Category: प्रवासी लेख एवं अन्य विधाएं

प्रवासी देशों में हिंदी : स्थति और संभवनाएँ -(आलेख)

प्रवासी देशों में हिंदी : स्थति और संभवनाएँ कारमेन सुयश्वी देवी जानकी सूरीनाम भी एक प्रवासी देश है और यहाँ हिंदी के अलावा हमारी मातृ भाषा सरनामी है और सब…

ऑस्ट्रेलिया में हिंदी साहित्य – (लेख)

ऑस्ट्रेलिया में हिंदी साहित्य -रेखा राजवंशी कहा जाता है साहित्य समाज का दर्पण है। ऑस्ट्रेलिया में हिंदी साहित्य का इतिहास अधिक पुराना नहीं है। लगभग चालीस वर्ष पहले हिंदी भाषी…

ऑस्ट्रेलिया में हिंदी शिक्षण – (लेख)

ऑस्ट्रेलिया में हिंदी शिक्षण -रेखा राजवंशी ऑस्ट्रेलिया भी भारत की ही तरह एक बहु-सांस्कृतिक देश है, जहाँ अनेक देशों के लोग आकर बस गए हैं। यहाँ के खान-पान, रंग, रूप,…

श्येन परों पर ठहरी हिन्दी – (आलेख)

श्येन परों पर ठहरी हिन्दी -डॉ. आरती ‘लोकेश’ दुबई, यू.ए.ई. किसी विदेश भ्रमण के दौरान हर व्यक्ति एक विदेशी भाषा को हर समय सुनने के लिए अपने कानों को तैयार…

जापान में हिंदी : इतिहास और वर्तमान

डॉ. वेदप्रकाश सिंह ओसाका विश्वविद्यालय जापान में हिंदी भाषा आने से डेढ़ हज़ार साल पहले तत्कालीन सिद्धम लिपि और वर्तमान देवनागरी लिपि में व्यवहृत कुछ वर्ण आ चुके थे। अभी…

साहित्यिक अनुवाद से जुड़ीं चुनौतियाँ – (निबंध)

अनुवाद के साथ मेरा राब्ता कुछ दस साल पहले हुआ, जब मैंने रेडियो रूस में बतौर अनुवादक और उद्घोषक काम शुरू किया था। बावजूद इसके कि हिंदी और रूसी भाषाएँ…

पूश्किन हमारा सब कुछ हैं… (शोध आलेख)

6 जून 1799 को पूश्किन का जन्म हुआ, उन्हें उम्र 37 साल की मिली। यह उम्र अंकों में छोटी लगती है लेकिन किए गए काम कहते हैं कि वह सार्थक…

अपनी जगह, अपना शहर  – (निबंध)

आजकल दुनिया निरंतर सिमटती जा रही है और लोग बेहतर काम और जीवन की तलाश में न सिर्फ़, अपना गाँव और शहर बदलते रहते हैं हैं बल्कि देश और महाद्वीप…

‘पुनरपि जन्मम्, पुनरपि मरणम्, पुनरपि जननी जठरे शयनम्’ – (ललित निबंध)

इस रास्ते पर सप्ताह में चार दिन जाते हुए लगभग आठ साल। रास्ता मानो रट-सा गया है। घर से निकलने पर आधे मील के बाद बाँयी तरफ मुड़ने पर एक…

बोलिए सुरीली बोलियाँ…      (ललित निबंध)        

संगीत की अनौपचारिक महफ़िल में बैठी हूँ। महफ़िल अनौपचारिक अवश्य है लेकिन महफ़िल संगीत के बड़े जानकारों की है। बड़े उस्ताद हैं तो छोटे उस्ताद भी, और निष्ठावान शागिर्द भी,…

आधी रात का चिंतन – (ललित निबंध)

‘सर’ के यहाँ घुसते ही लगा कि शायद घर पर कुछ भूल आई हूँ। लेकिन समझ में नहीं आया। अरे, आप सोच रहे होंगे, ये ‘सर’ कौन हैं? तो बताऊँ…

विज्ञान और कला : एक अध्ययन

अमरीका में या कैनेडा में रहना अलग बात है और भारत में रहना अलग। इससे भला कौन न सहमत होगा। जो न होगा वो मूर्ख कहलायेगा और मूर्ख कहलाना किसी…

कहत कबीर सुनो भई साधो

हिंदी के संत साहित्य में कबीर का अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान है। चार प्रमुख भक्त कवियों में कबीर सबसे पहले आते हैं। भक्ति काल का समय मुहम्मद बिन तुगलक से शुरू…

सिनेमाई सितारों का सियासती सफर

सिनेमा के पर्दे पर सफल सितारें , सियासत में भी जोर आजमाईश करते रहें हैं | अभिनय कला में पारंगत होने से, ये रूप बदलने में माहिर होते हैं |…

सिनेमा, मीडिया और समाज

सिनेमा और मीडिया समाज के दर्पण हैं | इस दर्पण में सामाजिक चित्र-बिम्ब अपनी मुखर ध्वनि के साथ प्रतिबिम्बित होते हैं | इन्हें यदि समाज का दिव्य चक्षु कहा जाए…

भारत एवं चीन में आधुनिक शिक्षा की स्थिति

भारत –चीन विश्व की महान सभ्यताओं में से हैं जहाँ ज्ञान –विज्ञान की लौ सहस्त्राब्दियों से जल रही है I भारत – चीन ने अपनी ज्ञान परंपरा से सम्पूर्ण मानव…

चीन में हिंदी का विकास

भारत एवं चीन विश्व की चार सबसे पुरानी सभ्यता वाले देश हैं जिनके मध्य दो सहस्त्र वर्षों के सांस्कृतिक आदानप्रदान का इतिहास रहा है I दोनों देश सदियों से एक…

चीन में बारिश का रोमांच

“जल” मानव अस्तित्व के अपरिहार्य कारकों में से एक है, इसीलिए मानव सदियों से नदियों के किनारे हीं वास करता आया है। मानव सभ्यता की उत्पति भी नदियों के किनारों…

महात्मा गाँधी एवं चीन

भारत एवं चीन विश्व के चार महान सभ्यताओं में शामिल है, दोनों देशों के मध्य २००० वर्षों के मैत्री सम्बन्ध का इतिहास रहा है I दोनों देशों के मध्य उच्च…

सब बिज़ी हैं!

सब बिज़ी हैं! जी, सभी व्यस्त हैं ऐसा भी लिखा जा सकता था किन्तु वह यथार्थ का परिमार्जित संशोधित रुप होता अर्थात् व्याकरणीय छन्नी से छानकर आदर्श की मिलावट के…

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