Author: वैश्विक हिंदी परिवार

मेरी स्ट्रीट – (कविता)

मेरी स्ट्रीट है बहुत सुन्दर, मेरी स्ट्रीटदस हज़ार साल से पुरानी कॅरिंग प्लेस ट्रेलइसी पर थे फ़र्स्ट नेशन लोग सदा-सदा चलेहम्बरतटे, ऊँचे-ऊँचे संतरी ओक हैं खड़ेमेपल, बर्च, बीच, गिंगको मनोहर…

क्षणिकाएँ – (कविता)

क्षणिकाएँ 1. ढलते सूरज का गुलाबी दुपट्टासफ़ेद बर्च से लिपटा लिपटासजीला ओक उन्हें देख मुसकाएगुलाबी गुलाबी ख़ुद भी हो जाए 2. जैसे रूई के बादल सेयत्र तत्र छि तरे-छितरेस्नो फ़्लेक…

मधु भार्गव – (परिचय)

मधु भार्गव जन्म स्थान: नई दिल्ली वर्तमान निवास: टोरोंटो, कनाडा शिक्षा: दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक तथा निष्णात डिग्री तक अंग्रेज़ी साहित्य का अध्ययन। नेशनल संग्रहालय, नई दिल्ली से भारतीय संस्कृति…

भुवनेश्वरी पांडे की हाइकु – (हाइकु)

भुवनेश्वरी पांडे की हाइकु 1. कैसा नगरकोई ना पहचानेहम घूमते 2. केवल मकाँबीच कोई सड़कबैठोगे कहाँ? 3. अकेला पत्तालहराता रहा हैशीत ऋतु में। 4. थोड़ी सी छाँवतेरी नीली छतरी,हमें भी…

दे सको तो दे दो – (कविता)

दे सको तो दे दो जो कभी देने पर आओ, तो देना,मुझे मेरी स्वतंत्र उड़ान,मेरी कोमल आशायें,मेरी आत्मा की आवाज़,मेरी अनुभूति,मेरी अभिव्यक्ति। जो कभी देने पर आओ, तो देना,मेरी चाहत…

रूपांतरित – (कविता)

रूपांतरित मेरा भी रूपांतरण हो गया,धरती थी मैं, वृक्ष हो गई,धरती से उपजा यह तन मन,धरती ने ही दी तुमको महक। सुगंध भर दी साँसों में तुम्हारी,रंग रूप दिया और…

सुनो मुझे चाहिए – (कविता)

सुनो मुझे चाहिए सुनो, नहीं चाहिए तुम्हारी जायदाद,तुम्हारी कोठी, तुम्हारा रुतबा,तुम्हें मुबारक तुम्हारी शान। हमें तो बस, एक छोटी सी क्यारी थी चाहिए,जिसमें सुबह ही खिल उठती, थोड़ी हँसी,ज़रा सा…

भुवनेश्वरी पांडे – (परिचय)

भुवनेश्वरी पांडे जन्म-स्थान: भुवनेश्वर, उड़ीसा वर्तमान निवास: टोरोंटो, ओंटारियो शिक्षा: स्तानक (L.L.B.) प्रकाशित रचनाएँ: अग्नि (कहानी संग्रह), डायल मी माधव (काव्य संग्रह), आओ बच्चों हम तुम गायें (बाल गीत) लेखन-विधाएँ:…

आईसेक्ट के सटॉल पर  ‘नीदरलैंड की चर्चित कहानियों’ का लोकार्पण – (रिपोर्ट)

आईसेक्ट के सटॉल पर ‘नीदरलैंड की चर्चित कहानियों’ का लोकार्पण नीदरलैंड की संस्कृति, परंपराओं व लोक कथाओं व कहानियों को भारत से जोड़ने की कड़ी में बाल उपन्यास ‘नीदरलैंड की…

जे. कृष्णमूर्ति की पुस्तकों पर परिचर्चा आयोजित – (रिपोर्ट)

जे. कृष्णमूर्ति की पुस्तकों पर परिचर्चा आयोजित दिल्ली। प्रसिद्ध दार्शनिक और विचारक जे. कृष्णमूर्ति की पुस्तकों पर विश्व पुस्तक मेला प्रांगण में एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें…

तसलीमा नसरीन के कहानी संग्रह ‘शिउली की गंध और अन्य कहानियाँ’ का लोकार्पण और बातचीत – (रिपोर्ट)

तसलीमा नसरीन के कहानी संग्रह ‘शिउली की गंध और अन्य कहानियाँ’ का लोकार्पण और बातचीत उपस्थिति:तसलीमा नसरीनउत्पल बनर्जीमनोज कुमार पांडेयअशोक महेश्वरीधर्मेन्द्र सुशांत जलसाघर – राजकमल प्रकाशन में

कृषक – (कविता)

कृषक है कौन कृषक जोकपास की खेती अंबर में करता है?नाना प्रकार के खिलौनेप्रति दिन रूई के रचाता है,जाने कैसे बिन डोरी केमेघ नभ में लटकाता है?अरु घुमा घुमा कर…

वह मैं नहीं हूँ किंचित प्यारे – (कविता)

वह मैं नहीं हूँ किंचित प्यारे जो मुझको तुम समझते हो नित,वह मैं नहीं हूँ किंचित प्यारे,नौ द्वार के प्राकृतिक भवन मेंहम मनुज निवास करते सारे,राजा और उसका अमूल्य महलनहीं…

तरु संवाद – (कविता)

तरु संवाद शंकुल जाति के देवदारु ’सीडर’ने यहपर्णपाती ’मेपल’ से प्रश्न किया,क्यों हो रहा तव रंग इस तरह से पीलातब भीमकाय मेपल ने उत्तर दिया। (शरद)ग्रीष्म का गमन है होता…

कविता – (कविता)

कविता अनुभूति करने की कवि में क्षमता,व्यक्त करे वह बनती है कवितापानी में ही यदि हो दरिद्रताकैसे बहेगी सुरसरिसी सरिता? वारि बहन ही आपगा नहीं है,शब्द चयन ही कविता नहीं…

भारतेन्दु श्रीवास्तव – (परिचय)

डॉ. भारतेन्दु श्रीवास्तव जन्म: सन् 1935 में बाँदा (उ.प्र) (भारत) शिक्षा: बी.एससी. (1955); एम.एससी.(टैक) (1958) इलाहाबाद विश्वविद्यालय से। पीएच.डी. (सास्केचुआन विश्वविद्यालय, कैनेडा)। व्यवसाय: कनाडा मौसम-विज्ञान विभाग में वैज्ञानिक के रूप…

मन की मंदाकिनी – (कविता)

मन की मंदाकिनी मन की मंदाकिनी में,जब भी लहरें उठती है भावों की,आती जाती इन श्वासों को,वे याद दिलाती है आहों की,सब दिवस गये पल क्षण बनकर,देखो तो अति चतुराई…

स्वयंभू – (कविता)

स्वयंभू मन में तुम्हारी प्रीत का हर शब्द गीत है,तन में रमा है त्याग का वो पल पुनीत है,जो आदि से ही उपजा स्वयंभू सुनीत है,उस आदि प्रेम की ही…

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