हम मिलें आमने-सामने (कविता)
हम मिलें आमने-सामने (कविता) (बृद्धावस्था, सामयिक चिंतन) खुशी की खोज में मैं करवटें बदलता हूँमैं कोई संगीतकार या कवि नहीं हूँऔर नहीं हूँ शब्दों का जाल बिछाता लेखकजो बनाते हैं…
हिंदी का वैश्विक मंच
हम मिलें आमने-सामने (कविता) (बृद्धावस्था, सामयिक चिंतन) खुशी की खोज में मैं करवटें बदलता हूँमैं कोई संगीतकार या कवि नहीं हूँऔर नहीं हूँ शब्दों का जाल बिछाता लेखकजो बनाते हैं…
प्रभु का ध्यान (कविता) (आत्मिक चिंतन, अधूरे प्रश्न) प्रभु, मैं कैसे ध्यान करूँ?अपने मन के भावों को कैसे तुम्हें बताऊँश्रद्धा भक्ति के गीतों को कैसे तुम्हें सुनाऊँ व्याथापूर्ण वाणी को…
राही एक सड़क पर (कविता) (प्रवासी जीवन, भावनात्मक संघर्ष) विजय पताका लेकर भागा, दुनिया की इस दौड़ मेंकालचक्र की सुधि नहीं थी, यौवन के इस खेल में lसुख-दुःख का बन्धन…
अतीत के पन्नों से (डायरी) मेरी यादों का फलक वो कहते हैं न, ‘स्काई इज द लिमिट’ कुछ ऐसे ही मेरे जीवन की पगडंडियों के निशान हैं जो अब धरती…
अपने भीतर के क़लमकार से मुलाक़ात (डायरी) अपने अंदर छुपे हुए इस रचनाकार से में अपरिचित थी, पर जब पहचान हुई तो लगा हम अजनबी थे ही नहीं, साथ-साथ एक…
अबूझ – सरस दरबारी, कनाडा “दीदी आपको शादी में आना ही होगा।” “पर स्वाति मैं किसी को नहीं जानती।” “मुझे तो जानती हैं न। यह भी जानती हैं कि मेरे…
टोकरी – उम्मीदों की डॉ. शिप्रा शिल्पी सक्सेना, कोलोन, जर्मनी ओह, 7 बज गए, क्रिस्टी ने आँख खोलकर घड़ी पर नजर दौड़ाई, आँखें मिचमिचाते हुए चारों ओर देखा, पर सुबह…
“प्रवासी कथाकार शृंखला” राकेश मिश्र शैलजा सक्सेना जी से मेरा परिचय हिंदी राइटर गिल्ड के मासिक कार्यक्रम में हुआ। उनकी लिखी कहानियों को पढ़ने से पहले मैंने उन्हें सुना है…
थाईलैंड – माई नाम शिखा रस्तोगी, बैंकॉक,थाईलैंड नदियों के महत्व को मनुष्य अच्छी तरह से जानता है। थाई भाषा में, माई नाम नदी के लिए एक सामान्य शब्द है, जिसमें…
कोरोना-चिल्ला* दिव्या माथुर तीन हफ्ते हो चुके हैं जॉन को घर छोड़े हुए; वह एक कैरावैन में किराए पर रह रहा है, वहीं से वह दफ़्तर का काम भी संभाल…
बेक्ड-बीन्स दिव्या माथुर सुपरमार्केट के यूँ ही चक्कर लगते हुए बुढ़िया ने ग्राहकों और लोगों की नज़र से बचते हुए दो छोटे टमाटर और कुछ लाल अँगूर मुँह में रख…
डॉ. शिप्रा शिल्पी (कोलोन, जर्मनी) ***** चौक पुराये मंगल गायें चौक पुराये मंगल गायें, आई है दीवालीनाचे-गायें ख़ुशी मनायें, आई है दीवाली धनतेरस खुशहाली लायाजन-जन का है मन हर्षायामिलजुल कर…
हिंदी और डच : विकसित होता आपसी संवाद रामा तक्षक, नीदरलैंड्स वर्ष 2019, नीदरलैंड्स में भारतीय राजदूत श्री वेणु राजामणि द्वारा एक पुस्तक लिखी गई थी। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा…
दसग्रीव दशानन् दसकंधर कहलाता थाजब रावण चलता सारा जग हिल जाता थावो था पंडित-विद्वान और था बलशालीउसके सन्मुख देवों का जी थर्राता था रावण ने सोने की लंका बनवाई थीतीनों…
अर्चना ***** हिंदी दिवस हिंदी शब्द सुन तरंगित हो उठे मन मेराकलम भी आतुर कुछ लिखने कोभारत भूमि से कोसों दूरएकत्रित हम यहाँदेने को सम्मानअपनी मातृभाषा कोक्यों ना इतराओं मैंइस…
अर्चना ***** रिश्ते रिश्तों का अस्तित्व क्या है ? क्या समझ पाया है कोई ?बड़े बेमानी से लगते हैं ये रिश्ते क्या फूल से नाज़ुक या छुइमुई से हैं ?…
अर्चना ***** सच्चा साथी इंसान हूँ इस्तेमाल हेतु कोई वस्तु नहींसीढ़ी बना अपनी मंज़िल पाना,सभी का शौक़ रहा।हर रिश्ते को बहुत ईमानदारी से निभाया,पर हर बार छली गई।भीड़नुमा रिश्तों के…
अर्चना ***** मेरी माँ ममता का सागर,मेरी प्यारी माँ।ज्ञान सरस्वती तुल्य है,सभी ग्रंथ है कंठस्थ,ज्ञान की खान है,मेरी प्यारी माँ….करुणा बुद्ध तुल्यजन्म जाति से परेअमीर हो या ग़रीबसब के दुःख…
मनीष पाण्डेय ‘मनु’ ***** रावण दसग्रीव दशानन् दसकंधर कहलाता थाजब रावण चलता सारा जग हिल जाता थावो था पंडित-विद्वान और था बलशालीउसके सन्मुख देवों का जी थर्राता था रावण ने…
यादों की यादगार की कुछ यादें विजय विक्रान्त भारत छोड़े हुए एक लम्बा अरसा हो गया है। कैसे ज़िन्दगी का एक बहुत बड़ा हिस्सा यहाँ कैनेडा में गुज़ार दिया, इसका…