दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ
दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ “थ्रिल मेरी जान” “मैं ठीक तीन बजे आ जाऊँगी तेरे हॉस्टल के गेट पर। तैयार मिलियो।” अंतिम पीरियड समाप्त होते ही नमिता…
हिंदी का वैश्विक मंच
दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ “थ्रिल मेरी जान” “मैं ठीक तीन बजे आ जाऊँगी तेरे हॉस्टल के गेट पर। तैयार मिलियो।” अंतिम पीरियड समाप्त होते ही नमिता…
दिन विशेष कहानी में डॉ. अंजना गर्ग की कहानी “चार खुश औरतें“ डॉ अंजना गर्ग की यह कहानी “चार खुश औरतें” जीवन के प्रति एक नए दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती…
दिन विशेष : शिक्षक दिवस – रजनी मिश्रा 5 सितंबर शिक्षक दिवस है ।अभी गुरु पूर्णिमा गई हैअब शिक्षक दिवस आने वाला है क्या अंतर है दोनों में?शिक्षक,शिक्षा देने वाला,गुरु…
दिन विशेष (कथेतर) में विरहिणी मन और पुरुष – अभिव्यक्ति : संध्या सिलावट संध्या सिलावट ने इस आलेख में नारी और पुरुष के बीच प्रेम-बीज के अंकुरित होकर इसके विराट…
दिन विशेष (व्यंग्य) में ‘छींक पुराण’ : डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र परिचय : डॉ. मनोज श्रीवास्तव, जिनका लेखकीय नाम ‘मनोज मोक्षेन्द्र’ है, समकालीन हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित साहित्यकार, व्यंग्यकार, कथाकार, कवि,…
दिन विशेष : डॉ. परशुराम की हिंदी कविता का मराठी अनुवाद — प्रो. धन्यकुमार द्वारा। परिचयधन्यकुमार जिनपाल बिराजदारज्ञात भाषा : हिन्दी, मराठी, कन्नड़, अंग्रेज़ी प्रकाशित13 प्रकशित कृतियाँ तथा विभिन्न समाचार…
अवधी-गीत : प्रदीप सारंग संक्षिप्त परिचय : प्रदीप सारंगजन्म: 20 अक्टूबर 1969– शिक्षा: बीए बीएड, साहित्य रत्न, आयुर्वेद रत्न– प्रकाशित कृति: (i) सारंग-कुण्डलियाँ (151 कुण्डलियों का संग्रह) (ii) सारंग-हुण्डलियाँ (151…
दिन विशेष अनुवाद में मु. मेत्ता की तमिल कविता का डॉ. जमुना कृष्णराज द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. जमुना कृष्णराज शिक्षाएम. ए. (हिन्दी एवं अंग्रेजी), पीएच.डी. (हिन्दी), अनुवाद में डिप्लोमा। कृतियाँशब्द…
डॉ. ममता खेड़े की पुस्तक “लोकावतरण“ के लोकार्पण पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए : मनोज श्रीवास्तव डॉ. ममता खेड़े की यह पुस्तक “लोकावतरण” १० वैदिक सूक्तों का…
ब्रज, भक्ति और लोक-कल्याण के शाश्वत प्रतीक – श्री कृष्ण : विजय नगरकर ‘वैश्विक हिंदी परिवार’ के साप्ताहिक मंच पर आयोजित विशेष संगोष्ठी में भगवान श्री कृष्ण के बहुआयामी व्यक्तित्व…
तुम्हारा मौन (कविता) : रमाशंकर भारती डॉ० रामशंकर भारती : एक परिचय – 1960 के दशक में सुरीलों के गाँव कैलाशनगर, क्योलारी-जालौन (उत्तर प्रदेश) के कृषक परिवार में जन्मे रामशंकर…
जन्मदिन विशेष (31 अगस्त) कविता में अमृता प्रीतम की कविता अनुवाद : अमिया कुँवर मुलाक़ात मुझे पल भर के लिए आसमान को मिलना थापर घबराई हुई खड़ी थी… कि बादलों…
जन्मदिन विशेष (1 सितंबर) में ध्रुव गुप्त की ग़ज़ल कहीं बिल्कुल पास तुम्हारे, जंगल जहां ख़त्म होता है, मौसम जो कभी नहीं आता (सभी कविता संग्रह); एक ज़रा सा आसमां,…
पुस्तक समीक्षा : ‘लेबनॉन की वो रात’ — शैलजा सक्सेना पुस्तक समीक्षा :समीक्षित पुस्तक : ‘लेबनॉन की वो रात’विधा : कहानी-संग्रहकहानीकार : शैलजा सक्सेनाशृंखला-संपादक : तेजेन्द्र शर्माप्रकाशक : प्रलेक प्रकाशन…
दिन विशेष कहानी में सविता चड्ढा की कहानी “सावित्री” कथाकार सविता चड्ढा की यह कहानी अभावों से जूझते एक परिवार की विवशता और गहन संवेदनाओं को उकेरती है। यह हमें…
पौराणिक अवधारणाएँ और यंत्र बुद्धि : प्राचीन मेधा और आधुनिक विज्ञान का वैचारिक सेतु – विजय नगरकर मानव सभ्यता की प्रगति सदा से उसकी असीम कल्पनाओं और जिज्ञासा के पहियों…
“वो पीला लिफाफा” : कीर्ति राणा “मुन्ना जा बेटा, पोस्ट ऑफिस से लिफाफा लिया, नाना को राखी भेजना है। चार-पाँच दिन तो लिफाफा पहुँचने में लग जाएंगे। राखी के पहले…
फिल्मी गीतों में रक्षाबंधन की स्वर-गाथा : डॉ. गिरीश कुमार वर्मा डॉ. गिरीश कुमार वर्मा (‘डंडा लखनवी’) हिंदी के सुप्रतिष्ठित साहित्यकार, शोधकर्ता, नाटककार, बाल साहित्यकार एवं संपादक हैं। पाँच दशकों…
मेरे भैया से आभासी राखी तक – विवेक सावरीकर मृदुल मेरे बचपन में हम आचार्य नगर,कानपुर में जिस भव्य गुप्ता बिल्डिंग में रहते थे ,वहाँ अड़ोस-पड़ोस में उत्तर भारतीय रहन-सहन…
मेरा बचपन का सुपर हीरो ब्रूस ली : संजय अनंत हमारे बचपन की यादों में एक महत्वपूर्ण किरदार है – ब्रूस ली।उन दिनों के अन्य बच्चों और तरुणों की तरह…