Category: उत्तर अमेरिका

मुसाफ़िर – (कविता)

मुसाफ़िर हर शख़्स मुसाफ़िर है,मुसाफ़िर से गिला कैसाकुछ दूर चला संग वो,फिर उससे गिला कैसा हर शख़्स का किरदार अलग,ख़्वाब अलग, मंज़िल अलगवो राह चला अपनी,राही से गिला कैसा रेशम…

नरेन्द्र ग्रोवर (आनंद ’मुसाफ़िर’) – (परिचय)

डॉ. नरेन्द्र ग्रोवर (आनंद ’मुसाफ़िर’) जन्म स्थान: मोदी नगर, उत्तर प्रदेश शिक्षा: विज्ञान स्नातक- मेरठ विश्वविद्यालय, तदोपरान्त स्नातक पशु चिकित्सा- गोविंद बल्लभ पन्त विश्वविद्यालय सम्प्रति : निजी व्यवसाय (किचनर, ओंटेरियो…

मैं वो नहीं – (कविता)

मैं वो नहीं मैं वो नहींजिसे तुम सुनते होघंटि यों में अज़ानों में। मैं वो नहींजिसे तुम देखते होया पत्थरों मेंया चंद इंसानों में। मैं वो नहींजिसे तुम ढूँढ़ते होअपने…

मेरा क्षितिज – (कविता)

मेरा क्षितिज कितनेबेतरतीब से टुकड़ेज़हन की गलियों मेंबिखरे हैंज़िंदगी केहालात केख़यालात केसवालात के ज़र्रा ज़र्राजोड़ता हूँतरतीब सेलफ़्ज़ दर लफ़्ज़क़ाफ़िया दर क़ाफ़ियाक़तरा दर क़तराहर शब्द लेकिनअलग हैआकार मेंप्रकार मेंमायने में मैंनेहर…

कौन कब कहाँ है – (कविता)

कौन कब कहाँ है कौन कब कहाँ है मिट्टी जानती हैकिसका निशाँ कहाँ है मिट्टी जानती है काशी काबा क्या है है दैरो हरम में क्याकिसमें कहाँ ख़ुदा है मिट्टी…

निशब्द – (कविता)

निशब्द तुमनेबड़ी ख़ामोशी से कहामेरे भीतरचिल्लाते, शोर मचातेमन कोऔर चिल्लाओऔर शोर मचाओथोड़ा और ज़ोर सेऔर तब तक यूँ ही चिल्लाते रहोजब तकतुम्हारे अंतर्मन के पर्दे तुम्हारे मन कीझुँझलाहट सेये नहीं…

पंकज शर्मा – (परिचय)

पंकज शर्मा जन्म-स्थान: मरवाडी, ज़िला उना, हिमाचल प्रदेश वर्तमान निवास: ऑरेंजविल, ओंटेरियो शिक्षा: बैरिस्टर ऐट लॉ प्रकाशित रचनाएँ: आवाज़- The Inner Voice, ग़ज़ल, सफ़र, सफ़ेद सफ़े लेखन-विधाएँ: कविता, ग़ज़ल फ़ेसबुक:…

पूनम कासलीवाल – (परिचय)

पूनम कासलीवाल शिक्षिका, लेखिका और कवयित्री। एक प्रकाशित हिंदी उपन्यास – रुके – रुके से कदम और तीन काव्य संग्रह (सह-लेखन में)। हिंदी साहित्य में गहरी रुचि और अपनी रचनात्मकता…

रविवार की छुट्टी – (कहानी)

रविवार की छुट्टी – पूनम कासलीवाल देर रात सब काम निबटा कर लेटने लगी तो याद आया राजमा भिगोना भूल गयी। अंधेरे में टटोलते हुए उठी, कहीं आलोक की नींद…

कटघरा – (कविता)

कटघरा रात का अँधेरासन्नाटा, औरमेरे वो एकाकी पलचिन देते हैं मुझेमन के कटघरे मेंहर रोज़पूछती हूँकितने सवालखुद सेदेती हूँ हर जवाबखुद हीहोती हूँकभी आरोपी, कभी दोषीखुद ही पक्ष, खुद ही…

भली थी – (कविता)

भली थी इक लड़कीकितनीभली थीनाज़ बिछौनेपली थीमाँ अँगना में खेलतीजूही कीकली थीपिता हथेली पे रखीगुड़-मिश्रीडली थीअल्हड़ हिरना झूमतीथोड़ी सीपगली थीभावी की गलियों मेंस्वप्न संजोएचली थीब्याही तो बेगाने घरधू-धू करजली थीबस…

शहीदों के बच्चे – (कविता)

शहीदों के बच्चे बड़े हो जाते हैं शहीदों के बच्चेबड़ा होने से पहले ही। पढ़ लेते हैं माँ की आँखों कीमूक भाषाजान लेते हैं मौन आह कीपरिभाषारोक लेते हैं कोरों…

कुसुम नैपसिक – (परिचय)

डॉ कुसुम नैपसिक भारत और अमेरिका में हिंदी अध्यापन का कार्य स्कूल और कॉलेज दोनों स्तरों पर किया है। फुलब्राइट लैंग्वेज टीचर असिस्टेंट कार्यक्रम के तहत अमेरिका में पढ़ाना शुरू…

एकाकी चलती जाऊँगी – (कविता)

एकाकी चलती जाऊँगी एकाकी चलती जाऊँगी। रोकेंगी बाधाएँ फिर भीबाँधेंगी विपदाएँ फिर भीराहें नई बनाऊँगीएकाकी चलती जाऊँगी। संकल्पों के सेतु होंगेनिष्ठा दिशा दिखाएगीसाहस होगा पथ प्रदर्शकआशा ज्योत जलाएगी विश्वासों के…

तारक चुनरी – (कविता)

तारक चुनरी कौन जुलाहातारक चुनरीबुनता सारी रात ? किरणों से करता नक्काशीबेल मोतिया टाँकेजूही-चंपा सजी पाँखुरीमोल भाव न आँके शरद चाँदनी जड़ी किनारीघूँघरू जोड़े साथचतुर जुलाहा तारक चुनरीबुनता सारी रात।…

मद्धम – (कविता)

मद्धम चाँद मद्धम, रात मद्धमरात की हर बात मद्धम। नभ की नीली नीलिमा मेंदीप झिलमिला रहेकाँपते अधर धरा केगीत गुनगुना रहे सुर मद्धम, ताल मद्धमबज रहे हैं साज मद्धम। अंग-अंग…

बड़े हो गए हम – (कविता)

बड़े हो गए हम ज़रूरी नहीं अबकिसी का अनुमोदनबड़े हो गए हम। औरों की सुनी थीमन की ना मानीकमी थी,या खूबीना जानी,पहचानी विवादों ने घेरापरे हो गए हम। अनचीन्हा कोईभय…

ओढ़ली हैं चुप्पियाँ – (कविता)

ओढ़ ली हैं चुप्पियाँ ओढ़ ली हैं चुप्पियाँसिल गए अधर भीएक से लगने लगेघर भी – खंडहर भी । आँख से कह दियाभूल जा भीगनामन को समझा दियाछोड़ दे रीझना…

थके हैं मगर – (कविता)

थके हैं मगर, हारे नहीं थके हैं मगर, हारे नहींभीड़ जैसे ही हैं , कोई न्यारे नहीं। चौराहे मिले या दोराहे मिलेहम अपनी ही राहें बनाते रहेलाख भटकन लिपटी पड़ी…

आशीष में जुड़ें हाथ – (संस्मरण)

आशीष में जुड़ें हाथ – शशि पाधा अपने पैंतीस वर्ष के सैनिक जीवन में कितने ही लोगों से मिली हूँ, कितनी छावनियाँ देखी हैं। कुछ ऐसे पल, कुछ ऐसे व्यक्ति…

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