Author: वैश्विक हिंदी परिवार

इन्द्रप्रस्थ साहित्य भारती, दिल्ली – कहानी प्रतियोगिता हेतु कहानी आमंत्रित – (सूचना)

इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती, दिल्ली (संबद्ध, अखिल भारतीय साहित्य परिषद्) परिवार केंद्रित कहानी प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है। कहानी भेजने से पूर्व कृपया पंजीकरण कराएं। पंजीकरण के लिए लिंक नीचे…

डॉ संजय जैन की नवीनतम काव्य कृति ‘मेरी रूबाईयां’ रूबाई संग्रह व ‘शायर एक गायक अनेक’ ग़ज़ल संग्रह का लोकार्पण – (रिपोर्ट)

सुर साहित्य परिषद व हंसराज कालेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) के संयुक्त तत्वावधान में जाने माने कवि- गीतकार- ग़ज़लकार- डॉ संजय जैन की नवीनतम काव्य कृति ‘मेरी रूबाईयां’ रूबाई संग्रह व ‘शायर…

रामायण केन्द्र मॉरीशस द्वारा राम जन्म महोत्सव का भव्य आयोजन – (रिपोर्ट)

रामायण केन्द्र मॉरीशस द्वारा राम जन्म महोत्सव का भव्य आयोजन रामायण केन्द्र मॉरीशस द्वारा राम जन्म महोत्सव का भव्य आयोजन किया है। भक्ति और आनंद से भरे दिलों के साथ…

‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’ – सुनीता पाहूजा – (पुस्तक परिचय)

मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध मॉरीशस के द्वीपीय सौंदर्य में रची-बसी हिंदी साहित्य की अनूठी गंध — एक समर्पण, एक संवाद हिंद महासागर के मध्य स्थित सुरम्य द्वीप राष्ट्र मॉरीशस, जहाँ…

साहित्य सप्तक का बाल विशेषांक – (पत्रिका)

साहित्य सप्तक का बाल विशेषांक इस अंक के लिए चयनित उच्च स्तरीय रचनाओं के संपादन और वर्गीकरण का काम जिस कुशलता के साथ अतिथि संपादक डॉ नागेश पांडेय संजय ने…

आरती लोकेश की नई प्रकाशित पुस्तक ‘स्याह धवल’ – (पुस्तक समीक्षा)

पुस्तक की प्रस्तावना : ‘गद्य साहित्य में विविध आयामों के इंद्रधनुष‘ हरिहर झा, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया “पुस्तक पढ़ने का आनन्द इसमें है कि जिस विषय में हमारी रुचि हो वह सब…

मनोज कामदेव के नवीन दोहा संग्रह ‘एक लिफाफा धूप’ का लोकार्पण – (सूचना)

सुप्रसिद्ध दोहाकार डॉक्टर मनोज कामदेव के नवीन दोहा संग्रह ‘एक लिफाफा धूप’ का लोकार्पण 19 अप्रैल को दोपहर दो बजे से #True Media channel कार्यालय में होगा। साथ में सुविख्यात…

वात्सल्य का भव्य वार्षिकोत्सव समारोह : भारतीय संस्कृति, संस्कार और साहित्य का अनुपम संगम – (रिपोर्ट)

वात्सल्य का भव्य वार्षिकोत्सव समारोह – ओमप्रकाश प्रजापति नई दिल्ली। 13 अप्रैल 2025 को जनकपुरी स्थित आर्य समाज मंदिर के प्रांगण में वात्सल्य संस्था का वार्षिकोत्सव समारोह संस्था प्रमुख डॉ.…

निर्मला जैन मैम – (संस्मरण)

निर्मला जैन मैम प्रो.रेखा सेठी हिंदी की स्त्री रचनाकारों की कतार में आलोचक बहुत कम हैं। जेंडर और साहित्य के रिश्तों की पड़ताल में एक अदृश्य-सा समझौता दिखाई पड़ता है।…

डॉ. लता सुमंत – (हिंदी के विकास में हिंदीतर)

डॉ. लता सुमंत : एक बहुआयामी साहित्यकार डॉ.विजय नगरकर परिचय डॉ. लता सुमंत का नाम हिंदी, मराठी और गुजराती साहित्य जगत में एक प्रतिष्ठित और सशक्त रचनाकार के रूप में…

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: उर्दू और हिंदी एक भाषा, भाषा को धर्म से न जोड़ा जाए – (आलेख)

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: उर्दू और हिंदी एक भाषा, भाषा को धर्म से न जोड़ा जाए विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र वादी: श्रीमती वर्षताई पत्नी श्री संजय बागड़ेप्रतिवादी: महाराष्ट्र राज्य…

जापान में मेरा अनुभव – (आलेख)

जापान में मेरा अनुभव रूपा सिंह, जापान मैंने जापान आने के बाद देखा कि दुनिया में ऐसा समाज भी होता है जहाँ किसी को भी किसी का कैसा भी होना…

प्रोफेसर निर्मला जैन : हमारी गुरु, हमारी संरक्षक – (संस्मरण)

प्रोफेसर निर्मला जैन : हमारी गुरु, हमारी संरक्षक मैं दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और एम.ए.(हिंदी), आर्थिक परिस्थितियोंवश सांध्यकालीन संस्थानों से ही कर पाया था। दिन के समय नौकरी करनी पड़ी…

जापानी एनीमेशन स्टूडियो जिबली की फिल्में – (आलेख)

जापानी एनीमेशन स्टूडियो जिबली की फिल्में डॉ वेदप्रकाश सिंह, ओसाका विश्वविद्यालय, जापान ओसाका विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ाते हुए अपने जापानी विद्यार्थियों से उनकी किसी पसंदीदा जापानी फिल्म का नाम पूछता…

प्रवासियों की कहानियाँ और व्यथाएँ : प्रवासियों का विश्व – (पुस्तक समीक्षा)

प्रवासियों की कहानियाँ और व्यथाएँ : प्रवासियों का विश्व विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र इस विशाल पृथ्वी के खंडित भूभागों पर अंकित मानव सभ्यता के पदचिह्न मानो उसकी सार्वकालिक भ्रमंती (घुमक्कड़ी)…

विस्मित है ये प्रश्न अभी तक – (कविता)

डॉ० अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश विस्मित है ये प्रश्न अभी तक (नवगीत – मात्राभार १६, १२) विस्मित है ये प्रश्न अभी तककिसने नींद चुराई? मृग-मरीचिका सी है लिप्सा,इसके…

पतझड़-सा है जीवन मेरा – (कविता)

डॉ० अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश पतझड़-सा है जीवन मेरा (सार छंद आधारित गीत) खुशियाँ सारी झुलस रही हैं,जीवन में निर्झर दो।पतझड़-सा है जीवन मेरा,उसको सावन कर दो॥ दुख…

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