Category: भारतीय रचनाकार

‘ओणम और भारतीय कालगणना’ : श्रेयस गोखले

‘ओणम और भारतीय कालगणना’ : श्रेयस गोखले ‘ओणम’ अथवा ‘तिरुवोणम्’ अर्थात् ‘श्रवण नक्षत्र’ का त्योहार। भारत में प्रत्येक पर्व किसी न किसी खगोलीय घटना से अवश्य जुड़ा होता है। इन्हीं…

जंग लगी चाबी (व्यंग्य) : डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’

जंग लगी चाबी (व्यंग्य) : डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ कस्बे की सबसे पुरानी जिला सहकारी बैंक की शाखा में प्रवेश करते ही सीढ़ियों के ठीक नीचे बने लॉकर रूम…

वह देश चोखा – जिसमें चाय का खोखा (हास्य-व्यंग्य) : अक्षय राज शर्मा

वह देश चोखा – जिसमें चाय का खोखा (हास्य-व्यंग्य) : अक्षय राज शर्मा कभी दुनिया में दो बड़े सवाल हुआ करते थे—चीन क्या खाता है और भारत क्या नहीं खाता?फिर…

दिन विशेष (अनुवाद) में श्री एम. पी. दामोदरन द्वारा अनुवादित कविताएँ

दिन विशेष (अनुवाद) में श्री एम. पी. दामोदरन द्वारा अनुवादित कविताएँ श्री एम. पी. दामोदरन की मलियाली भाषा में लिखी प्रस्तुत कविता वस्तुत गुरु वंदना के साथ ही ईश्वर की…

गुयाना की संस्कृति में निहित भगवान राम : सुनील कुमार सिंह

गुयाना की संस्कृति में निहित भगवान राम : सुनील कुमार सिंह इस आलेख में लेखक सुनील कुमार सिंह ने लैटिन अमेरिका के गुयाना देश में विस्तारित भारतीय संस्कृति की छबियों…

विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ

विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ अतिला कोतलावल का नाम हिंदी भाषा शिक्षक, दुभाषिया, अनुवादक और प्रेरक वक्ता के रूप में जाना-पहचाना है। श्रीलंका की राजधानी से सुदूर पश्चिम…

विशेष विमर्श में डॉ. मनोज कामदेव की कहानी “साइलेंट डाइवोर्स”

विशेष विमर्श में डॉ. मनोज कामदेव की कहानी “साइलेंट डाइवोर्स” प्रस्तुत कहानी में डॉ मनोज कामदेव आज के महत्वाकांक्षा से भरे जीवन में रिश्तों के बीच बढ़ती दूरियों का ज़िक्र…

गुरुदत्त : एक शापित गंधर्व – नेहा भांडारकर

गुरुदत्त : एक शापित गंधर्व – नेहा भांडारकर दिनांक: 9 जुलाई, 1925 को बंगलुरु में जन्मे, गुरु दत्त का नाम सुनते ही इंडियन सिनेमा के एक अनोखे, रहस्यमयी और टैलेंटेड…

विशेष विमर्श में पद्मश्री के. एस. निसार अहमद की कन्नड़ कविता का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिन्दी अनुवाद

विशेष विमर्श में पद्मश्री के. एस. निसार अहमद की कन्नड़ कविता का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिन्दी अनुवाद परिचय : बेंगलुरु निवासी मैथिली पी. राव (जन्म : 1970) ने…

मनाली के इग्लू ( यात्रा संस्मरण) भाग – 3 : मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’

मनाली के इग्लू ( यात्रा संस्मरण) भाग – 3 : मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ 23 जनवरी 2021 आँख खुली तो सवेरा हो चुका था, हालांकि धूप और सूरज का नामोनिशान नहीं…

परदेसी मन की संवेदनाएँ : सात समंदर पार भी धड़कता है भारत – विजय नगरकर

परदेसी मन की संवेदनाएँ : सात समंदर पार भी धड़कता है भारत – विजय नगरकर परदेसी मन की संवेदनाएँ : सात समंदर पार भी धड़कता है भारत न्यूज़ीलैंड से रोहित…

विशेष विमर्श में ऋचा गिरि की कविताएँ

विशेष विमर्श में ऋचा गिरि की कविताएँ हिंदी साहित्य, विशेषकर कविता लेखन में ऋचा गिरि जी की गहरी रुचि है। अपनी संवेदनाओं, अनुभवों और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए वे…

विशेष विमर्श में पुष्पा सिन्हा की कहानी “शिलाखंड बोल उठा”

विशेष विमर्श में पुष्पा सिन्हा की कहानी “शिलाखंड बोल उठा” कहानी शिलाखंड बोल उठा, एक सामान्य मूर्तिकार की लगन और भगवान के प्रति उसके मन की उथल पुथल को सटीक…

हरेली पर्व : वृंदा पंचभाई

हरेली पर्व : वृंदा पंचभाई हरियाली का पर्व हरेलीमनभावन है पर्व हरेलीहल,कुदाल,रापा,नागरकरते पूजा पर्व हरेली पिट्टुल,बिल्लस, भौरांबांटी,फुगड़ी खेल न्यारेगेड़ी चढ़ते ये बच्चे प्यारेबरखा का यह पर्व हरेली बबरा चीला पकवान…

दूर तक फैला हुआ एकान्त : विज्ञान व्रत

दूर तक फैला हुआ एकान्त : विज्ञान व्रत दूर तक फैला हुआ एकान्तसाथ में बैठी हुईं तनहाइयाँ शब्द ने तोड़े सभी अनुबन्धचुप्पियों की आ रही है गन्धदूर तक फैला हुआ…

डॉ. के. जयलक्ष्मी के आलेख में ‘रामचरितमानस’ : विश्व मानवता का पथप्रदर्शक

डॉ. के. जयलक्ष्मी के आलेख में ‘रामचरितमानस’ : विश्व मानवता का पथप्रदर्शक भारतीय संस्कृति सदैव से विश्व कल्याण, मानवता और समरसता की वाहक रही है। वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु…

‘द’ डिक्टेटर का समापन भाषण : सूरज प्रकाश

‘द’ डिक्टेटर का समापन भाषण : सूरज प्रकाश मुझे खेद है, लेकिन मैं शासक नहीं बनना चाहता। यह मेरा काम नहीं है। किसी पर भी राज करना या किसी को…

शब्द उगने लगे, लेखन शुरू हो गया : देवेन मेवाड़ी

शब्द उगने लगे, लेखन शुरू हो गया : देवेन मेवाड़ी क्या बहुत लिखकर लेखक बन जाने की अभिलाषा रही?कतई नहीं। एक साथी का सवाल याद आता है, जो वे हर…

विशेष विमर्श में डॉ. सुरजीत पातर की पंजाबी कविता का डॉ. किरण खन्ना द्वारा हिन्दी अनुवाद

विशेष विमर्श में डॉ. सुरजीत पातर की पंजाबी कविता का डॉ. किरण खन्ना द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. सुरजीत पातर पंजाबी कविता और ग़ज़ल के सर्वाधिक प्रतिष्ठित रचनाकार माने जाते हैंI…

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर साहित्य की दुनिया में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय की शिला पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर…

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