हिंदुस्तानी प्रचार सभा में भारतीय भाषा के लेखकों और विद्वानों का एक विमर्श, रचना पाठ और स्नेह मिलन का आयोजन सम्पन्न

हिंदुस्तानी प्रचार सभा में भारतीय भाषा के लेखकों और विद्वानों का एक विमर्श, रचना पाठ और स्नेह मिलन का आयोजन सम्पन्न दिनांक 2 जून, 2026 को हिंदुस्तानी प्रचार सभा में…

सरकारी तख्ता (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन

सरकारी तख्ता (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन क्या आप जानते हैं कि सरकार का तख्ता कैसे उलटा जाता है? संभव है, आप कभी इस प्रकार का कार्य संपन्न करने के…

रिश्वतखोर लिमिटेड (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन

रिश्वतखोर लिमिटेड (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन जिस विभाग के कर्मचारियों को रिश्वत खाने की बीमारी लग जाए तो वे उससे कभी मुक्त नहीं होना चाहते हैं। और उसके राह…

 (कविता-अनुवाद) : “लेटर टू मदर”- “माँ को पत्र”-  प्रीति अग्रवाल

“लेटर टू मदर”- सर्गेई येसेनिन : “माँ को पत्र”- प्रीति अग्रवाल : (कविता-अनुवाद) माँ को पत्र क्या तुम अभी जीवित हो, मेरी प्यारी बूढी माँ? मैं भी जीवित हूँ। तुम्हें…

अंत भला तो सब भला ( कहानी अनुवाद ) : रेखा राजवंशी

अंत भला तो सब भला ( कहानी अनुवाद ) : रेखा राजवंशी जब किराए की कार झाँसी स्टेशन के बाहर आकर रुकी, प्रिया का भाई अनिल ड्राइवर के पास वाली…

“101 मंगल विचार” पुस्तक का लोकार्पण सम्पन्न

“101 मंगल विचार” पुस्तक का लोकार्पण सम्पन्न दिनांक – 03 जून 2026 ,फरीदाबाद के सरोवर पोर्टिको , मैपल हॉल में कवयित्री, मंच संचालिका सुमन माहेश्वरी की सद्यः प्रकाशित पुस्तक “101…

साहित्य, संवेदना, आत्मीयता एवं स्मृतियों से परिपूर्ण एक अविस्मरणीय साहित्यिक गोष्ठी सम्पन्न

श्रद्धांजलि के स्वर, साहित्य के संग “तुम मेरी धमनियों में रक्त बन बह रहे हो,जैसे धरती में होती है अपनी सौंधी सुगंध।और फूलों में बसी भीनी-मधुर महक॥” 1 जून 2026…

साइकिल – स्वास्थ्य और खुशी का साथी : सांद्रा लुटावन (कविता)

साइकिल – स्वास्थ्य और खुशी का साथी : सांद्रा लुटावन (कविता) सुबह की पहली किरण जब धरती पर मुस्काती है,हल्की ठंडी हवा भी मन को छू जाती है।सड़क किनारे खड़ी…

पूर्वोत्तर एवं कश्मीर में देवनागरी लिपि का प्रयोग : चुनौतियाँ और संभावनाएँ

पूर्वोत्तर एवं कश्मीर में देवनागरी लिपि का प्रयोग : चुनौतियाँ और संभावनाएँ दिनांक 31 मई 2026 को विश्व हिंदी सचिवालय, केंद्रीय हिंदी संस्थान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद, वातायन तथा भारतीय भाषा…

प्रतीक्षा ( कविता ) : मंजु गुप्ता

प्रतीक्षा ( कविता ) : मंजु गुप्ता क्या कभी तुमने महसूसा हैवह क्षणजब देह की पोर- पोर मेंउग आती हैं आँखेंरोम-रोम बन जाता है कानऔर सहस्राक्ष सा अपलक गिनता हैकिसी…

पेड़ सब हरे होते हैं ( कविता ) : मंजु गुप्ता

पेड़ सब हरे होते हैं ( कविता ) : मंजु गुप्ता पेड़ सब हरे होते हैंहरा होना कितनी बड़ी बात है, जानते हो ?धूप, ताप, आँधी, बरसात, पतझड़ सहते हुए,…

चिड़िया और उदासी ( कविता ) : मंजु गुप्ता

चिड़िया और उदासी ( कविता ) : मंजु गुप्ता एक उदास चिड़ियाबैठी थी पेड़ पर अकेली, गुमसुममैं भी उदास, सोच रही थी-चिड़िया उदास भला किस कारण होगीशायद उसे भूख लगी…

सूर्य की तलाश ( कहानी ) – रेखा राजवंशी

सूर्य की तलाश ( कहानी ) – रेखा राजवंशी विश्वास नहीं होता कि वह दुनिया से चल बसी। गोरी-चिट्टी, तीखे नाक-नक्श, हमेशा करीने से कटे हुए बॉबकट बाल। उसे देखो…

बिना धड़ की भूतनी ( कहानी ) : रेखा राजवंशी

बिना धड़ की भूतनी ( कहानी ) : रेखा राजवंशी पिछले दस साल से मेरा एक ही मकसद था, आते जाते लोगों को तंग करना। रात को और गर्मियों की…

अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : मेरी माँ का साहस (द करेज दैट माय मदर हैड)

अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : मेरी माँ का साहस (द करेज दैट माय मदर हैड) The courage that my mother hadEdna St. Vincent Millay (1892-1950) The courage…

अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : माँ के लिए ( टू माइ मदर )

माँ के लिए (टू माइ मदर) : अनुवाद (कविता) To My MotherEdgar Allan Poe (1809–1849) Because I feel that, in the Heavens above,The angels, whispering to one another,Can find, among…

“भरी गर्मी में काव्य की शीतल छाँव : अंतस् की 82वीं गोष्ठी बशीर बद्र को समर्पित”

“भरी गर्मी में काव्य की शीतल छाँव : अंतस् की 82वीं गोष्ठी बशीर बद्र को समर्पित” 28 मई की ‘नौ तपा’ की शाम 8 बजे आयोजित अंतस् की 82वीं गोष्ठी…

स्वर्णिम मार्ग : जापान यात्रा और भारत-जापान संबंधों का बहुआयामी परिप्रेक्ष्य – अमित गुप्ता

स्वर्णिम मार्ग : जापान यात्रा और भारत-जापान संबंधों का बहुआयामी परिप्रेक्ष्य – अमित गुप्ता प्रस्तावना –टोक्यो की सड़कों पर पहली बार कदम रखते ही मुझे लगा कि मैं किसी जीवंत…

 गोर्की की माँ – समीक्षक : शैलजा सक्सेना

गोर्की की माँ – समीक्षक : शैलजा सक्सेना आज दुनिया की इतनी सारी माता के बारे में सुनकर मन भावुक रहा है लिखने में तो मन बहुत ही छोटा शब्द…

Translate This Website »