Category: भारत

दिन विशेष लघुकथा में बलराम अग्रवाल की लघुकथाएँ

दिन विशेष लघुकथा में बलराम अग्रवाल की लघुकथाएँ १. “एक असन्तुष्ट से बातचीत” जैसे ही कार उसके नजदीक से गुजरती, भौंकते हुए वह आदतन-सा उसके साथ दौड़ पड़ता। आखिरकार, एक…

दिन विशेष युवा लेखन में रोहित कुमार की कविताएँ

दिन विशेष युवा लेखन में रोहित कुमार की कविताएँ नाम- रोहित कुमार ,रिसर्च स्कॉलर, हिन्दी एवम आधुनिक भारतीय भाषा विभाग,इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज । मेल- rohitkumar7271639@gmail.com १. ‘शहर के उस छोर…

अव्यक्त को व्यक्त करने की क्षमता है, अनिल प्रभा में : डॉ. मनोज मोक्षेंद्र

अव्यक्त को व्यक्त करने की क्षमता है, अनिल प्रभा में : डॉ. मनोज मोक्षेंद्र समीक्षित पुस्तक: “शिवना कथा सप्तक : अनिल प्रभा कुमार’प्रकाशक : शिवना प्रकाशनविधा : कहानीकथाकार : अनिल…

दिन विशेष : राष्ट्रकवि कुवेम्पु की कन्नड़ कविता ‘आगे बढ़ो, का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिंदी अनुवाद

दिन विशेष : राष्ट्रकवि कुवेम्पु की कन्नड़ कविता ‘आगे बढ़ो, का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिंदी अनुवाद आगे बढ़ो – डॉ. मैथिली पी. राव आगे बढ़ो, आगे बढ़ो,तोड़कर बाधाएँ…

दिन विशेष व्यंग्य : अम्मी की दुआओं में – डॉ. रमेश यादव

दिन विशेष व्यंग्य : अम्मी की दुआओं में – डॉ. रमेश यादव बरेली रेलवे स्टेशन के बाहर वह बड़े दार्शनिक अंदाज़ में बैठा था, जैसे भारतीय रेलवे की देरी और…

दिन विशेष कविता : “स्मृतियों का उजास” – दिब्येंदु कर्मकार

दिन विशेष कविता : “स्मृतियों का उजास” – दिब्येंदु कर्मकार सायक* था सदा मौन, अकेला, निराला,दफ़्तर में बीते वर्षों का जाला।न बोला अधिक, न किसी से मिला,जीवन का पथ वह…

दिन विशेष कविता : बदरा – डॉ. अर्जुन गुप्ता

दिन विशेष कविता : बदरा – डॉ. अर्जुन गुप्ता साज सवँर के बदरा आएसाज सवँर के बदरा आए,पाहुन बन कर आज।आगे-आगे हवा मचलती,करे खूब आवाज॥बंद खिड़कियाँ दर दरवाजे,खुले आज हरओर।पाहुन…

दिन विशेष कहानी : नचनिया – डॉ. रेनू यादव

दिन विशेष कहानी : नचनिया – डॉ. रेनू यादव डॉ. रेनू यादव की यह कहानी लोमहर्षक है. इस कहानी में एक नचनिया (नृत्यांगना) के इर्द-गिर्द कथानक के ताने-बाने को बुना…

नाना पाटेकर : स्मृतियों में जीवंत अभिनय की अमिट छाप – मनोज कुमार श्रीवास्तव

नाना पाटेकर : स्मृतियों में जीवंत अभिनय की अमिट छाप – मनोज कुमार श्रीवास्तव नाना पाटेकर गुस्सा नहीं निभाते थे। वे उस आदमी को निभाते थे जिसने गुस्से का हिसाब…

हिंदी के घर में अंग्रेज़ी का भविष्य : हितेन्द्र पटेल

तेज़ी बच्चन, प्रकाशवती पाल और स्वतंत्र भारत की व्यावहारिक बुद्धि प्रभात रंजन ने हाल ही में हरिवंशराय बच्चन से जुड़ा एक दिलचस्प प्रसंग साझा किया। इस तरह की छोटी-छोटी ऐतिहासिक…

शब्द-सारथी की सहमति में दिव्या माथुर की कहानियाँ – डॉ. मनोज मोक्षेंद्र

शब्द-सारथी की सहमति में दिव्या माथुर की कहानियाँ – डॉ. मनोज मोक्षेंद्र (दिव्या माथुर की कहानियां : एक सूक्ष्मावलोकन) चुनिंदा कथाकार ऐसे होते हैं जो शून्य से शुरू तो होते…

पुस्तक समीक्षा : “एक आदर्शवादी सपने को यथार्थ में बदलना” – नीलम दुग्गल ‘नरगिस’

पुस्तक समीक्षा : “एक आदर्शवादी सपने को यथार्थ में बदलना” – नीलम दुग्गल ‘नरगिस’ ‘टुवर्ड्स एन इगैलिटेरियन सोसाइटी’लेखक: डॉ. सुधा कुमारीप्रकाशक: आलोकपर्व प्रकाशनमूल्य: हार्ड कवर रु. 695/-, पेपरबैक रु. 495/-समीक्षक:…

दिन विशेष व्यंग्य : पेट्रोल महागाथा – डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र

दिन विशेष व्यंग्य : पेट्रोल महागाथा – डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार में बिल्कुल आख़िरी छोर पर खड़े मियाँ अज़ायब ख़ान को दूरबीन से देखकर ही पहचाना जा…

दिन विशेष अनुवाद में हंगेरियन कविता ” Ősz ” : Balázs Béla का ‘इंदुकांत आंगरिस’ द्वारा हिन्दी में अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में हंगेरियन कविता ” Ősz ” : Balázs Béla का ‘इंदुकांत आंगरिस’ द्वारा हिन्दी में अनुवाद 7 अक्टूबर 1956 को दिल्ली में जन्मे इंदुकांत आंगरिस हिंदी, अंग्रेजी…

दिन विशेष कविता : खोज – अलकनंदा साने

दिन विशेष कविता : खोज – अलकनंदा साने मत करो वर्णमाला में शामिलकिसी संधि में जगह मत दोसमास में रहने दो अपने पीछेमंजूर है. एक बिनती हैतत्सम ही रहने दोअपभ्रंश…

दिन विशेष कविता : रिमझिम रिमझिम गिरत पानी – चन्द्रभूषण यदु

दिन विशेष कविता : रिमझिम रिमझिम गिरत पानी – चन्द्रभूषण यदु रिमझिम रिमझिम गिरत पानीबोती जमाती किसान किसानी सबके जिंनगी के इही कहानीका परजा अब का राजा रानी रिमझिम रिमझिम…

दिन विशेष कविता : प्यारी अम्मा – प्रियंका सिंह

दिन विशेष कविता : प्यारी अम्मा – प्रियंका सिंह एक धुंधली सी याद हैबचपन से ही साथ हैचूल्हे पर से उठता धुआँरसोई में बैठी हमारी अम्माहांडी में रखी दाल उबलतीसिल…

दिन विशेष युवा लेखन : ग़ज़ल – अजय जायसवाल ‘अनहद’

दिन विशेष युवा लेखन : ग़ज़ल – अजय जायसवाल ‘अनहद’ अजय जायसवाल ‘अनहद’ जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के मछली शहर स्थित अगहुआ बाजार (किशुनदासपुर) के मूल निवासी हैं तथा वर्तमान में…

साक्षात्कार : “जिसे उस्ताद ने अपना पूरा ‘तबला’ दे दिया” – स्वरांगी साने

साक्षात्कार : “जिसे उस्ताद ने अपना पूरा ‘तबला’ दे दिया” – स्वरांगी साने तबले में अपनी मधुरता के लिए पूरब घराना जाना जाता है, उस मधुर घराने के मीठे उस्ताद…

दिन विशेष अनुवाद में “आहुति” की नेपाली कविता का “डॉ.तुलसी छेत्री” द्वारा हिन्दी अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में “आहुति” की नेपाली कविता का “डॉ.तुलसी छेत्री” द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. तुलसी छेत्रीएम ए,एमफिल,पीएचडीगुवाहाटी असम। हिंदी कविताओं का एकल संग्रह ‘रजस्वला शहर'(2023) एवं अनुभूति,अनुकृति,इनसे हैं हम…

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