जल रही हूँ – (कविता)
जल रही हूँ तप रही हूँ, जल रही हूँरूह तक पिघल रही हूँ सागर की अनगिनत नदियाँनदी का बस इक समंदर,यही है मेरा मुक़द्दरइसी जल में जल रही हूँ ।…
हिंदी का वैश्विक मंच
जल रही हूँ तप रही हूँ, जल रही हूँरूह तक पिघल रही हूँ सागर की अनगिनत नदियाँनदी का बस इक समंदर,यही है मेरा मुक़द्दरइसी जल में जल रही हूँ ।…
घर घर तो पहले हुआ करते थेअब तो बस पत्थरों के मकान रह गए हैं एक अकेले कमरे में जहाँना तेरा था ना मेरा थासब कुछ जिसमें अपना थावो प्यारा…
मीनाक्षी गोयल नायर शिक्षा से रसायन शास्त्र में डॉक्टरेट, पेशे से वैज्ञानिक, और दिल से हिंदी की उपासक, मीनाक्षी गोयल नायर, पिछले ३० वर्षों से जापान में रहती हैं। वे…
खजुराहो खजुराहो,उनके लिएअद्भुतकिंतुअवांछितऔरघृणास्पद रहा, जो-नहीं रह सकते थेवासना मुक्तक्षण भर भी। उनका चलता तोफिंकवा देतेउसेसागर की अतलगहराइयों में,जहाँ बड़वानलनिगल जाताउन कामुक मूर्तियों को।सोख लेताउसका अध्यात्मजिसके बिनाकरवट हीनहो जाती है दुनिया।…
मैं जनतंत्र हूँ ! मैं जनतंत्र हूँ !लोग मुझे-लोकतंत्र,गणतंत्रसंघतंत्र, औरअंग्रेज़ी मेंडेमोक्रेसी भी कहते हैं।मैंने स्वयं को कभी नहीं देखा,मेरा मुख,मेरे कर-कमल,मेरे चरण, औरमेरा उरु प्रदेशसभीवास्तु पुरुष की भाँति अदृश्य हैं।…
मर्यादा पुरुषोत्तम राम!बड़े मौलिक शिल्पी हो,बड़े कलाकार भीशील, शक्ति और सौन्दर्यके अधिष्ठातामर्यादा पुरुषोत्तम भी। आदर्श की धुरी होया धुरी के आदर्श, पता नहीं!पर सब तुम्हारे चरित की छाप है-अनवरत, काल…
अंकुश सबका है रक्षकजगती का है वह प्राणदुखों को दूर करता हैवही सुख सागर बनता है…! वही, जो व्याप्त है सर्वत्रवही उत्पत्तिकारक हैसभी में है परमवह श्रेष्ठवही तो शुद्धस्वरूपा है।…
सन्मार्ग हे नाथ, दिखा दो राह मुझे…! जान न पाया इस जगती कोजिसका ओर न छोरमाना इसको मैंने अपनाक्या-क्या दुखद न पायाकेवल अपनी अजानता के-कारण जनम गँवाया। जब से आया…
वीणावादिनि वीणावादिनि शत-शत नमन!कैसे करूँ वंदना तिहारीमैं अबोध बालक महतारीशरणागत, हे मेरी माते-शरण तिहारी आया हूँ। तुलसी-वाल्या-कालीतेरी कृपा निराली,वही कृपा हे हंसवाहिनीदे अबोध के दुख हर ले। वीणावादिनि! पद्मासना!सुन ले…
ऋषिकेश मिश्र नाम: डॉ॰ ऋषिकेश मिश्र जन्म व जन्म स्थान: 30 जनवरी 1978; ग्राम – शहाबपुर, पोस्ट – परियत, जिला – जौनपुर, उत्तर प्रदेश – 222162 शिक्षा: इलाहाबाद विश्वविद्यालय से…
सोहन लाल द्विवेदी“कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” अनुवाद – हिरायुकी सातो “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” ハソーハン・ラール・ドヴィヴェーディー 「努力する者に決して敗北あることなし」 लहरों से डर कर नौका पार…
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नाविक कमलनाथ आज घर वापस लौट रहा था। बंदरगाह पर रुके जहाज में चढ़ने और अपनी-अपनी निर्धारित सीट पर बैठने में अभी कुछ समय की देर थी। कुछ औपचारिकताओं का…
“वीरेंद्र, क्या तुम सचमुच नहीं जानते कि सम्राट अशोक कौन थे? तुम कैसे भारतीय हो जिसने भारत के ऐसे प्रसिद्ध राजा का नाम भी नहीं सुना! क्या तुम्हारे माँ-बाप ने…
कीर्ति रिक्शा वाला पंद्रह साल से रिक्शा खींचता चला आया है। वह गरीब तो था ही और रिक्शा चलाने में जी-तोड़ परिश्रम की जरूरत होती थी, पर उसे अपने इस…
तोमिओ मिज़ोकामि (जन्म- 12 मई, 1941) ओसाका विश्वविद्यालय, जापान के एक प्रोफेसर एमेरिटस हैं। 2018 में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें भारत के राष्ट्रपति…
डॉ. वेदप्रकाश सिंह ओसाका विश्वविद्यालय जापान में हिंदी भाषा आने से डेढ़ हज़ार साल पहले तत्कालीन सिद्धम लिपि और वर्तमान देवनागरी लिपि में व्यवहृत कुछ वर्ण आ चुके थे। अभी…
1 गुड़िया नहीं अब कोई औरत समझें सब नहीं खिलौना न ही कठपुतली आज की नारी सारे आदेश नहीं मानेगी अब जान लो तुम जागी है नारी पढ़ेगी अब बेटी…