Category: विधा

दिन विशेष नवोदित रचनाकार में दिनेश सेन शुभ की कविता

दिन विशेष नवोदित रचनाकार में दिनेश सेन शुभ की कविता दिनेश सेन ‘शुभ’ महाराजपुर, जबलपुर निवासी शासकीय सेवक एवं शोधार्थी हैं। उनका एकल काव्य-संग्रह ‘पराधीन परिणीता’ प्रकाशित है। उनकी कविताएँ…

दिन विशेष युवा लेखन में ओम चतुर्वेदी की कविता

दिन विशेष युवा लेखन में ओम चतुर्वेदी की कविता ओम चतुर्वेदी हिन्दी के विद्यार्थी एवं युवा रचनाकार हैं। वे मूलतः उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के निवासी हैं। वर्तमान में…

मेरे भैया से आभासी राखी तक – विवेक सावरीकर मृदुल

मेरे भैया से आभासी राखी तक – विवेक सावरीकर मृदुल मेरे बचपन में हम आचार्य नगर,कानपुर में जिस भव्य गुप्ता बिल्डिंग में रहते थे ,वहाँ अड़ोस-पड़ोस में उत्तर भारतीय रहन-सहन…

जंग लगी चाबी (व्यंग्य) : डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’

जंग लगी चाबी (व्यंग्य) : डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ कस्बे की सबसे पुरानी जिला सहकारी बैंक की शाखा में प्रवेश करते ही सीढ़ियों के ठीक नीचे बने लॉकर रूम…

दिन विशेष (अनुवाद) में श्री एम. पी. दामोदरन द्वारा अनुवादित कविताएँ

दिन विशेष (अनुवाद) में श्री एम. पी. दामोदरन द्वारा अनुवादित कविताएँ श्री एम. पी. दामोदरन की मलियाली भाषा में लिखी प्रस्तुत कविता वस्तुत गुरु वंदना के साथ ही ईश्वर की…

विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ

विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ अतिला कोतलावल का नाम हिंदी भाषा शिक्षक, दुभाषिया, अनुवादक और प्रेरक वक्ता के रूप में जाना-पहचाना है। श्रीलंका की राजधानी से सुदूर पश्चिम…

युवा लेखन विशेष विमर्श में दीप्ति शर्मा की कविताएँ

युवा लेखन विशेष विमर्श में दीप्ति शर्मा की कविताएँ तीनों कविताएँ ‘आज़माइश’, ‘बदलते रंगों में’ और ‘पिता’ जीवन, प्रेम और पारिवारिक संवेदना के विविध पक्षों को मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त…

गुरुदत्त : एक शापित गंधर्व – नेहा भांडारकर

गुरुदत्त : एक शापित गंधर्व – नेहा भांडारकर दिनांक: 9 जुलाई, 1925 को बंगलुरु में जन्मे, गुरु दत्त का नाम सुनते ही इंडियन सिनेमा के एक अनोखे, रहस्यमयी और टैलेंटेड…

विशेष विमर्श में पद्मश्री के. एस. निसार अहमद की कन्नड़ कविता का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिन्दी अनुवाद

विशेष विमर्श में पद्मश्री के. एस. निसार अहमद की कन्नड़ कविता का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिन्दी अनुवाद परिचय : बेंगलुरु निवासी मैथिली पी. राव (जन्म : 1970) ने…

मनाली के इग्लू ( यात्रा संस्मरण) भाग – 3 : मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’

मनाली के इग्लू ( यात्रा संस्मरण) भाग – 3 : मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ 23 जनवरी 2021 आँख खुली तो सवेरा हो चुका था, हालांकि धूप और सूरज का नामोनिशान नहीं…

विशेष विमर्श में ऋचा गिरि की कविताएँ

विशेष विमर्श में ऋचा गिरि की कविताएँ हिंदी साहित्य, विशेषकर कविता लेखन में ऋचा गिरि जी की गहरी रुचि है। अपनी संवेदनाओं, अनुभवों और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए वे…

विशेष विमर्श में पुष्पा सिन्हा की कहानी “शिलाखंड बोल उठा”

विशेष विमर्श में पुष्पा सिन्हा की कहानी “शिलाखंड बोल उठा” कहानी शिलाखंड बोल उठा, एक सामान्य मूर्तिकार की लगन और भगवान के प्रति उसके मन की उथल पुथल को सटीक…

हरेली पर्व : वृंदा पंचभाई

हरेली पर्व : वृंदा पंचभाई हरियाली का पर्व हरेलीमनभावन है पर्व हरेलीहल,कुदाल,रापा,नागरकरते पूजा पर्व हरेली पिट्टुल,बिल्लस, भौरांबांटी,फुगड़ी खेल न्यारेगेड़ी चढ़ते ये बच्चे प्यारेबरखा का यह पर्व हरेली बबरा चीला पकवान…

दूर तक फैला हुआ एकान्त : विज्ञान व्रत

दूर तक फैला हुआ एकान्त : विज्ञान व्रत दूर तक फैला हुआ एकान्तसाथ में बैठी हुईं तनहाइयाँ शब्द ने तोड़े सभी अनुबन्धचुप्पियों की आ रही है गन्धदूर तक फैला हुआ…

डॉ. के. जयलक्ष्मी के आलेख में ‘रामचरितमानस’ : विश्व मानवता का पथप्रदर्शक

डॉ. के. जयलक्ष्मी के आलेख में ‘रामचरितमानस’ : विश्व मानवता का पथप्रदर्शक भारतीय संस्कृति सदैव से विश्व कल्याण, मानवता और समरसता की वाहक रही है। वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु…

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर साहित्य की दुनिया में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय की शिला पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर…

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर “वास्तेगुना-हुइंया”, “कुचु-पुचु”, “FOMO”, “MIA”, “Delulu”, “Clocked It”—ये शब्द कभी केवल सोशल मीडिया और युवाओं की बातचीत तक सीमित माने जाते थे।…

दिन विशेष विमर्श में डॉ. धनंजय कुमार की कविताएँ

दिन विशेष विमर्श में डॉ. धनंजय कुमार की कविताएँ अमेरिका के विश्व बैंक से सेवानिवृत्त, मास्टर योग शिक्षक और चिकित्सक, लेखक, कवि, नाटककार, सार्वजनिक वक्ता एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं डॉ.…

हिन्दीतर प्रांतों में हिंदी की स्थिति और हिन्दीतर क्षेत्रों के हिंदी समर्थक (शोध-पत्र): डॉ. मोक्षेन्द्र

हिन्दीतर प्रांतों में हिंदी की स्थिति और हिन्दीतर क्षेत्रों के हिंदी समर्थक (शोध-पत्र) : डॉ. मोक्षेन्द्र इस शोध-पत्र में हिंदीभाषी और हिंदीतर भाषी क्षेत्र के रूप में समूचे विश्व को…

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ श्रवणबेलगोला भारत के प्रमुख जैन तीर्थों में से एक है। यह कर्नाटक के हासन जिले में स्थित विश्वविख्यात धार्मिक, ऐतिहासिक एवं…

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