Month: August 2026

तमिल पांडुलिपि परंपरा पर विशेष व्याख्यान एवं साहित्यिक विमर्श

तमिल पांडुलिपि परंपरा पर विशेष व्याख्यान एवं साहित्यिक विमर्श कार्यक्रम उल्लेख: साहित्य अकादेमी एवं डॉ. उ. वे. स्वामीनाथ अय्यर पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘ज्ञान भारतम् विशेष व्याख्यान शृंखला’ के…

ग़ालिब अकादमी में दोहा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन

ग़ालिब अकादमी में दोहा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन नई दिल्ली स्थित ग़ालिब अकादमी में दोहा लेखन करने वाले कवियों के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कुल 16…

महासमुंद में सजी ‘एक शाम लतीफ घोंघी के नाम’, छत्तीसगढ़ी में प्रकाशित हुई उनकी 24 रचनाएँ

महासमुंद में सजी ‘एक शाम लतीफ घोंघी के नाम’, छत्तीसगढ़ी में प्रकाशित हुई उनकी 24 रचनाएँ महासमुंद, छत्तीसगढ़। महान व्यंग्यकार लतीफ घोंघी की साहित्यिक विरासत को समर्पित एक विशेष साहित्यिक…

सिंगापुर में सजी हिंदी की खूबसूरत महफ़िल ‘पहचान’, 400 से अधिक हिंदीप्रेमियों ने लिया हिस्सा

सिंगापुर में सजी हिंदी की खूबसूरत महफ़िल ‘पहचान’, 400 से अधिक हिंदीप्रेमियों ने लिया हिस्सा सिंगापुर। हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के रंगों से सजी एक भावपूर्ण सांस्कृतिक संध्या…

नई दिल्ली में ‘भक्तामर और भारतीय चित्रांकन’ का लोकार्पण

नई दिल्ली में ‘भक्तामर और भारतीय चित्रांकन’ का लोकार्पण जैन संत विशुद्धसागर महाराज ने किया विमोचन, भारतीय और जैन चित्रांकन परंपरा को समर्पित है कृति नई दिल्ली। नई दिल्ली में…

वनमाली की 114वीं जयंती पर कहानी और कथेतर पाठ का आयोजन

वनमाली की 114वीं जयंती पर कहानी और कथेतर पाठ का आयोजन नई दिल्ली। सुप्रसिद्ध कथाकार एवं शिक्षाविद् जगन्नाथ प्रसाद चौबे ‘वनमाली’ की 114वीं जयंती के अवसर पर 4 अगस्त को…

गोवा में सजी ‘सुर और साज़’ की यादगार शाम, शीन काफ़ निज़ाम से हुई आत्मीय गुफ़्तगू

गोवा में सजी ‘सुर और साज़’ की यादगार शाम, शीन काफ़ निज़ाम से हुई आत्मीय गुफ़्तगू गोवा। कुछ शामें बीत जाती हैं, जबकि कुछ अपनी स्मृतियों में लंबे समय तक…

इंदौर के साहित्यिक संस्मरणों की महक: ‘समय की रेत पर इंदौरी यादें’ – डॉ. सुरेश कुमार मिश्र ‘उरतृप्त’

इंदौर के साहित्यिक संस्मरणों की महक: ‘समय की रेत पर इंदौरी यादें’ – डॉ. सुरेश कुमार मिश्र ‘उरतृप्त’ स्वर्गीय दादा पद्मश्री कैलाश चंद्र पंत जी ने न केवल मेरी पुस्तक…

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ श्रवणबेलगोला भारत के प्रमुख जैन तीर्थों में से एक है। यह कर्नाटक के हासन जिले में स्थित विश्वविख्यात धार्मिक, ऐतिहासिक एवं…

दिन विशेष विमर्श में डॉ. सुनीति रावत की कहानी मरभुक्खे

दिन विशेष विमर्श में डॉ. सुनीति रावत की कहानी मरभुक्खे डॉ. सुनीति रावत की यह कहानी ढाबे वाले सरदार जी और पास के कालेज में पढने वाले लड़कों को लेकर…

हिंदीतर गंगा कावेरी संवाद शृंखला : हिंदी-कन्नड़ अंतरसंबंध- विशेष संदर्भ – पारस्परिक अनुवाद

हिंदीतर गंगा कावेरी संवाद शृंखला : हिंदी-कन्नड़ अंतरसंबंध- विशेष संदर्भ – पारस्परिक अनुवाद

राजेन्द्र राजन की पुस्तक ‘ये इश्क़ नहीं आसां’ : अतुल खरे द्वारा समीक्षा

राजेन्द्र राजन की पुस्तक ‘ये इश्क़ नहीं आसां’ : अतुल खरे द्वारा समीक्षा “ये इश्क नहीं आसां” राजेन्द्र राजन जी द्वारा संकलित एवं संपादित तथा समृद्द पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित एक…

दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन में सजी पावस काव्य गोष्ठी

दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन में सजी पावस काव्य गोष्ठी नई दिल्ली । दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा सम्मेलन कार्यालय में ‘पावस गोष्ठी’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें अनेक वरिष्ठ…

दिन विशेष युवा लेखन विमर्श में उद्भव शांडिल्य की कविताएँ

दिन विशेष युवा लेखन विमर्श में उद्भव शांडिल्य की कविताएँ इन रचनाओं में संस्कृतनिष्ठ तत्सम शब्दावली, एक लयबद्ध प्रवाह और गंभीर दार्शनिक चिंतन प्रमुखता से दिखाई देता है। कवि का…

दिन विशेष नवोदित रचनाकार विमर्श में गौरी तिवारी की कहानी ‘माँ की साड़ी’

दिन विशेष नवोदित रचनाकार विमर्श में गौरी तिवारी की कहानी ‘माँ की साड़ी’ परिचय : गौरी तिवारी बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा हैं और हिंदी ऑनर्स के माध्यम से हिंदी…

प्रसिद्ध लेखिका डॉ. वंदना मुकेश के साथ साहित्यिक संवाद: “कई रंग, दो पंख, एक तितली”

प्रसिद्ध लेखिका डॉ. वंदना मुकेश के साथ साहित्यिक संवाद: “कई रंग, दो पंख, एक तितली” यह अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन कार्यक्रम ‘वैश्विक हिंदी परिवार’ द्वारा विश्व हिंदी सचिवालय, केंद्रीय हिंदी संस्थान, अंतरराष्ट्रीय…

दिन विशेष विमर्श : आस्था देव की प्रेरक रचना “कल करे सो आज कर”

दिन विशेष विमर्श : आस्था देव की प्रेरक रचना “कल करे सो आज कर” यह रचना एक ऐसी स्त्री की मनःस्थिति का जीवंत दस्तावेज है जो घर, बच्चे, नौकरी, स्टेटस…

साहित्य अकादेमी के ‘अस्मिता’ एवं ‘युवा साहित्य’ कार्यक्रम में महिला और युवा रचनाकारों का साहित्यिक पाठ

साहित्य अकादेमी के ‘अस्मिता’ एवं ‘युवा साहित्य’ कार्यक्रम में महिला और युवा रचनाकारों का साहित्यिक पाठ

क्वेरियम की मछलियां : अलका निगम

क्वेरियम की मछलियां : अलका निगम कभी देखी हैंएक्वेरियम की मछलियां,कुछ कुछ स्त्रियों सी ही तो होती हैं।रंग बिरंगे लिबास में लिपटी,कोई सोने से लदी गोल्ड फिश सरीखी,तो कोई स्टार…

“खोया-खोया चिंतन” : डॉ. सरोजिनी प्रीतम

“खोया-खोया चिंतन” : डॉ. सरोजिनी प्रीतम खोया-खोया चिन्तनसगुणी बोली, ‘‘यों खोये-खोये से क्यों लग रहे हो जी?’’रूपकचन्द तेजी से बोले, ‘‘हां हां मैं तो खोया-खोया ही हूँ। मिलाओ चीनी ……

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