हाइकु – रमा पूर्णिमा शर्मा
1 गुड़िया नहीं अब कोई औरत समझें सब नहीं खिलौना न ही कठपुतली आज की नारी सारे आदेश नहीं मानेगी अब जान लो तुम जागी है नारी पढ़ेगी अब बेटी…
हिंदी का वैश्विक मंच
1 गुड़िया नहीं अब कोई औरत समझें सब नहीं खिलौना न ही कठपुतली आज की नारी सारे आदेश नहीं मानेगी अब जान लो तुम जागी है नारी पढ़ेगी अब बेटी…
हिंदी के संत साहित्य में कबीर का अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान है। चार प्रमुख भक्त कवियों में कबीर सबसे पहले आते हैं। भक्ति काल का समय मुहम्मद बिन तुगलक से शुरू…
वर्मा जी बहुत परेशान हैं। उनके छठे कहानी संकलन पर एक बड़ी गोष्ठी ज़ूम पर आयोजित की जा रही है और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि वे कल…
बेला हैरान थी, माँ को यूँ जार-जार रोते उसने कभी नहीं देखा था। कभी-कभी घर के कोनों में छुप कर माँ सुबक तो लेती थी पर इस तरह किसी अजनबी…
कुछ दिनों में मुझे कैनेडा आए एक साल पूरा हो जाएगा, पिछले साल जनवरी में, मैं सपरिवार इंडिया में था। कैनेडा गमन होने वाला था इस लिए माँ-डैड से मिलने…
मेरा नाम कोरोना है। मेरे इस नाम को सुनकर कुछ लोग तो यही सोचकर ख़ुशी के मारे चहकने लगे होंगे कि अब उन्हें इसी कोरोना नाम की दुनिया की मशहूर…
यूँ तो मेरा टैक्सी चलाने का समय दुपहर १२ बजे से शुरू होकर सुबह के चार बजे तक होता है, लेकिन उस दिन शहर में एकाएक बसों की हड़ताल होने…
जुलाई १९९४ में हिंदी परिषद् (टोरोंटो), हिंदी लिटरेरी सोसाइटी (ओटवा) एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति (यू.एस.ए.) द्वारा यॉर्क यूनिवर्सिटी (टोरोंटो) में एक अंतर्राष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन का आयोजन बड़ी सफलता पूर्वक सम्पन्न…
“बड़े दुख से गुज़री हो तुम, है न? सच बड़ा कठिन समय रहा होगा”। उसे नहीं चाहिये थी सहानुभूति । “साइको थेरैपी” के लिये कई जगह जा चुकी थी वह।…
जल्दबाज़ी में यूँही, स्कूटर को आड़ा-टेड़ा खड़ा करके, तेज़ क़दमों से राकेश बढ़ा और सड़क के कोने पर छोटी सी फलों की छबड़ी लगाए लड़के से बोला, “अरे भईया, ज़रा…
आज सभी प्रदर्शनी की तैयारी में जुटे हुए हैं। एक कोलाहल सा मचा हुआ है। नहीं नहीं! हम कहीं बाहर प्रदर्शनी देखने नहीं जा रहे हैं, प्रदर्शनी यहीं है, हमारे…
आज नेहा के ऑफ़िस का वार्षिक उत्सव था। उसने अपने आप को आख़िरी बार आईने में निहारा- गुलाबी बनारसी साड़ी और उसपर सोने, मोती का हार व झुमके– वह बेहद…
अंबिका कई दिनों से सोच रही थी कि ड्राइंग रूम की शोभा बढ़ाती काँच की अलमारी में सजी मूल्यवान क्रोकरी पर जमी धूल की सतह वह पुनः साफ़ करे। वह…
जैसे ही सीमा ने घर में क़दम रक्खा उसकी घबराई हुई माँ ने कहा, “मैं तो फ़िक्र के मारे मर ही गई थी बिटिया इतनी देर कर दी तूने पर…
“ये लो, वो गुरबख़्श भी आ गया, अब एक जन और आ जाये तो हम सारे मिल के ताश की बाज़ी लगायें,” पार्क की बेंच पर बैठे हुये जोगिंदर ने…
टोरोंटो एअरपोर्ट से अंतराष्ट्रीय उड़ानों का सिलसिला जारी था। दोपहर के क़रीब दो बज रहे थे। दुनिया के कोने-कोने में जाने वाले यात्रियों से हवाई अड्डे का चेक-इन एरिया खचाखच…
हमारे यहाँ कई पुराण हैं, परन्तु संभवतः आप ‘जूता पुराण’ से परिचित न हों। संसार में भारत ही ऐसा अनोखा देश है जहाँ “जूतों की पूजा” की जाती है तथा…
मैं गणित में कमज़ोर हूँ पर मेरी सरकार गणित में महाकमज़ोर है। सरकार को गणित नहीं आता तो भी वह बड़े-बड़े जोड़ लगाती है। बिलियनों डॉलर के जोड़ लगाती है…
कैनेडा और अमेरिका की ठंडी हवा में मीठी-मीठी ख़ुमारी है। प्राणवायु के साथ लोगों को मेरुआना और गाँजे के धुएँ का लुत्फ़ मुफ़्त मिलता है। यहाँ भारत जैसा भेदभाव नहीं…
फोन की घंटी घनघनाई! गोद में खिला रही नन्ही बच्ची को पत्नी की ओर बढ़ाते हुए तिवारी जी ने रिसीवर थामा– हल्की सी प्रसन्नता घुली आवाज़ में– हैलो–अरे प्रभाकर– नमस्ते-नमस्ते,…