दिन विशेष व्यंग्य : “काला टेलीफोन” – डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’
दिन विशेष व्यंग्य : “काला टेलीफोन” – डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ कस्बे के सबसे पुराने कोतवाली थाने के मुंशी कक्ष की लकड़ी वाली टूटी मेज पर भारी लोहे और…
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दिन विशेष व्यंग्य : “काला टेलीफोन” – डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ कस्बे के सबसे पुराने कोतवाली थाने के मुंशी कक्ष की लकड़ी वाली टूटी मेज पर भारी लोहे और…
दिन विशेष कविता : सच-सच बतलाना! – नागार्जुन कालिदास, सच-सच बतलाना!इंदुमती के मृत्युशोक से अज रोया या तुम रोए थे?कालिदास, सच-सच बतलाना! शिवजी की तीसरी आँख सेनिकली हुई महाज्वाला में…
दिन विशेष कविता में राकेश मिश्र की कविताएँ राकेश मिश्र ओंटारियो, कनाडा में निवास करते हैं। उनका जन्म भारत के पूर्वी उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय और…
दिन विशेष कहानी : “ध्रुव तारा कभी अस्त नहीं होता” – राजेश्वर वशिष्ठ ध्रुवतारा कभी अस्त नहीं होता…. वरिष्ठ कवि कथाकार राजेश्वर वशिष्ठ की लिखी ऐसी कहानी है जो घोर…
दिन विशेष लघुकथा : “अपनी ज़मीन से कटन” और “प्रतीक्षा” – रमेश यादव अपनी ज़मीन से कटना तेज आँधी में सूखे पत्तों के साथ कुछ कमजोर हरे पत्ते भी गिर…
दिन विशेष युवा लेखन में वैभव भारतीय की कविताएँ वैभव भारतीय उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में 21 नवम्बर 1997 को पैदा हुए। पिता डॉ. अर्जुन सिंह, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह…
जन्मदिन विशेष में अनिल “जोशी” की कविताएँ व्यक्ति या विचार ये जोमानव का जन्म हैयेमानव द्वारापृथ्वी पर देखा गयासबसे सुन्दर स्वप्न है जबजन्म देते हैंपुरूष और स्त्रीशिशु कोवे केवलएक दूसरे…
सर्वेश की पुस्तक ‘कैमरा वालियाँ’ की मनोज अबोध द्वारा समीक्षा पुस्तक परिचय “कैमरे वालियाँ”महिला फोटोग्राफरों की रोमांचक दुनिया॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰जीवन संघर्षों में घिसी-तपी महिला का नाम है: सर्वेश। कद-काठी और बोलचाल में…
मास्टर स्ट्रोक की फिल्म : स्वरांगी साने ‘दर्शकों को एंगेज रखना था, उनका इंटरटेनमेंट नहीं करना था।’ फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल जब यह बात कहते हैं तो वास्तव में वे…
दिन विशेष कथेतर : “फिल्मों के विस्मृत इतिहास पुरुष” – निरंजन पाल : ललित मोहन जोशी संक्षिप्त परिचय – ललित मोहन जोशी *लन्दन स्थित कवि, फ़िल्म इतिहासकार, वृत्त फ़िल्मकार, समीक्षक…
दिव्य माथुर की पुस्तक ‘बिन्नी बुआ का बिल्ला’ की डॉ. मनोज मोक्षेंद्र द्वारा समीक्षा समीक्षित पुस्तक : बिन्नी बुआ का बिल्लाविधा : बाल उपन्यासउपन्यासकार : दिव्या माथुरप्रकाशक : डॉ. नीरज…
दिन विशेष व्यंग्य : आँख का पानी ढला! – मनीषा सहाय ‘सुमन’ धरती ने एक दिन आईना देखा और वह डर गई ।तुरंत बिना देर किये वह परमपूज्य प्रकृति के…
दिन विशेष कविता में सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की कविता “चाँदनी की पाँच परतें” चाँदनी की पाँच परतें,हर परत अज्ञात है एक जल में,एक थल में, एक नीलाकाश मेंएक आँखों में तुम्हारे…
दिन विशेष कविता में डॉ. जमुना कृष्णराज की कविता “मेरी मातृभूमि” मेरी मातृभूमि! इस भूमि की उपज बनी मैं,इसकी गोद में पली-बढ़ी।इसके बाग-बगीचे में मैं खेल-कूद कर हुई बड़ी॥ इसके…
दिन विशेष कहानी : “अपना घर” – डॉ. वंदना शर्मा vandna.reporter@gmail.com रामप्रसाद अभी-अभी लौटे थे अपनी धर्मपत्नी दुलारी को डॉक्टर से दवाई दिलवाकर। उनकी धर्मपत्नी को कई दिन से धुंधला…
दिन विशेष (लघुकथा) में डॉ.महेन्द्र अग्रवाल की लघुकथाएँ स. नई ग़ज़ल सदर बाजार शिवपुरी म.प्र. 473551ई-मेल mkagrwal@yahoo.com १. राखी की सेल्फी बहिन के साथ ! रक्षाबंधन का त्यौहार आते ही…
दिन विशेष युवा लेखन में डॉ. राम प्रवेश रजक की कविता वह तो मैं था किसी ने ऊपर वालेसे कहामैं आपको देखनाचाहता हूँआपको महसूस करनाचाहता हूँऊपर वाले नेजवाब दियाजब तुम…
दिन विशेष युवा लेखन में डॉ. ‘राम प्रवेश राजक’ की कविताएँ डॉ. राम प्रवेश राजक पदनाम: सहायक प्रोफेसर, हिंदी विभाग, कलकत्ता विश्वविद्यालय संपर्क : हिंदी विभाग, कलकत्ता विश्वविद्यालय, स्टाफ रूम-87/1,…
दिन विशेष प्रवासी रचना : “माँ की भूली-बिसरी स्मृतियों में” – सुधा गोयल माँ की स्मृतियों में खोई हुई लेखिका का यह संस्मरण मन को आत्मविभोर कर जाएगा। इसमें लेखिका…
दिन विशेष व्यंग्य : “हम उत्सवधर्मी लोग” – विजयानन्द विजय नयी दिल्लीईमेल – vijayanandsingh62@gmail.com हम भारतीय बड़े मस्तमौला टाइप के लोग हैं, एकदम केयर फ्री और टेंशन फ्री।चाहे मंहगाई हो,…