Month: June 2026

“मंगल-आह्वान” कविता (कविता संग्रह – रेणुका ) : रामधारी सिंह ‘दिनकर’

“मंगल-आह्वान” कविता (कविता संग्रह – रेणुका ) : रामधारी सिंह ‘दिनकर’ भावों के आवेग प्रबलमचा रहे उर में हलचल। कहते, उर के बाँध तोड़स्वर-स्त्रोत्तों में बह-बह अनजान,तृण, तरु, लता, अनिल,…

चन्दा मामा की शान ( बालगीत ) : बालस्वरूप ‘राही’

चन्दा मामा की शान ( बालगीत ) : बालस्वरूप ‘राही’ चंदा मामा कहो तुम्हारीशान पुरानी कहाँ गई?कात रही थी बैठी चरखाबुढ़िया नानी कहाँ गई?सूरज से रोशनी चुराकरचाहे जितनी भी लाओ,हमें…

ऊँट ( बालगीत ) : बाल स्वरूप ‘राही’

ऊँट ( बालगीत ) : बाल स्वरूप ‘राही’ ऊँट बड़े तुम ऊट-पटाँग!गरदन लंबी, पूंछ जरा-सीआँखें छोटी, दाटत बड़े,ऊबड़-खाबड़ पीठ, ऊँघतेरहते अक्सर खड़े-खड़े।बँधी गद्दियाँ हैं पैरों मेंलेकिन झाडू जैसी टाँग! सारा…

दीवारों पर लिखी सिसकियाँ ( व्यंग्य ) : डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’

दीवारों पर लिखी सिसकियाँ ( व्यंग्य ) : डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ इतिहास की किताबों में लिखा है कि शाहजहाँ ने मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया था। पर…

आँधियों का मौसम ( समकालीन व्यंग्य ) : प्रेम जन्मेजय

आँधियों का मौसम ( समकालीन व्यंग्य ) : प्रेम जन्मेजय मैंने तो अपने घर के टीन-छप्पर सँभाल लिए हैं, आप अपनी रक्षा स्वयं करें। जिधर से सुनों यही सुनने को…

अध्यक्षस्य प्रथम दिवसे ( समकालीन व्यंग्य ) : प्रेम जन्मेजय

अध्यक्षस्य प्रथम दिवसे ( समकालीन व्यंग्य ) : प्रेम जन्मेजय उन्होंने मुझे सुबह सुबह चौंका दिया। सुबह सुबह चौंकाने का काम या तो पत्नी करती है या फिर टेलीफोन करता…

अंधेरे के पक्ष में उजाला ( समकालीन व्यंग्य ) : प्रेम जनमेजय

अंधेरे के पक्ष में उजाला ( समकालीन व्यंग्य ) : प्रेम जनमेजय मेरे मोहल्ले में अनेक चलते किस्म के लोग रहते हैं। मेरे मोहल्ले में पुलिस, न्यायालय, संसद, साहित्य, नौकरशाही…

सूरज का रथ ( बालगीत ) : बालस्वरूप ‘राही’

सूरज का रथ ( बालगीत ) : बालस्वरूप ‘राही’ सूरज का रथ बड़ा निराला,जुते हुए हैं घोड़े सात! घोड़ा एक लाल भड़कीला,घोड़ा एक हरा चमकीला,घोड़ा एक चमाचम पीला,एक बड़ा ही…

गाँधीजी के बन्दर तीन ( बालगीत ) : डॉ. बालस्वरूप ‘राही’

गाँधीजी के बन्दर तीन ( बालगीत ) : डॉ. बालस्वरूप ‘राही’ गाँधीजी के बन्दर तीन,सीख हमें देते अनमोल । बुरा दिखे तो दो मत ध्यान,बुरी बात पर दो मत कान,कभी…

बुढ़ापा बनाम अनुभव ( कविता ) : मंजु गुप्ता

बुढ़ापा बनाम अनुभव ( कविता ) : मंजु गुप्ता बुढ़ापा बिन बुलाए आता हैअनुभव परिश्रम से कमाया जाता है।बुढ़ापा लाचारी, अनुभव जौहरी पारखीबुढ़ापा तोड़ता है, अनुभव सिखाताबुढ़ापा उम्र की मजबूरी,…

बस दौड़ रहा आदमी… ( कविता ) : मंजु गुप्ता

बस दौड़ रहा आदमी… ( कविता ) : मंजु गुप्ता बच्चों मे भोलापन, मासूमियतकिशोरों में जिज्ञासा, कौतूहलयुवाओं में स्वप्नदर्शिता और जीवन में आस्था, विश्वासइत्र की खुली शीशी – सी गायब…

उनके वादे कल के हैं ( ग़ज़ल ) : डॉ. बालस्वरूप राही

उनके वादे कल के हैं ( ग़ज़ल ) : डॉ. बालसरूप राही उनके वादे कल के हैंहम मेहमाँ दो पल के हैं । कहने को दो पलके हैंकितने सागर छलके…

ज्ञान – ध्यान कुछ काम न आए ( ग़ज़ल ) : डॉ. बालस्वरूप ‘राही’

ज्ञान – ध्यान कुछ काम न आए ( ग़ज़ल ) : डॉ. बालस्वरूप ‘राही’ ज्ञान ध्यान कुछ काम न आएहम तो जीवन-भर अकुलाए । पथ निहारते दृग पथराएहर आहट पर…

वरिष्ठतम कवि एवं प्रेरक डॉ.बालस्वरूप ‘राही’ जी के 90वें जन्मोत्सव पर भव्य अभिनंदन एवं एकल काव्य-पाठ समारोह सम्पन्न

वरिष्ठतम कवि एवं प्रेरक डॉ.बालस्वरूप ‘राही’ जी के 90वें जन्मोत्सव पर भव्य अभिनंदन एवं एकल काव्य-पाठ समारोह सम्पन्न दिनांक : 08/06/2026, विश्व हिंदी सचिवालय, केंद्रीय हिंदी संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद,…

भावना ( कविता ) : डॉक्टर शिवनंदन यादव

भावना ( कविता ) : डॉक्टर शिवनंदन यादव मैंने पूछा कि भावना क्या है?कौन-सा रूप, धारणा क्या है?भावना दुलार, नेह, ममता है,मीरा का गीत, सूर-कविता है; भावना मिलन-सांझ, सरस प्रेम-पाती…

पर्यावरण दिवस पर ‘भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण’ के राजभाषा विभाग में’ नदी गायब है’ पर परिचर्चा

पर्यावरण दिवस पर ‘भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण’ के राजभाषा विभाग में’ नदी गायब है’ पर परिचर्चा ‘भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण’ के निगमित मुख्यालय का राजभाषा विभाग हिन्दी के प्रसार को बढ़ावा देने…

कविता अनुवाद : “टू माय डॉटर “- कवि: हेइके एन. सिम्स : “मेरी बेटी के लिए”- आशा बर्मन 

कविता अनुवाद : “टू माय डॉटर “- कवि: हेइके एन. सिम्स : “मेरी बेटी के लिए”- आशा बर्मन मेरी बेटी के लिए मेरी बेटी ,तेरी ओर देखती हूँ,और स्वयं से…

“वैश्विक हिंदी परिवार की संगोष्ठी में त्रिभाषा सूत्र और भारतीय भाषाओं के विकास पर गंभीर विमर्श”

“वैश्विक हिंदी परिवार की संगोष्ठी में त्रिभाषा सूत्र और भारतीय भाषाओं के विकास पर गंभीर विमर्श” दिनांक : 7 जून 2026 (रविवार), विश्व हिंदी सचिवालय, केंद्रीय हिंदी संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग…

“हिंदी प्रतिभा प्रदर्शन समारोह” का भव्य आयोजन सम्पन्न

“हिंदी प्रतिभा प्रदर्शन समारोह” का भव्य आयोजन सम्पन्न “दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन” एवं “हिंदी प्रतिभा पुंज” संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “हिंदी प्रतिभा प्रदर्शन समारोह” अत्यंत गरिमामय एवं सफल…

“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”

“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”

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