉ. चरनजीत सिंह

सिखों के पाँचवें गुरु – श्री गुरू अर्जुन देव जी का जीवन और उपदेश : डॉ. चरनजीत सिंह श्री गुरू नानक देव जी की पाँचवीं जोत साहिब श्री गुरू अर्जुन…

मनोज श्रीवास्तव ( साक्षात्कार ) : मानस के अनछुए पहलू

मनोज श्रीवास्तव ( साक्षात्कार ) : मानस के अनछुए पहलू डॉ. संध्या सिलावट जी ने लिया मनोज श्रीवास्तव जी, मुख्य चुनाव आयुक्त, मध्य प्रदेश का साक्षात्कार भारतीय समाज में तुलसीदास…

“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”

“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”

अदब का महान सितारा डूबा : बशीर बद्र को श्रद्धांजलि

एक जाते हुए शायर के साथ तमाम रूहानी दुनियाबी दास्तान ख़त्म हो जाती है | बशीर वद्र गये उनके जाने का ग़म उनकी शायरियों में रूलाई बन कर फूट रही…

साहित्य जगत से “बशीर बद्र” को देशभर से श्रद्धांजलि

साहित्य जगत से : बशीर बद्र को देशभर से श्रद्धांजलि रेखा राजवंशी (सिडनी, ऑस्ट्रेलिया) उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो…

“यादों की ढलती शाम और बद्र का उजाला”- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’

“यादों की ढलती शाम और बद्र का उजाला”- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ “उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो…

अदब के आफताब का अस्त: डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि

अदब के आफताब का अस्त: डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि उर्दू अदब के इतिहास में , शायरी की दुनिया को अपनी सादगी से रोशन करने वाले अज़ीम शायर, पद्मश्री…

“बशीर बद्र : दिल से अल्लाह के घर तक” – (श्रद्धांजलि)

“बशीर बद्र : दिल से अल्लाह के घर तक” – (श्रद्धांजलि) बुत भी रक्खे हैं नमाज़ें भी अदा होती हैंदिल मिरा दिल नहीं अल्लाह का घर लगता है•बशीर बद्र चले…

“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि

“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि बशीर बद्र- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाएजिंदगी की…

जयशंकर प्रसाद : भाभी ने रोका तो रच दिया हिंदी साहित्य का स्वर्ण अध्याय – (श्रद्धांजलि)

जयशंकर प्रसाद जयशंकर प्रसाद हिंदी साहित्य के एक महान कवि, नाटककार और कहानीकार थे, जिन्हें भारतीय साहित्य में छायावाद के प्रमुख स्तंभ के रूप में जाना जाता है। उनकी कृतियां…

राय कृष्णदास : (आज जिनका जन्मदिन है)

राय कृष्णदास रजनीकंत शुक्ल राय कृष्णदास का जन्म 13 नबंवर सन 1892 ई. को वाराणसी में हुआ था। वे कहानी सम्राट प्रेमचन्द के समकालीन कहानीकार और गद्य गीत लेखक थे।…

नैसर्गिक कलाकार : मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति – (ब्लॉग)

मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति रजनीकांत शुक्ल विगत वर्ष आज के ही दिन देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति का कोरोना के चलते पैसठ वर्ष की अवस्था में निधन हो गया था।…

संजीव कुमार के जीवन का आखिरी दिन – (श्रद्धांजलि)

संजीव कुमार के जीवन का आखिरी दिन 06 नवंबर 1985 को संजीव कुमार की मृत्यु हुई थी। “उन्होंने मुझसे ‘राही’ की डबिंग कंप्लीट करने को कहा। मैं तैयार नहीं था।…

भारतीय विज्ञापन जगत के सरताज : पीयूष पांडे – (श्रद्धांजलि)

पीयूष पांडे डॉ. रेखा सेठी (2012 में मेरी एक पुस्तक आई थी, ‘विज्ञापन डॉट कॉम’। इसका एक अंश विज्ञापन जगत की प्रमुख हस्तियों, प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और विशिष्ट विज्ञापनों पर…

स्मिता पाटिल – (आज जिनका जन्मदिन है)

स्मिता पाटिल रजनीकांत शुक्ला स्मिता पाटिल का जन्म 17 अक्टूबर, 1955 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था। वे हिन्दी फ़िल्मों की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। उन्होंने अपने सशक्त अभिनय से समानांतर…

‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी – (आज जिनका जन्म दिन है)

सपनों के सौदागर से हेमा मालिनी ने हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया। तमिल ब्राह्मण परिवार में पली बढ़ी, भरतनाट्यम में पारंगत और सरकारी मुलाजिम की 19 साल की बेटी का…

विशेष: पद्मश्री प्रो. दिगंबर हांसदा, संविधान का ‘ओलचिकी’ में किया अनुवाद, ‘संथाल’ की रहे सशक्त आवाज – (आज जिनका जन्म दिन है)

संथाली साहित्य के विमर्श में आत्मसम्मान और सांस्कृतिक चेतना केंद्र बिंदु में रहे हैं। झारखंड के संथाल परगना में देवघर, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज और दुमका जैसे जिले शामिल हैं, और…

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