भारतीय भाषा विचार समूह – ( थिंक टंक )
भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण और संवर्धन पर चिंतन – मंथन भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण एवं संवर्द्धन पर गंभीर चिंतन-मंथन, ठोस कार्य-योजना के प्रारूप पर विचार-विमर्श तथा उसके प्रभावी…
हिंदी का वैश्विक मंच
भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण और संवर्धन पर चिंतन – मंथन भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण एवं संवर्द्धन पर गंभीर चिंतन-मंथन, ठोस कार्य-योजना के प्रारूप पर विचार-विमर्श तथा उसके प्रभावी…
“मातृभाषा हमारी आत्मा की आवाज है” – डॉ.अशोक कुमार भार्गव प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मातृभाषा में लिखने पढ़ने सीखने समझने संवाद स्थापित करने का अधिकार है क्योंकि मातृभाषा हमारी आत्मा…
आगे बढ़ो – राष्ट्रकवि कुवेम्पु (के.वी. पुट्टप्पा) आगे बढ़ो, आगे बढ़ो,तोड़कर बाधाएँ कदम आगे बढ़ाओ!न डगमगाओ, न डर से झुको,उज्ज्वल और स्पष्ट, साहस के साथ चलो । “भारत का हित…
“खिड़की पर बैठी कविता” – पुस्तक का लोकार्पण गाजियाबाद। साहित्य एवं समाज को समर्पित संस्था सरन शब्द-गुंजन के तत्वावधान में लेखिका श्रीमती लक्ष्मी अग्रवाल द्वारा रचित काव्य-संग्रह ‘खिड़की पर बैठी…
विशेष व्याख्यान “भारतीय कला धरोहर : बांसुरी” इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, कलादर्शन प्रभाग द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान “भारतीय कला धरोहर : बांसुरी के विशेष संदर्भ में” प्रसिद्ध बांसुरी वादक…
बालस्वरूप राही जी के 90वें जन्मदिवस समारोह कार्यक्रम दिनांक 14 मई 2026 को द्वारका स्थित क्रिएटिव अनलॉक सभागार में हिंदी साहित्य जगत के सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं वरिष्ठ कवि बालस्वरूप राही…
प्रतिष्ठित कवयित्री अलकनंदा साने हिन्दी और मराठी की सिद्ध साहित्यकार की अनुवादित कविताएं उन्हें मध्य प्रदेश की पहली हिन्दी पत्रकार होने का गौरव प्राप्त है। जन्मना विरासत में मिली मातृभाषा…
बुद्धिवादी (व्यंग्य) : हरिशंकर परसाई आशीर्वादों से बनी जिंदगी है ।बचपन में एक बूढ़े अंधे भिखारी को उन्होंने हाथ पकड़कर सड़क पार करा दिया था । अंधे भिखारी ने आशीर्वाद…
अपनी अपनी बीमारी (व्यंग्य) : हरिशंकर परसाई हम उनके पास चंदा माँगने गए थे। चंदे के पुराने अभ्यासी का चेहरा बोलता है। वे हमें भाँप गए। हम भी उन्हें भाँप…
पुराना खिलाड़ी (व्यंग्य) : हरिशंकर परसाई सरदारजी जबान से तंदूर को गर्म करते हैं। जबान से बर्तन में गोश्त चलाते हैं। पास बैठे आदमी से भी इतने जोर से बोलते…
तुम्हारे लिए मुस्कराए हुए हूँ (कविता) हृदय में बहुत कुछ छुपाये हुए हूँ तुम्हारे लिए मुस्कराए हुए हूँ . क्या क्या नही दुःख उठाया है मैंने दुपहरी को सिर पर…
धीरज आखिर टूट गया (कविता) और छुपाता दर्द हृदय में अब कितना दर्द हृदय की सब सीमायें लांघ गया कितने ज्वार उठे और कितने लौट गये कितने मोती तट बंधों…
चंद्रभान ‘राही’ के उपन्यास ‘अंतिम समय का सच’ और पत्रिका ‘अमृत दर्पण’ का गरिमामयी लोकार्पण सम्पन्न न्यू भूमिका साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में आज एक भव्य साहित्यिक समारोह…
जेल समाधि – पुष्पा सिन्हा (पुस्तक लोकार्पण एवं विचार गोष्ठी)
“भारत भाग्य विधाता” और “संस्कारों की उड़ान” – डॉ. कविता मल्होत्रा
डॉ. संदीप अवस्थी को ओरछा में ‘श्री राम पदक’ से सम्मानित देश भर में अपने मौलिक विचारों और लेखन से अजमेर का नाम निरंतर ऊंचा कर रहे डॉ संदीप अवस्थी…
पारस पत्थर वाला व्यवहार (बाल-कहानी) रामपुर नाम के एक खुशहाल गाँव में ‘चंदन’ नाम का एक बच्चा रहता था। चंदन पढ़ने-लिखने में बहुत होशियार था, लेकिन उसमें एक कमी थी,…
गीत-ग़ज़ल और संगीत का कार्यक्रम सम्पन्न इन दिनों संगतकारों के साथ कोई आयोजन करना काफी महंगा होता है। ऐसे में बीच का मार्ग निकाला जाता है कि पहले से रिकॉर्डेड…
हम मिलें आमने-सामने (कविता) (बृद्धावस्था, सामयिक चिंतन) खुशी की खोज में मैं करवटें बदलता हूँमैं कोई संगीतकार या कवि नहीं हूँऔर नहीं हूँ शब्दों का जाल बिछाता लेखकजो बनाते हैं…
प्रभु का ध्यान (कविता) (आत्मिक चिंतन, अधूरे प्रश्न) प्रभु, मैं कैसे ध्यान करूँ?अपने मन के भावों को कैसे तुम्हें बताऊँश्रद्धा भक्ति के गीतों को कैसे तुम्हें सुनाऊँ व्याथापूर्ण वाणी को…