Category: कनाडा

वसीयतनामा – (कविता)

वसीयतनामा क्यों न हमखुले आकाश तलेबहती हवा, बहता पानीपरिंदों के गीत, जीवन के संगीत,इन सबकी मौजूदगी मे आजएक दूजे के दिल परअपना-अपना वसीयतनामा लिख दें,जीवन तो एक दूजे के साथ…

मुझको चाहिये – (कविता)

मुझको चाहिये चाहिये मुझको अदब की इक सौग़ात चाहियेकलम को रवानी मेरे दिल को जज़बात चाहिये आस्मां से उतर समा जाये रग रग मे जोशब्दों की ऐसी पूरी एक क़ायनात…

निर्मल सिद्धू – (परिचय)

निर्मल सिद्धू जन्म स्थान : पंजाब निवास स्थान : मिसिसागा शिक्षा : कोलकाता लेखन विधाएं : कविता, गजल, नज्म, हाइकु, लघु कथा, कहानी प्रकाश : निर्मल भाव {काव्य संकलन },…

यक्षिणी का मेघदूत – (मराठी से अनुवादित कहानी)

यक्षिणी का मेघदूत मूल कहानी की भाषा – मराठीलेखिका – डॉ. निर्मोही फडके.अनुवाद- डॉ. वसुधा सहस्रबुध्दे अपने घर के अटारी की सफाई करते समय उसे एक फटी पुरानी बैग मिल…

वसुधा सहस्रबुध्दे – (परिचय)

वसुधा सहस्रबुध्दे डॉ. वसुधा सहस्रबुध्दे पीएच.डी. (विषय : डॉ. शंकर शेष का नाट्यसाहित्य) सिध्दार्थ महाविद्यालय, फोर्ट, हिंदी विभाग में 2009 तक कार्यरत। शोध प्रकल्प- 1] स्वातंत्र्योत्तर काल का मुंबई का…

एक साधारण सी औरत – (संस्मरण)

एक साधारण सी औरत -आशा बर्मन वह सचमुच एक अत्यंत साधारण सी औरत थी। लोगों की आँखों के सामने से गुजर जाए तो कोई उस पर ध्यान भी नहीं देता।…

ब्रजराज किशोर कश्यप की कविताएँ – (कविता)

ब्रजराज किशोर कश्यप की कविताएँ 1. मानव और गणित मानव ने जब गणना सीखी वह हर्षायाबड़े चाव से उसने जोड़ा और घटाया योग और ऋण का कार्य उसे अधिक न…

ब्रजराज किशोर कश्यप – (परिचय)

ब्रजराज किशोर कश्यप स्वर्गीय डॉक्टर ब्रजराज किशोर कश्यप जन्म-स्थान: अंबाला, हरियाणा निवास: टोरंटो ओंटेरियो शिक्षा: बी.ए. ऑनर्स गणित में एम.ए. पी.एच .डी. ( ऑपरेशन रिसर्च) लेखन: हिंदी, अंग्रेजी,उर्दू, संस्कृत,बांग्ला तथा…

शिवनंदन सिंह यादव की कविताएँ – (कविता)

शिवनंदन सिंह यादव की कविताएँ 1. छोटी-छोटी बातों पर भी बहुत सोचना ठीक नहीं हैप्रति पग फूंक फूंक कर रखनाकोई अच्छी नीति नहीं है! छोटी-छोटी बातों से हीहम अपना स्वभाव…

शिवनंदन सिंह यादव – (परिचय)

शिवनंदन सिंह यादव स्वर्गीय डॉक्टर शिवनंदन सिंह यादव जन्म: जिला एटा, उत्तर प्रदेश, भारत एम.बी.बी.एस.और एम.डी. आगरा विश्वविद्यालय से 1967 से कनाडा वास एफ.आर.सी.पी.(सी) कनाडा से, टोरंटो कनाडा में मेडिकल…

लेबनॉन की एक रात…. – (कहानी)

लेबनॉन की एक रात…. डॉ. शैलजा सक्सेना १२ अगस्त १९४५! दूसरी बड़ी लड़ाई का समय! लेबनॉन के यहूदी लोग छोटे-छोटे समूहों में छिप कर अपनी ज़मीन पर अपना देश बनाने…

हिन्दी को बैसाखी नहीं चाहिए – (आलेख)

हिन्दी को बैसाखी नहीं चाहिए -हंसा दीप इन दिनों सभी को हिन्दी पठन और लेखन को लेकर एक समान चिन्ता है। भारत हो या भारत के बाहर, हर ओर एक…

आत्मीय लोग – (कविता)

आत्मीय लोग कनाडा के सरकारी दफ्तर आया हूँस्वागतकर्मी पूछती है –क्या सहायता करूँ ?पेंशनर हूँ, आदतन तीन-चार काम निकाले हैंवह मुस्कुराती एक पेपर टोकन देती हैऔर संबंधित फ़ॉर्म।मेरा क्रम जल्दी…

लेक ओंटेरियो पर – (कविता)

लेक ओंटेरियो पर होना तो इसे समुद्र चाहिए थाकहीं कमतर नहीं यह झीलजहाँ तक जाती है मेरी दृष्टि इस छोर सेकोई तटबंध नहीं दिखतेपर मेरे कहने से नहीं बदलता भूगोलउसकी…

मेपल तरु के साक़ – (कविता)

मेपल तरु के साक़ यह अलग ही बसंत हैजब मैं उसे बाँहों में भरमहसूसना चाहता हूँउसके वक्ष का खुरदरापनमुझमें उतरतेउसके टप-टप मीठे रस कोसमेटना चाहता हूँतने से बाल्टी बाँधते हुए।…

डायनासोर – (कविता)

डायनासोर मैं डायनासोरों की राजधानीड्रमहेलर, कनाडा में हूँ।मुझे नहीं लगताकरोड़ों साल पहले मैं रहा होऊँगा यहाँपर्वत शृंखलाओं कोरेत-रेत घाटियाँ बनते देखने के लिए। वे बहुत बड़े थेआदमी से लंबी तो…

पर्व वेला – (कविता)

पर्व वेला पर्व वेला में मधुर इक गीत जो मैं गुनगुनाता,प्राण मेरे साथ गाओ।समय की उज्जवल शिला परजो लिखे हैं भाव मेरे,गीत के तुम स्वर बनाओ। पहर बीते, दिन ढले,बरस…

गीत ये निष्प्राण है – (कविता)

गीत ये निष्प्राण है गीत ये निष्प्राण है, शब्द का केवल चयन।इस उमड़ती भीड़ में अस्तित्व मेरा क्या हुआहैं अनेकों पर अकेला मैं भटकता ही रहा।आज कोई घर न मेराना…

एक विश्वास एक आशा – (कविता)

एक विश्वास एक आशा मेरे वो गीत आज मौन आज सहमे हैंथम गई मेरी कलम और उदास नग़मे हैं। वो भी दिन थे जो मैंने गीत प्यार के गायेशब्द जीवित…

आतंक और आकांक्षा – (कविता)

आतंक और आकांक्षा मेरी पुण्य धरती को किसने चुरायाकैसा अँधेरा है कैसा है साया। यहाँ बह रही हैं प्रलय की हवाएँक्रन्दन मचा है जलती चितायें। ले क्रोध की लौ मानव…

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