Category: भारत

दिन विशेष विमर्श में ‘रास बिहारी गौड़’ की कविता “अपना घर”

दिन विशेष विमर्श में ‘रास बिहारी गौड़’ की कविता “अपना घर” बिटियाकभी गुस्से मेंकभी लाड़ मेंकभी जज़्बात मेंकह देती हैचली जाऊँगीएक रोज ‘अपने घर’ पूरे घर के कानों मेंथोड़ा डर,…

दिन विशेष में डॉ. अर्जुन गुप्ता ‘गुँजन’ की कविता “घन गर्जन (सरसी छंद)”

दिन विशेष में डॉ. अर्जुन गुप्ता ‘गुँजन’ की कविता “घन गर्जन (सरसी छंद)” चला मगन घन अंबर-पथ पर,करता अद्भुत शोर।कहो इसे घन गर्जन या तुम,कहो प्रणय की डोर॥घुँघराले घन जटाजूट…

“संपर्क भाषा से राजभाषा की यात्रा” : विजय नगरकर

“संपर्क भाषा से राजभाषा की यात्रा” : विजय नगरकर यही भारत में हिंदी की पूरी कहानी है। हिंदी राजभाषा है, राष्ट्रभाषा नहीं, मातृभाषा भी नहीं संविधान में कहीं भी किसी…

दिन विशेष युवा लेखन में अक्षय आनंद झा की कविताएँ

दिन विशेष युवा लेखन में अक्षय आनंद झा की कविताएँ परास्नातक (हिंदी), विश्व-भारती, शांतिनिकेतनपता — शेखपुरा, बिहारमोबाइल — 8579993222ईमेल — anandakshay1810@gmail.com 1. अदालत की धूप छांव (एक दृश्य-कथा)पचास सीढ़ियाँ चढ़कर…

दिन विशेष नवोदित रचनाकार में राजवीर गौरव संघवी की रचना

दिन विशेष नवोदित रचनाकार में राजवीर गौरव संघवी की रचना ‘Hands Beyond Borders’: बच्चों के हाथों से विश्व शांति की आवाज़ पुणे: *युद्ध, बाल तस्करी, हिंसा और विस्थापन का सबसे…

दिन विशेष कथेतर में “राधाकृष्णन : एक दार्शनिक राष्ट्रपति एवं शिक्षक”- डॉ. अनुज प्रभात

दिन विशेष कथेतर में “राधाकृष्णन : एक दार्शनिक राष्ट्रपति एवं शिक्षक”- डॉ. अनुज प्रभात “समाज में शिक्षकों के महत्व को पहचानने के लिए 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाइये। यह…

दिन विशेष पुस्तक समीक्षा : ‘शहर दर शहर’ (उपन्यास) — लेखक राजेंद्र राजन – समीक्षा : निर्देश निधि द्वारा

दिन विशेष पुस्तक समीक्षा : ‘शहर दर शहर’ (उपन्यास) — लेखक राजेंद्र राजन – समीक्षा : निर्देश निधि द्वारा निर्देश निधि इतिहास में एम.फिल. हैं और कहानी, कविता, संस्मरण, यात्रा-संस्मरण,…

‘भाषा की पाठशाला’ में आज के शब्द – ग्रंथ, पुस्तक और किताब : कमलेश कमल

‘भाषा की पाठशाला’ में आज के शब्द – ग्रंथ, पुस्तक और किताब : कमलेश कमल कमलेश कमल हिंदी के चर्चित वैयाकरण, भाषाविज्ञानी एवं लेखक हैं। वे भारतीय शिक्षा बोर्ड के…

दिन विशेष व्यंग्य – गुरुकुल का रहस्य – विक्रम-वेताल : कमलेश कँवल

दिन विशेष व्यंग्य – गुरुकुल का रहस्य – विक्रम-वेताल : कमलेश कँवल “राजन, नीचे बाईं ओर दृष्टि डालिए। अद्भुत दृश्य है!” विक्रम की पीठ पर लदे वेताल ने कहा। विक्रम…

दिन विशेष अनुवाद में ‘अवतार सिंह संधू’ की पंजाबी कविता का ‘किरण खन्ना’ द्वारा हिन्दी अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में ‘अवतार सिंह संधू’ की पंजाबी कविता का ‘किरण खन्ना’ द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. किरण खन्ना अध्यक्ष, स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग डीएवी कॉलेज अमृतसर, पंजाब सब से ख़तरनाकमेहनत…

‘वैश्विक हिंदी परिवार’ की संगोष्ठी में उठा भाषा, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक अस्मिता का व्यापक विमर्श : विजय नगरकर

‘वैश्विक हिंदी परिवार’ की संगोष्ठी में उठा भाषा, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक अस्मिता का व्यापक विमर्श : विजय नगरकर मातृभाषा : स्मृति नहीं, भविष्य की शक्ति भाषा केवल शब्दों का…

दिन विशेष ( कविता ) में धर्मवीर भारती की कविता ‘कनुप्रिया’ से

दिन विशेष ( कविता ) में धर्मवीर भारती की कविता ‘कनुप्रिया’ से घाट से लौटते हुएतीसरे पहर की अलसायी बेला मेंमैंने अक्सर तुम्हें कदम्ब के नीचेचुपचाप ध्यानमग्न खड़े पायामैंने कोई…

जन्मदिन विशेष में भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविता “अब प्रीति करी तौ निबाह करौ”

जन्मदिन विशेष में भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविता “अब प्रीति करी तौ निबाह करौ” अब प्रीति करी तौ निबाह करौअपने जन सों मुख मोरिए ना ।तुम तो सब जानत नेह मजाअब…

उर्दू अकादमी के कार्यक्रम में ‘स्त्री-विमर्श और संस्कारों के बदलते कथानक’ विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए: मनोज कुमार श्रीवास्तव

उर्दू अकादमी के कार्यक्रम में ‘स्त्री-विमर्श और संस्कारों के बदलते कथानक’ विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए: मनोज कुमार श्रीवास्तव अभी जब सिराज अजमली सर बोल रहे…

दिन विशेष में महेंद्र सिंह की कहानी “एक्वेरियम”

दिन विशेष में महेंद्र सिंह की कहानी “एक्वेरियम” यह मैं हूं। यह मेरी तस्वीर है। इसमें मेरे बाल खूब बढ़े हुए हैं-धोनी प्रभाव के चलते नहीं, बल्कि अल्प-बेकारी से उपजे…

दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ

दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ “थ्रिल मेरी जान” “मैं ठीक तीन बजे आ जाऊँगी तेरे हॉस्टल के गेट पर। तैयार मिलियो।” अंतिम पीरियड समाप्त होते ही नमिता…

दिन विशेष कहानी में डॉ. अंजना गर्ग की कहानी “चार खुश औरतें”

दिन विशेष कहानी में डॉ. अंजना गर्ग की कहानी “चार खुश औरतें“ डॉ अंजना गर्ग की यह कहानी “चार खुश औरतें” जीवन के प्रति एक नए दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती…

दिन विशेष (युवा लेखन) में यासिन रशीद पठान की लघुकहानी “वो दो जोड़ी आँखें”

दिन विशेष (युवा लेखन) में यासिन रशीद पठान की लघुकहानी “वो दो जोड़ी आँखें” (यासिन रशीद पठान, महाराष्ट्र) सावन अपने पूरे शबाब में था। आसमान घने बादलों से ढका था…

दिन विशेष नवोदित रचनाकार में प्रीति साहू की कविताएँ

दिन विशेष नवोदित रचनाकार में प्रीति साहू की कविताएँ नाम – प्रीति साहूनिवासी-लालमाटी जबलपुर (म. प्र.)शोधार्थी – रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर आजाद हैं हम आजाद हैं हम, आजाद हैं हम,…

दिन विशेष (युवा लेखन) में उत्सव त्रिपाठी की गीत, ग़ज़ल, कविता

दिन विशेष (युवा लेखन) में उत्सव त्रिपाठी की गीत, ग़ज़ल, कविता नाम – उत्सव मणि त्रिपाठीपता – ग्राम बरपार, देवरियाशोधार्थी – शांतिनिकेतन, बंगाल १. गीत जाने कैसे डोल रही हैं…

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