विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ
विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ अतिला कोतलावल का नाम हिंदी भाषा शिक्षक, दुभाषिया, अनुवादक और प्रेरक वक्ता के रूप में जाना-पहचाना है। श्रीलंका की राजधानी से सुदूर पश्चिम…
हिंदी का वैश्विक मंच
विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ अतिला कोतलावल का नाम हिंदी भाषा शिक्षक, दुभाषिया, अनुवादक और प्रेरक वक्ता के रूप में जाना-पहचाना है। श्रीलंका की राजधानी से सुदूर पश्चिम…
युवा लेखन विशेष विमर्श में दीप्ति शर्मा की कविताएँ तीनों कविताएँ ‘आज़माइश’, ‘बदलते रंगों में’ और ‘पिता’ जीवन, प्रेम और पारिवारिक संवेदना के विविध पक्षों को मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त…
विशेष विमर्श में ऋचा गिरि की कविताएँ हिंदी साहित्य, विशेषकर कविता लेखन में ऋचा गिरि जी की गहरी रुचि है। अपनी संवेदनाओं, अनुभवों और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए वे…
हरेली पर्व : वृंदा पंचभाई हरियाली का पर्व हरेलीमनभावन है पर्व हरेलीहल,कुदाल,रापा,नागरकरते पूजा पर्व हरेली पिट्टुल,बिल्लस, भौरांबांटी,फुगड़ी खेल न्यारेगेड़ी चढ़ते ये बच्चे प्यारेबरखा का यह पर्व हरेली बबरा चीला पकवान…
दिन विशेष विमर्श में डॉ. धनंजय कुमार की कविताएँ अमेरिका के विश्व बैंक से सेवानिवृत्त, मास्टर योग शिक्षक और चिकित्सक, लेखक, कवि, नाटककार, सार्वजनिक वक्ता एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं डॉ.…
“एक साँस”- डॉ. शैलजा सक्सेना साँसों की भीड़ मेंएक साँस है,सब साँसों को साँस बनातीजैसे वो साँस नहींएक पेड़ हो ऑक्सीज़न का! जब दिन की भाग–दौड़ में साँसें शोर मचाती,सब…
प्रतिष्ठित कवयित्री अलकनंदा साने हिन्दी और मराठी की सिद्ध साहित्यकार की अनुवादित कविताएं उन्हें मध्य प्रदेश की पहली हिन्दी पत्रकार होने का गौरव प्राप्त है। जन्मना विरासत में मिली मातृभाषा…
तुम्हारे लिए मुस्कराए हुए हूँ (कविता) हृदय में बहुत कुछ छुपाये हुए हूँ तुम्हारे लिए मुस्कराए हुए हूँ . क्या क्या नही दुःख उठाया है मैंने दुपहरी को सिर पर…
धीरज आखिर टूट गया (कविता) और छुपाता दर्द हृदय में अब कितना दर्द हृदय की सब सीमायें लांघ गया कितने ज्वार उठे और कितने लौट गये कितने मोती तट बंधों…
– डॉ महादेव एस कोलूर ***** वृक्ष आदमी ने वृक्ष से कहा —कुछ तो बोलो, यूँ क्यों चुप हो।वृक्ष मुस्कुराया,पत्तों की सरसराहट में बोला —“जिन्होंने सब कुछ खोकर भी दिया,वो…
डॉ. मंजु गुप्ता ***** फूल की ज़िद बाल हठराज हठत्रिया हठसारे संसार में प्रसिद्ध हैंपर फूल की ज़िद की अभी तक अनदेखी हैइस ओर किसी की दृष्टि ही नहीं गईहमने…
डॉ॰ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 🪷 भानु नित्य भोर में 🪷 भानु नित्य भोर में रश्मियाँ प्रसारता।भृंग बाग में सदा धुन मधुर सँवारता॥पेड़ नित्य झूमते बाँह नित पसारते।पुष्प…
डॉ॰ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 🌸 सत्कर्म के डगर पर 🌸 (दिग्पाल/ मृदुगति छंद) सत्कर्म के डगर पर, सुविचार हो हमारा।सद्भाव सत्य संबल, सन्मार्ग हो सहारा॥मधुरिम सदैव वाणी,…
पंकज शर्मा, एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर, आजतक ***** मंगल ही मंगल दीवाली के दिन है खीलों खिलौनों बताशों के दिन हैं,पुरुओं औ दीयों उजासों के दिन हैं,बच्चों के हुल्लड़ खुशहाली के दिन…
डॉ. शिप्रा शिल्पी (कोलोन, जर्मनी) ***** चौक पुराये मंगल गायें चौक पुराये मंगल गायें, आई है दीवालीनाचे-गायें ख़ुशी मनायें, आई है दीवाली धनतेरस खुशहाली लायाजन-जन का है मन हर्षायामिलजुल कर…
दसग्रीव दशानन् दसकंधर कहलाता थाजब रावण चलता सारा जग हिल जाता थावो था पंडित-विद्वान और था बलशालीउसके सन्मुख देवों का जी थर्राता था रावण ने सोने की लंका बनवाई थीतीनों…
अर्चना ***** हिंदी दिवस हिंदी शब्द सुन तरंगित हो उठे मन मेराकलम भी आतुर कुछ लिखने कोभारत भूमि से कोसों दूरएकत्रित हम यहाँदेने को सम्मानअपनी मातृभाषा कोक्यों ना इतराओं मैंइस…
अर्चना ***** रिश्ते रिश्तों का अस्तित्व क्या है ? क्या समझ पाया है कोई ?बड़े बेमानी से लगते हैं ये रिश्ते क्या फूल से नाज़ुक या छुइमुई से हैं ?…
अर्चना ***** सच्चा साथी इंसान हूँ इस्तेमाल हेतु कोई वस्तु नहींसीढ़ी बना अपनी मंज़िल पाना,सभी का शौक़ रहा।हर रिश्ते को बहुत ईमानदारी से निभाया,पर हर बार छली गई।भीड़नुमा रिश्तों के…
अर्चना ***** मेरी माँ ममता का सागर,मेरी प्यारी माँ।ज्ञान सरस्वती तुल्य है,सभी ग्रंथ है कंठस्थ,ज्ञान की खान है,मेरी प्यारी माँ….करुणा बुद्ध तुल्यजन्म जाति से परेअमीर हो या ग़रीबसब के दुःख…