“वो पीला लिफाफा” : कीर्ति राणा
“वो पीला लिफाफा” : कीर्ति राणा “मुन्ना जा बेटा, पोस्ट ऑफिस से लिफाफा लिया, नाना को राखी भेजना है। चार-पाँच दिन तो लिफाफा पहुँचने में लग जाएंगे। राखी के पहले…
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“वो पीला लिफाफा” : कीर्ति राणा “मुन्ना जा बेटा, पोस्ट ऑफिस से लिफाफा लिया, नाना को राखी भेजना है। चार-पाँच दिन तो लिफाफा पहुँचने में लग जाएंगे। राखी के पहले…
महादेवी वर्मा और निराला की राखी बात सन 1951 की है। उस दौर के लगभग सभी बड़े साहित्यकार महादेवी वर्मा को बड़ी दीदी कहकर पुकारते थे। इनमें जयशंकर प्रसाद, सुमित्रा…
मेरे भैया से आभासी राखी तक – विवेक सावरीकर मृदुल मेरे बचपन में हम आचार्य नगर,कानपुर में जिस भव्य गुप्ता बिल्डिंग में रहते थे ,वहाँ अड़ोस-पड़ोस में उत्तर भारतीय रहन-सहन…
मेरा बचपन का सुपर हीरो ब्रूस ली : संजय अनंत हमारे बचपन की यादों में एक महत्वपूर्ण किरदार है – ब्रूस ली।उन दिनों के अन्य बच्चों और तरुणों की तरह…
‘ओणम और भारतीय कालगणना’ : श्रेयस गोखले ‘ओणम’ अथवा ‘तिरुवोणम्’ अर्थात् ‘श्रवण नक्षत्र’ का त्योहार। भारत में प्रत्येक पर्व किसी न किसी खगोलीय घटना से अवश्य जुड़ा होता है। इन्हीं…
वह देश चोखा – जिसमें चाय का खोखा (हास्य-व्यंग्य) : अक्षय राज शर्मा कभी दुनिया में दो बड़े सवाल हुआ करते थे—चीन क्या खाता है और भारत क्या नहीं खाता?फिर…
दिन विशेष (अनुवाद) में श्री एम. पी. दामोदरन द्वारा अनुवादित कविताएँ श्री एम. पी. दामोदरन की मलियाली भाषा में लिखी प्रस्तुत कविता वस्तुत गुरु वंदना के साथ ही ईश्वर की…
गुयाना की संस्कृति में निहित भगवान राम : सुनील कुमार सिंह इस आलेख में लेखक सुनील कुमार सिंह ने लैटिन अमेरिका के गुयाना देश में विस्तारित भारतीय संस्कृति की छबियों…
विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ अतिला कोतलावल का नाम हिंदी भाषा शिक्षक, दुभाषिया, अनुवादक और प्रेरक वक्ता के रूप में जाना-पहचाना है। श्रीलंका की राजधानी से सुदूर पश्चिम…
विशेष विमर्श में डॉ. मनोज कामदेव की कहानी “साइलेंट डाइवोर्स” प्रस्तुत कहानी में डॉ मनोज कामदेव आज के महत्वाकांक्षा से भरे जीवन में रिश्तों के बीच बढ़ती दूरियों का ज़िक्र…
युवा लेखन विशेष विमर्श में दीप्ति शर्मा की कविताएँ तीनों कविताएँ ‘आज़माइश’, ‘बदलते रंगों में’ और ‘पिता’ जीवन, प्रेम और पारिवारिक संवेदना के विविध पक्षों को मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त…
गुरुदत्त : एक शापित गंधर्व – नेहा भांडारकर दिनांक: 9 जुलाई, 1925 को बंगलुरु में जन्मे, गुरु दत्त का नाम सुनते ही इंडियन सिनेमा के एक अनोखे, रहस्यमयी और टैलेंटेड…
विशेष विमर्श में पद्मश्री के. एस. निसार अहमद की कन्नड़ कविता का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिन्दी अनुवाद परिचय : बेंगलुरु निवासी मैथिली पी. राव (जन्म : 1970) ने…
मनाली के इग्लू ( यात्रा संस्मरण) भाग – 3 : मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ 23 जनवरी 2021 आँख खुली तो सवेरा हो चुका था, हालांकि धूप और सूरज का नामोनिशान नहीं…
विशेष विमर्श में ऋचा गिरि की कविताएँ हिंदी साहित्य, विशेषकर कविता लेखन में ऋचा गिरि जी की गहरी रुचि है। अपनी संवेदनाओं, अनुभवों और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए वे…
हरेली पर्व : वृंदा पंचभाई हरियाली का पर्व हरेलीमनभावन है पर्व हरेलीहल,कुदाल,रापा,नागरकरते पूजा पर्व हरेली पिट्टुल,बिल्लस, भौरांबांटी,फुगड़ी खेल न्यारेगेड़ी चढ़ते ये बच्चे प्यारेबरखा का यह पर्व हरेली बबरा चीला पकवान…
दूर तक फैला हुआ एकान्त : विज्ञान व्रत दूर तक फैला हुआ एकान्तसाथ में बैठी हुईं तनहाइयाँ शब्द ने तोड़े सभी अनुबन्धचुप्पियों की आ रही है गन्धदूर तक फैला हुआ…
‘द’ डिक्टेटर का समापन भाषण : सूरज प्रकाश मुझे खेद है, लेकिन मैं शासक नहीं बनना चाहता। यह मेरा काम नहीं है। किसी पर भी राज करना या किसी को…
शब्द उगने लगे, लेखन शुरू हो गया : देवेन मेवाड़ी क्या बहुत लिखकर लेखक बन जाने की अभिलाषा रही?कतई नहीं। एक साथी का सवाल याद आता है, जो वे हर…
विशेष विमर्श में डॉ. सुरजीत पातर की पंजाबी कविता का डॉ. किरण खन्ना द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. सुरजीत पातर पंजाबी कविता और ग़ज़ल के सर्वाधिक प्रतिष्ठित रचनाकार माने जाते हैंI…