Category: प्रवासी रचनाकार

अमर्त्य – (कहानी)

अमर्त्य हंसा दीप बीज और दरख़्त के फासलों को रौंदने में कामयाब नोआ की निगाहें अपनी सोच में वह सब देख लेतीं जो वह देखना चाहती थी। एक-एक शब्द को…

एक ‘चीज़’ जिसे कहते हैं प्यार – (ब्लॉग)

एक ‘चीज़’ जिसे कहते हैं प्यार ~ विभा दास-सिंह हर साल की तरह, फ़रवरी जब भी दस्तख़ देता, जो की मेरे जन्म का महीना, साल का दूसरा महीना, और ‘वैलेंटाइन’…

विभावरी (विभा) दास सिंह – (परिचय)

विभावरी (विभा) दास सिंह पेशेवर सारांश • वर्तमान में ऑस्ट्रेलियन संघीय सरकार की कर्मचारी के रूप में कार्यरत। • राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पदों पर कार्यानुभव। •…

मां – (कविता)

लक्ष्मी जयपोल ***** मां मां विश्व हैमां संसार हैमां ब्राह्माण्ड हैमां विश्वकोश हैमां महासागर है। मां हमारा जीवन की पूजा हैमां हमारी शक्ति हैमां हमारा सम्मान हैमां हमारी पहचान हैमां…

भावना – (कविता)

लक्ष्मी जयपोल भावना भावना एक जस्बात् है।भावना एक एहसास है।भावना दिल की कशिश है। भावना एक पूरी दूनिया है।भावना एक महासागर है।भावना सकारात्मकता एवं नकारात्मकता का मेल है।भावना का जागरण…

आत्म-सम्मान – (कविता)

लक्ष्मी जयपोल आत्म-सम्मान आत्म-सम्मान आपका जीवन का मूल्यवान निधि हैहमेशा इसकी रक्षा करना आपकी ज़िम्मेदारी हैआत्म-सम्मान न बाज़ार में बेचा जाता हैऔर न मंडी में प्राप्त होता हैआप स्वयं आत्म-सम्मान…

मातृभूमि – (कविता)

लक्ष्मी जयपोल मातृभूमि मातृभूमि! मातृभूमि!मेरी प्यारी मातृभूमि! मानव प्रेमी बनोकर्म प्रेमी बनोस्वाभिमानी बनोबुद्धिमानी बनो! अशक्त नहीं सशक्त बनोपरतंत्र नहीं स्वतंत्र बनोप्यार बाँटोप्रेम करो! मातृभूमि का सम्मान करोकानून का रक्षक बनोकानून…

इश्क – (कविता)

लक्ष्मी जयपोल ***** इश्क इश्क को प्यार, मुहब्बत भी कहते हैंइश्क एक एहसास हैएक भावना हैहमारा जीवन का आधार हैइश्क ही हमारा जीवन का केन्द्र-बिन्दु है। इश्क आप कलम से…

परिवार- हमारे विश्व कूँजी – (कविता)

लक्ष्मी जयपोल ***** परिवार- हमारे विश्व कूँजी परिवार जीवन के सर्वोत्तम प्राथमिकता हैपरिवार ही जीवन और प्राण हैपरिवार हैतो हम हैपरिवार हमारी पहचान है। परिवार हमें जीवन दान देता हैपरिवार…

लक्ष्मी जयपोल – (परिचय)

लक्ष्मी जयपोल उम्र: ३९ साल। शिक्षा: बी.ए. और एम.ए डिग्री होल्डर। नौकरी: महात्मा गांधी संस्थान में दी.एम.दी विभाग के टंकक । पता: जयपोल लेन, बेल एर रिव्यर सेष, कोलंबिया (दक्षिण…

हिंदी दिवस: एक दिन के लिए नहीं बल्कि जीवन भर का उत्सव – (संपादकीय-2)

हिंदी दिवस: एक दिन के लिए नहीं बल्कि जीवन भर का उत्सव शैलजा सक्सेना मित्रो, हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनायें! वर्ष में दो दिन, १४ सितंबर को ‘हिंदी दिवस’ और…

आधुनिक गिरमिटिया – (लघुकथा)

आधुनिक गिरमिटिया डॉ ऋतु शर्मा ननंन पाँडे, नीदरलैंड कल कारला को एक सामाजिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर मिला। क्योंकि कार्यक्रम भारतीय था इसलिए कारला ने भारतीय परिधान पहना…

गैप – (लधु कथा – अनुवाद)

गैप कृष्णा वर्मा चाय की चुस्की लेते हुए पापा ने पूछा , “नेहा कौन सा विषय सोचा नवीं कक्षा के लिए, साइंस या कॉमर्स?” कुछ सोचते हुए नेहा बोली, “पापा,…

फ़्लू – (लघु कथा – अनुवाद)

फ़्लू डॉ. शैलजा सक्सेना आज विभाग के मुख्यसचिव दौरा करने आ रहे थे। पिछले बार जब मुख्यसचिव आए थे तब नीता असिस्टेंट सैक्शन ऑफिसर बनी ही थी। उस को यह…

बाल-उपन्यास ‘बिन्नी बुआ का बिल्ला’ – (पुस्तक समीक्षा)

बाल-उपन्यास ‘बिन्नी बुआ का बिल्ला‘ शन्नो अग्रवालshannoaggarwal1@hotmail.com दिव्या माथुर का बाल-उपन्यास ‘बिन्नी बुआ’ का बिल्ला’ एक ऐसे आदर्श परिवार का ढांचा दिखाता है जिसकी परिकल्पना शायद हर बच्चे का सपना…

चाँद

चाँद भीबहरूपियाऔर छलिया है कभी तोप्रेमिका केसुन्दर मुखड़े सादिख जाता हैया कभीउसकी याद मेंदिल मेंटीस जगाता है कभी तोचौथ की पूजा के समयबादलों मेंछुपकर सताता हैतो कभी अँधेरी रात मेंराहगीरों…

अंग्रेज अपने दुर्दांत कर्मों की माफी कब माँगेंगे? – (ब्लॉग)

स्वतंत्रता संग्राम की याद में रामा तक्षक यह तीर्थ महातीर्थों का है,मत कहो इसे कालापानी,तुम सुनो यहाँ की धरती केकण-कण से गाथा बलिदानी। – गणेश दामोदर सावरकर कालापानी : तीर्थ…

गणेश चतुर्थी विशेष: जर्मनी में बप्पा : उमंग उत्साह और इतिहास – (ब्लॉग)

गणेश चतुर्थी विशेष: जर्मनी में बप्पा : उमंग उत्साह और इतिहास डॉ शिप्रा शिल्पी सक्सेना गणेश चतुर्थी भारत का एक प्रमुख त्योहार है जो भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप…

श्री कृष्ण की विश्व में प्रासंगिकता – (ब्लॉग)

श्री कृष्ण की विश्व में प्रासंगिकता डॉ शिप्रा शिल्पी कान्हा संस्कार है, आचार है, व्यवहार है। अन्याय का प्रतिकार है और प्रेम का व्यवहार है। कर्म का सिद्धांत है, जीवन…

पुरस्कार विजेता Anita Barar की documentary film ‘फाइंडिंग ग्रैंडपा’ का Indian Film Festival of Melbourne में World Premiere, Melbourne में 19 august को – (रिपोर्ट)

पुरस्कार विजेता Anita Barar की documentary film ‘फाइंडिंग ग्रैंडपा’ का Indian Film Festival of Melbourne में World Premiere, Melbourne में 19 august 2025 को है। इससे पहले इस फिल्म को…

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