Author: वैश्विक हिंदी परिवार

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में आयोजित छठे नदी उत्सव का समापन – (रिपोर्ट)

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में सम्पन्न तीन दिवसीय छठे नदी उत्सव का समापन लोक और अकादमिक विमर्श के अनूठे संगम के साथ हुआ। अंतिम दिवस पर पद्मश्री Malini Awasthi…

संपादित पुस्तक “दीनदयाल उपाध्याय: चिंतन के विविध आयाम” का विमोचन – (रिपोर्ट)

VLMS Publications समूह द्वारा प्रकाशित एवं डॉ अर्चना त्रिपाठी (दिल्ली विश्वविद्यालय) द्वारा संपादित पुस्तक “दीनदयाल उपाध्याय: चिंतन के विविध आयाम” का विमोचन Constitution Club of India में 25 सितंबर को…

बुल्गारियाई उपन्यास ‘अहिंसा’ का लोकार्पण: एक जासूसी और आध्यात्मिक यात्रा का संगम – (रिपोर्ट)

मौना कौशिक, बुल्गारिया दिनांक: 25 सितंबर | समय: शाम 6:30 बजे | स्थान: सोफिया, बुल्गारिया भारतीय दूतावास की प्रमुख श्रीमती सोनी दहिया की उपस्थिति में इवान कोमिता द्वारा लिखित रोमांचक…

दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा “साहित्यकार सम्मान समारोह – 2025” का आयोजन – (रिपोर्ट)

दिनांक 20.09.2025 को नई दिल्ली के आइटीओ स्थित हिन्दी भवन के सभागार में दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा “साहित्यकार सम्मान समारोह – 2025” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता…

‘आर्ट कनेक्ट’ कला मेले के शुभारंभ – (रिपोर्ट)

26 सितंबर 2025 अगस्त शुक्रवार को ओखला स्थित NSIC Exhibition Ground, में आयोजित Artecious World के बैनर के साथ प्रारम्भ हुए ‘आर्ट कनेक्ट’ कला मेले के शुभारंभ हेतु विशिष्ट अतिथि…

लंदन में संजीव पालीवाल की ‘ये इश्क नहीं आसां’ पुस्तक पर चर्चा – (रिपोर्ट)

लंदन में Prabha Khaitan Foundation के सौजन्य से ‘कलम’ कार्यक्रम में संजीव पालीवाल की ‘ये इश्क नहीं आसान’ पुस्तक पर सार्थक चर्चा हुई। Shikha Varshney ने संजीव पालीवाल से बात…

मिथिला में दुर्गा पूजा – (ब्लॉग)

मिथिला में दुर्गा पूजा – आशीष रंजन दुर्गा पूजा भारत में मनाए जाने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। यह त्योहार कुल दस दिनों तक पूरे विधि-विधान के…

यश चोपड़ा – (आज जिनका जन्मदिन है)

यश चोपड़ा रजनीकांत शुक्ला यश चोपड़ा का जन्म 27 सितंबर, 1932 को लाहौर में हुआ था जो अब पाकिस्तान में है। स्वतंत्रता के बाद वह भारत आ गए। उनके बड़े…

टोटम पोल – (कविता)

धर्मपाल महेंद्र जैन ***** टोटम पोल जो छोड़कर चले गए स्मृतियाँवे वापस आयेंगे कभी तोयहाँ नहीं तो कहीं दूरदक्षिण के समंदर तट परया पूरब की पहाड़ी के बीहड़ मेंया कहीं…

राजा – (कविता)

धर्मपाल महेंद्र जैन ***** राजा राजा युद्ध की बात करते हैंयुद्ध लड़ते नहीं अब, भेजते हैंफ़ौजी, टैंकें, मिसाइलें और आयुधवे मोर्चे पर जाते नहीं अब।राजा युद्ध में मरते नहीं अब।…

पेड़ – (कविता)

पेड़ ***** धर्मपाल महेंद्र जैन खड़े हैं दो-तीन सदियों सेपेड़ घने जंगल में।यहाँ पेड़ों से बात करना सरल हैउन्हें मालूम है चप्पा-चप्पाजहाँ तक फैलती है उनकी छाँह। वे जानते हैं…

ग़ुस्सैल हवा – (कविता)

धर्मपाल महेंद्र जैन ***** ग़ुस्सैल हवा हवा ऐसी नहीं थी कभीकि सरपट दौड़ने लगे धरती परवायुयान-सी तेज़अंधी हो जाए और ज़मींदोज कर जायेयौवन से भरे पेड़उड़ा ले जाए घरों की…

मेरे भीतर कितने ‘मैं’ हैं – (कविता)

धर्मपाल महेंद्र जैन ***** मेरे भीतर कितने ‘मैं’ हैं मेरे भीतर कितने ‘मैं’ हैं जाने-अनजाने।कितने ‘मैं’ नए, किंतु कुछ बहुत पुराने। एक मैं हूँ बच्चा बचपन का।एक मैं हूँ ज्ञानवान…

द हिट गर्लःआशा पारेख – (ब्लॉग)

आशा पारेख रजनीकांत शुक्ला आशा पारेख 60 के दशक की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक है। 1959 से लेकर 1973 तक वह बॉलीवुड फिल्मों की टॉप अभिनेत्रियों में शामिल रही।…

असम के दिवंगत बालीवुड के बहुमुखी पार्श्वगायक जुबीन गर्ग को विनम्र श्रद्धांजलि – (श्रद्धांजलि)

(जन्म: 18 नवम्बर 1972, तुरा, मेघालय – निधन: 19 सितम्बर 2025, सिंगापुर) असम के सबसे प्रभावशाली और बहुमुखी कलाकारों में से एक थे। उनका असली नाम जिबन बोरठाकुर था। उनका…

शून्य का बोझ – (लघु कथा)

शून्य का बोझ कृष्णा वर्मा प्रकाश की पत्नी का असमय देहांत हो गया। पत्नी से अगाध प्रेम करने वाले प्रकाश ने कभी दूसरी शादी करने का सोचा तक नहीं। नन्हे…

हिन्दी राइटर्स गिल्ड, कनाडा द्वारा “साहित्य सृजन सम्मान–2025” का आयोजन किया गया – (रिपोर्ट)

ब्रैम्पटन स्थित त्रिवेणी मंदिर में 13 सितम्बर 2025 को हिन्दी राइटर्स गिल्ड कैनेडा द्वारा आयोजित “साहित्य सृजन सम्मान–2025” का आयोजन गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। प्रारंभ में जलपान के पश्चात…

हिंदी राइटर्स गिल्ड की गोष्ठी, आधुनिक स्त्री और हिंदी साहित्य – (रिपोर्ट)

शनिवार, दिनांक 20 सितम्बर 2025 को हिंदी राइटर्स गिल्ड द्वारा ब्रैम्पटन लाइब्रेरी की स्प्रिंगडेल शाखा में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का विषय था “आधुनिक स्त्री और…

सफेद बत्तखें – (कहानी)

सफेद बत्तखें हंसा दीप मेरी पत्नी बहुत कम बोलती है। मैं उसकी चुप्पी का आदी हूँ। उसकी आँखों की पुतलियाँ मुझे उसकी हर बात समझा देती हैं। जब दोनों आँखें…

टूक-टूक कलेजा – (कहानी)

टूक-टूक कलेजा हंसा दीप सामान का आखिरी कनस्तर ट्रक में जा चुका था। बच्चों को अपने सामान से भरे ट्रक के साथ निकलने की जल्दी थी। वे अपनी गाड़ी में…

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