Author: वैश्विक हिंदी परिवार

स्मिता सिंह – (परिचय)

डॉ स्मिता सिंह जन्म- 12 August शिक्षा- ​​​डॉक्टरेट कर्मक्षेत्र- मुंबई, दिल्ली, और सिंगापुर में। लेक्चरर के पद पर भारत में और सिंगापुर में। प्रमुख विधाएं-​ कविता, आलेख, व्यंग्य साहित्यिक प्रकाशन-…

नरेश शांडिल्य के हाल ही में प्रकाशित दोहा-संग्रह  ‘मेरी अपनी सोच’ पर चर्चा – (रिपोर्ट)

नरेश शांडिल्य के हाल ही में प्रकाशित दोहा-संग्रह ‘मेरी अपनी सोच’ पर चर्चा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान शिवाजी कॉलेज के हिन्दी विभाग और साहित्यिक संस्था ‘वयम्’ के संयुक्त…

लक्ष्मीबाई कॉलेज में “नारीरंग” कार्यक्रम का आयोजन – (रिपोर्ट)

लक्ष्मीबाई कॉलेज में “नारीरंग” कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई कॉलेज में “नारीरंग” कार्यक्रम का (NSS) सात दिन का शानदार आयोजन कॉलेज की प्रोफेसर डॉ मीनाक्षी आनंद के संयोजन…

TP Jhunjhunwala foundation के द्वारा चिन्मय फाउंडेशन के आडिटोरियम में कार्यक्रम – (रिपोर्ट)

TP Jhunjhunwala foundation के द्वारा चिन्मय फाउंडेशन के आडिटोरियम में कार्यक्रम पद्मश्री डॉ शीला झुनझनवाली जी की Shila TP Jhunjhunwala foundation वंचितो, असहाय, ज़रूरतमंद लोगों के लिए समर्पित है और…

मनाली के इग्लू – (यात्रा संस्मरण)

मनाली के इग्लू (पहला दिन – 21 जनवरी 2021) मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ इस्माईल मेरठी का वही शे’र ख़ुद को बारम्बार आकर्षित करता रहा है, जिसने केदार मिश्र को राहुल सांकृत्यान…

मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ – (परिचय)

मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ जन्म : नवंबर 1983 (बहराइच, उ० प्र०) रचनाएँ : शे’र, कविता एवं कथेतर साहित्य में सृजनरत प्रकाशन : शाम और तन्हाई (दो लाइना इश्क़) शे’र संग्रह आगामी…

वारंगल के ध्वंसावशेषों में – (य़ात्रा संस्मरण)

वारंगल के ध्वंसावशेषों में – डॉ वरुण कुमार “यहाँ कैसे आए, कोई काम था?” “नहीं, मैं तो यहाँ घूमने आया हूँ।” “यहाँ!” उनकी आँखों में हैरानी थी। “यहाँ क्या है?”…

विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार: एक साहित्यिक कृति का सम्मान – (सूचना)

हाल ही में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक घटनाक्रम में, प्रख्यात हिंदी लेखक विनोद कुमार शुक्ल को प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार न केवल…

डॉ. एच. बालसुब्रहमण्यम – (हिंदी के विकास में हिंदीतर)

डॉ. एच. बालसुब्रहमण्यम : एक बहुआयामी साहित्यिक व्यक्तित्व ~ विजय नगरकर डॉ. एच. बालसुब्रहमण्यम हिंदी साहित्य और अनुवाद के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। वे लेखन, अनुवाद, संपादन और…

हिन्दी ओलम्पियार्ड पोस्टर का लोकार्पण – (रिपोर्ट)

हिन्दी ओलम्पियार्ड पोस्टर का लोकार्पण कल बिहार दिवस के अवसर पर नीदरलैंड में भारतीय दूतावास Indian Ambassy के सांस्कृतिक केंद्र Gandhi Center Denhaag में अंतरराष्ट्रीय हिन्दी संगठन नीदरलैंड की अध्यक्ष…

नीदरलैंड में बिहार दिवस की धूम – (रिपोर्ट)

नीदरलैंड में बिहार दिवस की धूम रिपोर्ट- डॉ ऋतु शर्मा ननंन पाँडे नीदरलैंड गर्व से कहो हम बिहारी हैएक राज्य नही, एक देश देश नहींपूरा विश्व हमारा आभारी है.. गर्व…

गाँव की गोरी – (कहानी)

गाँव की गोरी अनुसूया साहू फूलों से मुझे विशेष प्रेम है, और तितलियाँ भी मेरे मन को बहुत भाती हैं। जैसे वे रंग-बिरंगे पंखों के साथ आकाश में स्वच्छंद उड़ान…

अच्छा है – (कविता)

अच्छा है सूखा पत्ताबोझिल रिश्ताझड़ जाए तो अच्छा है। मन की पीरनयन का नीरबह जाए तो अच्छा है। काली रातजी का घातढल जाये तो अच्छा है। अमीर की तिजोरीचोर की…

अनुसूया साहू – (परिचय)

अनुसूया साहू जन्म : १२ फ़रवरी १९८२, बुंदेलखंड ज़िला महोबा, प्रांत उत्तर प्रदेश शिक्षा : मुंबई, एचआर से एमबीए। वर्तमान में : सिंग़ापुर में शिक्षिका के तौर पर हिंदी सोसायटी…

पगडण्डी की तलाश – (कविता)

पगडण्डी की तलाश अपनी कोठरी के छोटे से झरोखे से देखती हूँदूर, बहुत दूर तक जाते हुए उन रास्तों को।पक्की कंक्रीट की बनी साफ़ सुथरी सड़केंखुद ही फिसलती जातीं सी…

गर्वीला प्रेम – (कविता)

गर्वीला प्रेम वो बैठी थी सोफे नुमा कुर्सी पर, कुछ आगे झुकी हुई,घुटनो तक का फ्रॉक और कम ऊंची एड़ी की सेंडल,ठुड्डी को हथेली पर टिकाये हलकी भूरी आँखों में…

उसका मेरा चाँद – (कविता)

उसका मेरा चाँद एक नौनिहाल माँ काएक खिड़की से झाँक रहा थासाथ थाल में पड़ी थी रोटी चाँद अस्मां का मांग रहा थामाँ ले कर एक कौर रोटी काउसकी मिन्नत…

यह भान किसे – (कविता)

यह भान किसे उसके सपनीले धागों मेंमैंने स्व मन के मोती धरेजो माला बनी, वो उसने धरीथे मनके किसके यह याद किसे। रातों के गहरे आँचल मेंकुछ उज्ज्वल से तारे…

त्रिभुवनदास पुरूषोत्तमदास लुहार : आज जिनका जन्मदिन है – (दिन विशेष_22.03)

त्रिभुवनदास पुरूषोत्तमदास लुहार त्रिभुवनदास पुरूषोत्तमदास लुहार का जन्म 22 मार्च 1908 को मियाँ मातर, भरूच, बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत में हुआ था। वे भारत के एक गुजराती भाषा के कवि…

आज के दिन विभूति विशेष के नाम : हनुमान प्रसाद पोद्दार – (दिन विशेष)

आज के दिन विभूति विशेष के नाम : हनुमान प्रसाद पोद्दार – डॉ जयशंकर यादव 22 मार्च 1971 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आध्यात्मिक विभूति हनुमान प्रसाद पोद्दार का निधन। उन्होंने…

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