मेरे जीवन का कैनवास – (कविता)
मेरे जीवन का कैनवास मेरे जीवन के कैनवास पर तुमने जो चित्र अंकित किया हैउसमें समय-समय पर कई-कई रंग बिखरते गए हैं एक दीर्घ समय तक का हमारा साथ,और उस…
हिंदी का वैश्विक मंच
मेरे जीवन का कैनवास मेरे जीवन के कैनवास पर तुमने जो चित्र अंकित किया हैउसमें समय-समय पर कई-कई रंग बिखरते गए हैं एक दीर्घ समय तक का हमारा साथ,और उस…
आकांक्षा थक चले हैं पाँव, बाहें माँगती हैं अब सहारा।चहुँ दिशि जब देखती हूँ, काम बिखरा बहुत सारा॥ स्वप्नदर्शी मन मेरा, चाहता छू ले गगन को,मन की गति में वेग…
बीते ऐसे दिन बीते ऐसे दिन बहुतेरे।बीते दिन बीती रातों में,सुधियों के बढ़ते से घेरे।बीते ऐसे दिन बहुतेरे॥ बचपन के सुन्दर सपनों मेंछिपा हुआ सुखमय संसार।सहजप्राप्य अभिलाषाओं मेंभरा हुआ सुख-चैन…
बँधे-बँधे लोग खुला आकाश,दूर-दूर तक फैली धरती,स्वच्छंद समीरणऔर बँधे-बँधे लोग। भले-बुरे विभिन्न कार्य-कलाप करते हुये,अपने-अपने अहम् के सूत्र से बँधे लोग।अपने से सशक्त देखा,उनकी परिधियों सेस्वयं को भी बाँधने लगे…
मैं और मेरी कविता कभी कभी मुझे ऐसा होता है प्रतीत,कि मेरी कविताओं का भीबन गया है अपना व्यक्तित्व । वे मुझे बुलाती हैं,हँसाती हैं, रुलाती हैं,बहुत दिनों तक उपेक्षित…
अभिशप्त पृथ्वी को केन्द्र मानकर,चाँद उसके चारों तरफ़घूमता रहता है। और स्वयं पृथ्वी भी तोविशाल विस्तृत पृथ्वी,शस्य-श्यामला पृथ्वी,रत्नगर्भा पृथ्वी, सूर्य केचारों ओर घूमती रहती है-बाध्य सी,निरीह सी,अभिशप्त सी। फिर भी,…
समय का वरदान! बदल जाता समय-संग ही प्यार का प्रतिमान।समय का वरदान ! साथ था उनका अजाना, वह समय कितना सुहाना।एक अनजाने से पथ पर, युव पगों का संग उठना॥…
ख्यालों में गुम जब कभी उड़ती हैतनहाइयों की धूलतब ले आती हैपवन यादों की बारिशजैसे कई लहरें,उछलती, गिरती, बैठतीसूने तट को बहलातीयाकोई निराश आवाज़घूमती, गुनगुनातीकिसी टूटे साज़ को धड़कातीवैसे हीउनकी…
ऋण दिव्य शक्तियों की बात पुरानीशास्त्रों में मिलती कई कहानीवेदों का अनंत ज्ञानप्रकृति का करता गुणगानप्राचीन काल सेगहरी आस्था हमारीजिससे है सृष्टिजन जवीन सारीपृथ्वी, जल, वायु, अग्नि आकाशपंच महाभूतों के…
अपना बसिंदा आज कल न जाने क्योंदिन घिसते-घिसतेरात हो जाती हैऔर रात – एक लम्बी बनवासदिखाई देती है मुझेये सूरज चाँद सितारेलेकिन दिखता नहीं क्योंअपना बसिंदा आम का पेड़जो सालों…
ये दिवाली वो दिवाली क्या याद है तुम्हेंअपनी वो दिवालीउस गाँव केछोटे से घर परअब तोकई साल बीत गए हैंछूट गया गाँवटूट गया वो घरहमारी दिवाली के बीचआमावस आ गई…
मदहोश परिंदे! ऐ थम जा मदहोश परिंदे!ये चाँद सी तड़पसूरज सी जलनअरमानों कोराख कर देगाहमारे सपनों कोखाक कर देगाऐ थम जा मदहोश परिंदे!उड़ना मुझको आता नहींजलना हमें गवारा नहींतुम उस…
एक चेहरा हजारों चेहरों मेंमैं ढूँढ़ रहा हूँछोटी सा आरजू लेकरवहीं नगर वहीं डगरघूम रहा हूँघूम रहा हूँघूम रहा हूँआँखों में बसी हैतेरे घुँघराले बालऔर चमचमाते झुमकेजो कर देती है…
पिंजरा एक छोटी सी पोटलीएक मीठा सा सपनालेकर झगरूचला सात समुद्र पारबारह सौ मील दूरजब आँख खुलीतो पाया रमणीक द्वीपसाहब का कटीला चाबुकऔर भूत लैन मेंएक अंधेरा कमरारोया, गाया, भागा,बहुत…
शाम अच्छे से वाकिफ़ हूँ इससेजो अंधेरे जैसी छाई है,जमाना कहे जिसे आज़ादीएक लंबी सी तनहाई है ।ए ख़ुद की मर्जी की मालिक,तूने क्या किस्मत पाई है,कहते हैं जिन्होंने हर…
पहाड़ और नदी मैं, दुर्गम, कठोर पहाड़वह खिलखिलाती बहती नदी थी,ताज़्जुब नहीं कि चली गईहैरत है कि वह कभी मेरी थी।मेरा ठहराव,शायद कभी समझी नहीं।अच्छा हुआ के मुझ पत्थर संगवह…
चला आया हूँ चला आया हूँ, उस दौर को छोड़कर,उस खेल को छोड़कर, उस छाँव को छोड़कर।आ गया हूँ, कहाँ, पूछता हूँ खुद से,जाना कहाँ है, ये भी नहीं है…
गांधी के सपनों का भारत, आ निकला है किस ये पथ पर उम्र जवां है, उमड़ा यौवन, दिल मे लेकिन चुभता नश्तर।।बोस, आजाद, बिस्मिल, जैसे थे मणि के हीरे।चमक रहे…
शर्म की बात है! बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ,नारा तुम लगाते हो।आती है जब बात न्याय की,चुप्पी साध क्यों जाते हो?आठ साल की बच्ची थी वो,थी वो दुनियाँ से अनजान।बनाया उसको…
इंसाफ का सवाल वाह रे मेरे देश के इंसान,मारते हो इक छोटी सी बच्ची,और चिल्लाते हो,मेरा भारत महान।वाह रे, मेरे देश के फ़नकार,खिताब न लौटाओगे अब,बैनर न लगाओगे अब,अरे झूठे…