थाईलैंड में हिंदी
थाईलैंड में हिंदी थानाभद आजकल भारतीय सभ्यता सर्वव्यापी उपलब्ध है क्योंकि प्राचीन काल में मूल भारतीय निवासी दुनिया भर में भ्रमण करते थे इसलिए वर्तमान में हम देख सकते है…
हिंदी का वैश्विक मंच
थाईलैंड में हिंदी थानाभद आजकल भारतीय सभ्यता सर्वव्यापी उपलब्ध है क्योंकि प्राचीन काल में मूल भारतीय निवासी दुनिया भर में भ्रमण करते थे इसलिए वर्तमान में हम देख सकते है…
आश्चर्य का प्रतीक – सीगीरिय एम्. एम्. नयना कुमारि
सिंहली संस्कृति एम. नधीरा शिवंती ऐसा विश्वास किया जाता है कि राजकुमार विजय और उसके 700 अनुयायी ई. पू. 543 में श्रीलंका में जहाज से उतरे थे। ये लोग “सिंहल”…
श्रीलंका के साहित्यकार एम. नधीरा शिवंती सभी देशों में उन देशों के साहित्य, साहित्यकारों के कारण जाने जाते हैं। श्रीलंका छोटा द्वीप है। फिर भी देश का साहित्य दुनिया के…
श्रीलंका का इतिहास एम. नधीरा शिवंती इतिहासकारों में इस बात की आम धारणा थी कि श्रीलंका के आदिम निवासी और दक्षिण भारत के आदिम मानव एक ही थे। पर अभी…
श्री लंका का संगीत एम. नधीरा शिवंती लोक संगीत जाति-आधारित लोक कविताएँ, जन कवि, व्यक्तिगत समूहों के बीच साझा किए गए सांप्रदायिक गीत के रूप में उत्पन्न हुई। आज, वे…
श्री लंका के अनुराधपुर युग की भाषा एवं साहित्य एम. नधीरा शिवंती अनुराधपुर युग श्री लंका प्राचीन इतिहास का पहला और महत्वपूर्ण युग है। श्री लंका का स्वर्ण युग भी…
नाम : एम. नधीरा शिवंती जन्म स्थान : कोलंबो शिक्षण : बी. ए. (श्री जयवर्धनपुर विश्वविद्यालय, नुगेगोडा, श्री लंका), एम. ए. (केलनीय विश्वविद्यालय, श्री लंका), हिन्दी विशारद (दक्षिण भारत हिन्दी…
उक्राइनी से अनुवाद – यूरी बोत्वींकिन
2015.378784.Bavander-BaherBhitter
अंतिम लीला भूमिका इस नाटक के पात्रों में हिंदू देवी-देवताओं के साथ कुछ स्लाविक पौराणिक ईसाईपूर्व देव-देवता भी हैं, जिनका ऐतिहासिक आधार हिंदू चरित्रों की तुलना में कहीं कम प्रमाणित…
1. मैंने बिकना अभी नहीं सीखा जैसा बाज़ार का माहौल है, वैसा रंग बदलना अभी नहीं सीखा, दुःख में शामिल होकर, अपना उल्लू सीधा करना अभी नहीं सीखा, यारों का…
नाविक कमलनाथ आज घर वापस लौट रहा था। बंदरगाह पर रुके जहाज में चढ़ने और अपनी-अपनी निर्धारित सीट पर बैठने में अभी कुछ समय की देर थी। कुछ औपचारिकताओं का…
“वीरेंद्र, क्या तुम सचमुच नहीं जानते कि सम्राट अशोक कौन थे? तुम कैसे भारतीय हो जिसने भारत के ऐसे प्रसिद्ध राजा का नाम भी नहीं सुना! क्या तुम्हारे माँ-बाप ने…
कीर्ति रिक्शा वाला पंद्रह साल से रिक्शा खींचता चला आया है। वह गरीब तो था ही और रिक्शा चलाने में जी-तोड़ परिश्रम की जरूरत होती थी, पर उसे अपने इस…
1. सुविधापरस्त ए.सी. वाली कार के भीतर बैठ मुरझाया-सा मन लिए जब चिलचिलाती धूप में मुस्कुराते फूल को देखा तो हैरत से भर गई मैं कि कैसे इतनी सड़ी गरमी,…
डॉ. वेदप्रकाश सिंह ओसाका विश्वविद्यालय जापान में हिंदी भाषा आने से डेढ़ हज़ार साल पहले तत्कालीन सिद्धम लिपि और वर्तमान देवनागरी लिपि में व्यवहृत कुछ वर्ण आ चुके थे। अभी…