नाना पाटेकर : स्मृतियों में जीवंत अभिनय की अमिट छाप – मनोज कुमार श्रीवास्तव
नाना पाटेकर : स्मृतियों में जीवंत अभिनय की अमिट छाप – मनोज कुमार श्रीवास्तव नाना पाटेकर गुस्सा नहीं निभाते थे। वे उस आदमी को निभाते थे जिसने गुस्से का हिसाब…
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नाना पाटेकर : स्मृतियों में जीवंत अभिनय की अमिट छाप – मनोज कुमार श्रीवास्तव नाना पाटेकर गुस्सा नहीं निभाते थे। वे उस आदमी को निभाते थे जिसने गुस्से का हिसाब…
तेज़ी बच्चन, प्रकाशवती पाल और स्वतंत्र भारत की व्यावहारिक बुद्धि प्रभात रंजन ने हाल ही में हरिवंशराय बच्चन से जुड़ा एक दिलचस्प प्रसंग साझा किया। इस तरह की छोटी-छोटी ऐतिहासिक…
शब्द-सारथी की सहमति में दिव्या माथुर की कहानियाँ – डॉ. मनोज मोक्षेंद्र (दिव्या माथुर की कहानियां : एक सूक्ष्मावलोकन) चुनिंदा कथाकार ऐसे होते हैं जो शून्य से शुरू तो होते…
पुस्तक समीक्षा : “एक आदर्शवादी सपने को यथार्थ में बदलना” – नीलम दुग्गल ‘नरगिस’ ‘टुवर्ड्स एन इगैलिटेरियन सोसाइटी’लेखक: डॉ. सुधा कुमारीप्रकाशक: आलोकपर्व प्रकाशनमूल्य: हार्ड कवर रु. 695/-, पेपरबैक रु. 495/-समीक्षक:…
दिन विशेष कविता : रिमझिम रिमझिम गिरत पानी – चन्द्रभूषण यदु रिमझिम रिमझिम गिरत पानीबोती जमाती किसान किसानी सबके जिंनगी के इही कहानीका परजा अब का राजा रानी रिमझिम रिमझिम…
दिन विशेष कविता : प्यारी अम्मा – प्रियंका सिंह एक धुंधली सी याद हैबचपन से ही साथ हैचूल्हे पर से उठता धुआँरसोई में बैठी हमारी अम्माहांडी में रखी दाल उबलतीसिल…
दिन विशेष कविता : खोज – अलकनंदा साने मत करो वर्णमाला में शामिलकिसी संधि में जगह मत दोसमास में रहने दो अपने पीछेमंजूर है. एक बिनती हैतत्सम ही रहने दोअपभ्रंश…
दिन विशेष युवा लेखन : ग़ज़ल – अजय जायसवाल ‘अनहद’ अजय जायसवाल ‘अनहद’ जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के मछली शहर स्थित अगहुआ बाजार (किशुनदासपुर) के मूल निवासी हैं तथा वर्तमान में…
साक्षात्कार : “जिसे उस्ताद ने अपना पूरा ‘तबला’ दे दिया” – स्वरांगी साने तबले में अपनी मधुरता के लिए पूरब घराना जाना जाता है, उस मधुर घराने के मीठे उस्ताद…
दिन विशेष अनुवाद में “आहुति” की नेपाली कविता का “डॉ.तुलसी छेत्री” द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. तुलसी छेत्रीएम ए,एमफिल,पीएचडीगुवाहाटी असम। हिंदी कविताओं का एकल संग्रह ‘रजस्वला शहर'(2023) एवं अनुभूति,अनुकृति,इनसे हैं हम…
दिन विशेष व्यंग्य : “काला टेलीफोन” – डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ कस्बे के सबसे पुराने कोतवाली थाने के मुंशी कक्ष की लकड़ी वाली टूटी मेज पर भारी लोहे और…
दिन विशेष कविता : सच-सच बतलाना! – नागार्जुन कालिदास, सच-सच बतलाना!इंदुमती के मृत्युशोक से अज रोया या तुम रोए थे?कालिदास, सच-सच बतलाना! शिवजी की तीसरी आँख सेनिकली हुई महाज्वाला में…
दिन विशेष कहानी : “ध्रुव तारा कभी अस्त नहीं होता” – राजेश्वर वशिष्ठ ध्रुवतारा कभी अस्त नहीं होता…. वरिष्ठ कवि कथाकार राजेश्वर वशिष्ठ की लिखी ऐसी कहानी है जो घोर…
दिन विशेष लघुकथा : “अपनी ज़मीन से कटन” और “प्रतीक्षा” – रमेश यादव अपनी ज़मीन से कटना तेज आँधी में सूखे पत्तों के साथ कुछ कमजोर हरे पत्ते भी गिर…
दिन विशेष युवा लेखन में वैभव भारतीय की कविताएँ वैभव भारतीय उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में 21 नवम्बर 1997 को पैदा हुए। पिता डॉ. अर्जुन सिंह, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह…
जन्मदिन विशेष में अनिल “जोशी” की कविताएँ व्यक्ति या विचार ये जोमानव का जन्म हैयेमानव द्वारापृथ्वी पर देखा गयासबसे सुन्दर स्वप्न है जबजन्म देते हैंपुरूष और स्त्रीशिशु कोवे केवलएक दूसरे…
दिन विशेष कथेतर : “फिल्मों के विस्मृत इतिहास पुरुष” – निरंजन पाल : ललित मोहन जोशी संक्षिप्त परिचय – ललित मोहन जोशी *लन्दन स्थित कवि, फ़िल्म इतिहासकार, वृत्त फ़िल्मकार, समीक्षक…
दिव्य माथुर की पुस्तक ‘बिन्नी बुआ का बिल्ला’ की डॉ. मनोज मोक्षेंद्र द्वारा समीक्षा समीक्षित पुस्तक : बिन्नी बुआ का बिल्लाविधा : बाल उपन्यासउपन्यासकार : दिव्या माथुरप्रकाशक : डॉ. नीरज…
सर्वेश की पुस्तक ‘कैमरा वालियाँ’ की मनोज अबोध द्वारा समीक्षा पुस्तक परिचय “कैमरे वालियाँ”महिला फोटोग्राफरों की रोमांचक दुनिया॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰जीवन संघर्षों में घिसी-तपी महिला का नाम है: सर्वेश। कद-काठी और बोलचाल में…
मास्टर स्ट्रोक की फिल्म : स्वरांगी साने ‘दर्शकों को एंगेज रखना था, उनका इंटरटेनमेंट नहीं करना था।’ फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल जब यह बात कहते हैं तो वास्तव में वे…