Category: भारतीय रचनाकार

साहित्य की प्रभाव क्षमता और हिन्दी समाज – (समीक्षा)

साहित्य की प्रभाव क्षमता और हिन्दी समाज डॉ० वरुण कुमार कवि कुछ ऐसी तान सुनाओजिससे उथल पुथल मच जाएएक हिलोर इधर से आए,एक हिलोर उधर से आएहाहाकार महा छा जाए।…

श्री गुरु नानक देव जयंती पर विशेष – (श्रद्धांजलि)

हे बाबा नानक! बहुत पुरानी बात हैयुगों पुरानी नहींबाबा नानक, चहुं दिशाएं घूमतान कोई सवारी, न कोई ठेलाअपने पांवों पर चलअपने भक्तों तक पहुंचताया जो उसकी प्रतीक्षा मेंनज़रें बिछाए रहतास्वयं…

दिविक रमेश की बाल कविताएँ – (बाल कविता)

चलो बोल दो सॉरी तो ढीली थी सो खिसक गई थोड़ी इधर-उधर।हँसने की क्या बात है जी क्यों इतनी खिर-खिर।क्या पेंट ने कोई जोक अजी सुनाया है।देख किसी को परेशान…

दिविक रमेश – (परिचय)

दिविक रमेश दिविक रमेश (वास्तविक नाम रमेश चंद शर्मा) हिंदी के सुप्रतिष्ठित कवि, बाल-साहित्यकार, अनुवादक और चिंतक हैं जिनका जन्म 1946 में गांव किराड़ी (दिल्ली) में हुआ था। संपूर्ण शिक्षा…

बाल दिवस पर विशेष – (बाल कविता)

अनीता वर्मा की बाल कविताएँ सूरज रवि गगन पर रौब जमातेअपनी दुनिया में इठलातेललाट तेज पर खूब चमकतादीप दीप्ति से अद्भुत दमकता धरती को प्रकाश पहुँचातेसुबह-सुबह आकाश में आतेपात-पात और…

अनीता वर्मा की कविता का अनुवाद – (अनुवाद)

अनीता वर्मा की कविता का अनुवाद मूल कविता : अनीता वर्मा अनुवादक : डॉ चरनजीत सिंह (कवि, ग़ज़लकार व सुप्रसिद्ध अनुवादक) क्या कहूँ इसे क्या कहूँ इसेसच या झूठजो कहावो…

आधुनिक कविता में छंद और लय का अतिक्रमण – (समीक्षा)

आधुनिक कविता में छंद और लय का अतिक्रमण -डॉ० वरुण कुमार एक पाठक की कविता की पहचान सामान्यतः जिस चीज से शुरू होती है वह है छंद। छंद में बंधी…

वरुण कुमार – (परिचय)

डॉ० वरुण कुमार निदेशक, रेल मंत्रालय। जन्म : दिसम्बर १९६४, मुंगेर (बिहार) संपर्क सूत्र : मेल पता : bkumar1964@gmail.com मोबाईल : 7827935451

21वीं सदी में गुजराती कहानी – (आलोचना)

21वीं सदी में गुजराती कहानी -आलोक गुप्त गुजराती में कहानी लेखन अन्य भारतीय भाषाओं की तरह बीसवीं सदी में ही प्रारंभ होता है। बीसवीं सदी के प्रारंभ में कहानी के…

आलोक गुप्त – (परिचय)

प्रो. आलोक गुप्त पूर्व प्रोफेसर, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर (गुजरात) प्रो. आलोक गुप्त हिंदी के प्रख्यात आलोचक एवं अनुवादक हैं। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला (IIAS) में फेलो एवं गुजरात…

लोग सो रहे हैं या साजिशें कर रहे हैं – (कविता)

लोग सो रहे हैं या साजिशें कर रहे हैं एक बार फिरमेरे गाँव मेंफसलों के मौसम मेंबच्चे उग आए हैंऔर मैंकलम थामे तैयार हूँकविता करने के लिए। यहाँ-वहाँ लोगया तो…

बौनों की बारात – (कविता)

बौनों की बारात झूम-झूम कर नाच रही, छायाएँ आधी रातधूम धाम से निकल रही है, बौनों की बारात सोच भी बौनी, कर्म भी बौना, मन का हर कोना है घिनौनाजो…

शब्द एक रास्ता है – (कविता)

शब्द एक रास्ता है शब्द एक रास्ता हैमेरा विश्वास हैयह सोचकर मैंने उसे पुकारापर उधर से कोई उत्तर नहीं मिला। मैंने फिर सोचाशब्द एक रास्ता हैऔर शब्दों को कागज पर…

अनीता वर्मा की हिंदी कविता का पंजाबी अनुवाद – (अनुवाद)

अनीता वर्मा की हिंदी कविता का पंजाबी अनुवाद अनुवादक : डॉ चरनजीत सिंह होना ना होना काग़ज़ दीमक भी बन सकते है दोस्तोंना हो तोहिस्सा बन कर देख लो नौकरशाही…

2024 साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता हान कांग की कविता – (कविता)

स्वीडिश एकेडमी ने साहित्य के नोबेल प्राइज 2024 की घोषणा कर दी है, और इस वर्ष यह प्रतिष्ठित पुरस्कार साउथ कोरिया की प्रतिभाशाली लेखिका हान कांग को दिया गया है।…

मन का प्रहरी – (कहानी)

मन का प्रहरी -शिवानी आज तक मुझे अपनी अन्तःप्रेरणा पर बड़ा गर्व था, पर आज सचमुच ही मेरा दर्प अचानक हाथ से गिर गए दर्पण की भाँति, यथार्थ की धरा…

गूंगा – (कहानी)

गूंगा –शिवानी सर्जन पंड्या को दूर से देखने पर लगता, कोई अंग्रेज़ चला आ रहा है। सुर्ख़ गालों पर सुख, सन्तोष और स्वास्थ्य की चमक थी। उनके हाथ में कुछ…

शिवानी – (परिचय)

शिवानी शिवानी हिन्दी की एक कहानीकार एवं उपन्यासकार थीं। शिवानी का वास्तविक नाम ‘गौरा पंत’ था, किन्तु ये ‘शिवानी’ नाम से लेखन करती थीं। शिवानी का जन्म १७ अक्टूबर १९२३…

डॉ नीलम वर्मा की ग़ज़ल – (ग़ज़ल)

ग़ज़ल वाबस्ता हैं सब जिससे, ज़ंजीर है तारों कीहँसना कभी रोना भी तक़दीर है तारों की क्या ख़ूब फ़लक पर ये तहरीर है तारों कीलैला है या शीरीं है या…

जनमानस में राम – (कविता)

जनमानस में राम सूर्य सगर्व निरखता,सरयु-साकेत समन्त,वन्दन से वंदनवार तक,रामबाण अरिहन्त। नित्य प्रति हो सुखकारीश्रीरामकथा का श्रवण,हरें सकल हिय की व्यथाश्रीजानकी श्रीचरण। शेषनाग अवतार रूपसद्गुण शुभ लक्षण,तत्पर प्राण समर्पण कोरामानुज…

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