किराए की साँसें
किराए की साँसें वह शहर नहीं, दरअसल एक कसाईखाना था जहाँ इंसानों की नहीं, उनकी भावनाओं की नुमाइश होती थी। दिव्यांशु की कमर टूट चुकी थी, पर वह अब भी…
हिंदी का वैश्विक मंच
किराए की साँसें वह शहर नहीं, दरअसल एक कसाईखाना था जहाँ इंसानों की नहीं, उनकी भावनाओं की नुमाइश होती थी। दिव्यांशु की कमर टूट चुकी थी, पर वह अब भी…
भगवती देवी और श्री रामजीलाल स्मृति समिति द्वारा राजनौता के सेठ मदनलाल विजयवर्गीय सरकारी स्कूल के प्रतिभाशाली विद्यार्थी पुरस्कृत राजनौता गाँव की विभूति स्वर्गीय श्रीमती भगवती देवी – श्री रामजीलाल…
साहित्य संवाद : तेजेन्द्र शर्मा (एम.बी.ई)
च तुसें गी औने दा निग्धा साद्दा है ( साहित्य मंच )
ओडिया कविता पाठ और चर्चा (ग्रामलोक)
“मृणालिनी“ मेरी तेलुगु में अनुवादित पुस्तक – प्रो. माणिक्याम्बा “मणि” “ मृणालिनी “ मेरी तेलुगु में अनुवाद की पुस्तक है ।” मृणालिनी “ रवींद्रनाथ ठाकुर की धर्मपत्नी थीं । मृणालिनी…
एक वात थरथरणारी (अलकनंदा साने ) प्रतिष्ठित कवयित्री अलकनंदा साने हिन्दी और मराठी की सिद्ध साहित्यकार हैं । उन्हें मध्य प्रदेश की पहली हिन्दी पत्रकार होने का गौरव प्राप्त है।…
राष्ट्रगान, राष्ट्रवाद और रवींद्रनाथ टैगोर की चेतना रवीन्द्रनाथ टैगोर ने भारत का राष्ट्रगान लिखा — “जन गण मन” उन्होंने ही वह गीत भी लिखा जिसे बाद में बांग्लादेश ने अपना…
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार ” एक्सीलेंस ऑफ चिल्ड्रेन अक्रॉस फील्ड्स”
“सैनिक पत्नियों की कथा और व्यथा” पुस्तक पर कार्यक्रम सम्पन्न चंडीगढ के सेक्टर 7 स्थित ‘द हेजहॉग कैफ़े’ में 6 मई को हुई पुस्तक परिचर्चा हुई जिसका सम्पादन वंदना…
सांस्कृतिक समन्वय और अनुवाद महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर दिनांक 3 मई 2026 को वैश्विक हिंदी परिवार के तत्वावधान में संस्कृत समन्वय एवं अनुवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया,…
‘उगना नाट्य मंडली सिंगापुर’ ने जीता प्रथम पुरस्कार भारत व मॉरीशस सरकार की द्विपक्षीय संस्था, ‘विश्व हिंदी सचिवालय’ के द्वारा ‘विश्व नाटक दिवस’ के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय हिंदी नाटक प्रतियोगिता…
“सखी सारथी – प्रेम से बंधी डोर” के स्नेहिल बैनर तले शायर संजीव ‘नादान’ के प्रथम ग़ज़ल संग्रह “आँख भर आई” का विमोचन एवं मुशायरा का आयोजन सम्पन्न 25 अप्रैल…
पूजा भारद्वाज की कृति ‘सुर संतोष पुंज’ का दिल्ली में भव्य लोकार्पण नई दिल्ली। साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब ‘लम्हें जिंदगी के’…
आश्वासन को विश्वास में बदलती फ़िल्म (समीक्षा) फ़िल्मों के बारे में कहा जाता है कि वे वहाँ से शुरू होती हैं, जहाँ आपकी कल्पनाशक्ति ख़त्म हो जाती है। पर इन…
अतीत के पन्नों से (डायरी) मेरी यादों का फलक वो कहते हैं न, ‘स्काई इज द लिमिट’ कुछ ऐसे ही मेरे जीवन की पगडंडियों के निशान हैं जो अब धरती…
लिव-इन रिलेशनशिप (व्यंग्य) उस फ्लैट की दीवारों पर लगे आधुनिक चित्रों में रंग तो बहुत थे, पर चमक गायब थी। विवान और समायरा आमने-सामने बैठे थे, जैसे किसी युद्ध के…
जाग तुझको दूर जाना ( महादेवी वर्मा ) ಎದ್ದೇಳು, ಬಹಳ ದೂರ ನೀನು ಸಾಗಬೇಕಾಗಿದೆ! ಮಹಾದೇವಿ ವರ್ಮಾ ಶಾಶ್ವತವಾಗಿ ಎಚ್ಚರದಿಂದಿರುವ ಕಣ್ಣುಗಳು ಇಂದು ನಿದ್ರಿಸುತ್ತಿವೆ, ಎಂತಹ ನಿರತ ನೋಟ! ಎದ್ದೇಳು, ಬಹಳ ದೂರ ನೀನು ಸಾಗಬೇಕಾಗಿದೆ! ಕದಲದ ಹಿಮದ…
आकांक्षाओ और आत्म संघर्ष के बीच का द्वंद्व ( अपने अपने बुर्ज खलीफा ) समकालीन हिंदी साहित्य के विस्तृत परिदृश्य में कुछ कृतियाँ ऐसी होती हैं जो केवल कहानी कहने…