Category: भारतीय रचनाकार

सूर्यबाला

सूर्यबाला जन्म : 25 अक्टूबर, 1943; वाराणसी। शिक्षा : एम.ए., पीएच.डी., काशी विश्वविद्यालय, वाराणसी। प्रकाशित कृतियाँ : उपन्यास : ‘मेरे संधि-पत्र’, ‘कौन देस को वासी : वेणु की डायरी’, ‘सुबह…

बलराम अग्रवाल की आठ लघुकथाएँ (लघुकथा संग्रह ‘तैरती हैं पत्तियाँ’ से)

1. समंदर : एक प्रेमकथा “उधर से तेरे दादा निकलते थे और इधर से मैं…” दादी सुनाना शुरू किया। किशोर पौत्री आँखें फाड़कर उसकी ओर देखती रही—एकदम निश्चल; गोया कहानी…

बलराम अग्रवाल

परिचय : बलराम अग्रवाल जन्म : 26 नवम्बर 1952 को उत्तर प्रदेश (भारत) के जिला बुलन्दशहर में । शिक्षा : पीएच. डी. (हिंदी), अनुवाद में स्नातकोत्तर डिप्लोमा। पुस्तकें : कथा…

बुद्धिनाथ मिश्र की कविताएँ

(1) असहिष्णु चुप थी गंगा सदियों से तो बड़ी भली थी लगी बोलने जब से दुनिया है अचरज में। कितना बड़ा अनर्थ हो रहा है भूतल पर! दासी देती है…

डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र

‘एक बार और जाल फेंक रे मछेरे/जाने किस मछली में बंधन की चाह हो’ जैसे अनेकों कालजयी गीतों के कवि डॉ बुद्धिनाथ मिश्र आधी सदी से हिन्दी काव्य मंच के…

कौन देश को वासी, वेणु की डायरी – (पुस्तक परिचय)

कौन देश को वासी, वेणु की डायरी – डॉ. जयशंकर यादव) प्रवासी भारतीय होना भारतीय समाज की महत्वाकांक्षा भी है,सपना भी है,कैरियर भी है और सब कुछ मिल जाने के…

नया ठाकुर

सुबह के आठ बजते-बजते सूरज भड़भूजे की भट्ठी की तरह दहकने लगा था। वह पूरा जोर लगाकर लगभग भागते हुए, पीछा कर रहे सूरज के लहकते गोले की लपट से…

नदी का दुःख

गहराई के खोने का दुःख नदी ही जान सकती है, गहराई ही उसकी तिजोरी थी जहाँ वह सहेजती थी—पुराण और इतिहास रहती थी अपने जाये जलचरों संग नदी बार-बार टटोलती…

मनोज मोक्षेन्द्र

पिता : (स्वर्गीय) श्री एल.पी. श्रीवास्तव, माता : (स्वर्गीया) श्रीमती विद्या श्रीवास्तव जन्म-स्थान : वाराणसी, (उ.प्र.) शिक्षा : जौनपुर, बलिया और वाराणसी से (कतिपय अपरिहार्य कारणों से प्रारम्भिक शिक्षा से…

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