Category: भारतीय रचनाकार

नैसर्गिक कलाकार : मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति – (ब्लॉग)

मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति रजनीकांत शुक्ल विगत वर्ष आज के ही दिन देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति का कोरोना के चलते पैसठ वर्ष की अवस्था में निधन हो गया था।…

मुकम्मल इश्क की अधूरी दास्तान: एक सम्यक़ विवेचन – (पुस्तक समीक्षा)

मुकम्मल इश्क की अधूरी दास्तान दिनेश कुमार माली, तालचेर, ओड़िशा आज शाम यानि 10.11.2025 को जब मैं युवा लेखक दिनेश कुशवाहा की ‘मुकम्मल इश्क़ की अधूरी दास्तान’ उपन्यास पर आलोचनात्मक…

फूल की ज़िद – (कविता)

डॉ. मंजु गुप्ता ***** फूल की ज़िद बाल हठराज हठत्रिया हठसारे संसार में प्रसिद्ध हैंपर फूल की ज़िद की अभी तक अनदेखी हैइस ओर किसी की दृष्टि ही नहीं गईहमने…

भानु नित्य भोर में – (कविता)

डॉ॰ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 🪷 भानु नित्य भोर में 🪷 भानु नित्य भोर में रश्मियाँ प्रसारता।भृंग बाग में सदा धुन मधुर सँवारता॥पेड़ नित्य झूमते बाँह नित पसारते।पुष्प…

सत्कर्म के डगर पर – (कविता)

डॉ॰ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 🌸 सत्कर्म के डगर पर 🌸 (दिग्पाल/ मृदुगति छंद) सत्कर्म के डगर पर, सुविचार हो हमारा।सद्भाव सत्य संबल, सन्मार्ग हो सहारा॥मधुरिम सदैव वाणी,…

आह से ही तो उपजा था पहला गान – (वर्णमाला 2 – ब्लॉग)

आह से ही तो उपजा था पहला गान स्वरांगी साने आषाढ़ के किसी दिन बादल बरसे पर हुआ कुछ ऐसा कि वाह न निकली और मुँह से आह निकल गई!…

कालिदास की कला और सौन्दर्य दृष्टि – (रिपोर्ट)

कालिदास की कला और सौन्दर्य दृष्टि नर्मदा प्रसाद उपाध्याय किसी गीत की लय का, दीप्तिमान लौ में ढलना स्वयं कला का कालिदास हो जाना है। कालिदास इसी अलौकिक चमत्कार के…

बात छोटी सी – (कहानी)

बात छोटी सी नोरिन शर्मा आज शीतल और वरुण की पच्चीसवीं शादी की सालगिरह है। वरुण ने न तो कभी जन्मदिन मनाया और न ही कभी शादी की सालगिरह…! अंग्रेज़ों…

 ‘अ’ से शुरू हुई एक अधूरी यात्रा… – (वर्णमाला -1) – (ब्लॉग)

‘अ’ से शुरू हुई एक अधूरी यात्रा स्वरांगी साने अभी उसने अपनी बात पूरी भी नहीं की थी, बात क्या, जो वह कह रही थी, उतना शब्द भी पूरा नहीं…

विवेक रंजन चतुर्वेदी – (परिचय)

विवेक रंजन चतुर्वेदी वरिष्ठ व्यंग्यकार, स्वतंत्र लेखक (हिंदी व अंग्रेजी) २८ जुलाई १९५९ में मण्डला के एक साहित्यिक परिवार में जन्म। माँ – स्व दयावती श्रीवास्तव (सेवा निवृत प्राचार्या) पिता…

पहचाना आप ने? – (ब्लॉग)

पहचाना आप ने? विवेक रंजन श्रीवास्तव पहचाना आप ने? अरे कैसी बात करते हैं, आप भी! संकोच में ऐसा कह चुकने के बाद, वे बातों बातों में वह सूत्र ढूंढते…

डॉ. आनंद कुमार स्वामी के लिए कला का अर्थ – (ब्लॉग)

डॉ. आनंद कुमार स्वामी के लिए कला का अर्थ नर्मदा प्रसाद उपाध्याय डॉक्टर आनंद कुमार स्वामी के लिए कला का अर्थ है, उसका जीवन से एकाकार होना और केवल अपने…

धन्वंतरि – (ब्लॉग)

धन्वंतरि नर्मदा प्रसाद उपाध्याय वास्तव में अमृत देह की अनश्वरता से नहीं देह के आरोग्य से जुड़ा है। जब तक देह रहे आरोग्यवान रहे। वास्तव में आरोग्य ही अमृत है,…

मुस्लिम परिवार की दुर्दशा को दर्शाता अनवर सुहैल का उपन्यास ‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ – (पुस्तक समीक्षा)

‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ दिनेश कुमार माली, तालचेर,ओड़िशा यह ध्रुव सत्य है कि हमारे लेखन में आजकल वह ताकत नहीं रही, जो हमारे अलग-अलग धर्मों वाले देश में…

‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’ संपादित संग्रह – (पुस्तक समीक्षा)

मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध अनीता वर्मा प्रतिष्ठित हिंदी प्रेमी व पूर्व में मॉरीशस में दूतावास में अधिकारी के रूप में कार्यरत सुनीता पाहुजा की नवीनतम पुस्तक ‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’…

भारतीय विज्ञापन जगत के सरताज : पीयूष पांडे – (श्रद्धांजलि)

पीयूष पांडे डॉ. रेखा सेठी (2012 में मेरी एक पुस्तक आई थी, ‘विज्ञापन डॉट कॉम’। इसका एक अंश विज्ञापन जगत की प्रमुख हस्तियों, प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और विशिष्ट विज्ञापनों पर…

प्रकृति हमारी नहीं है, हम प्रकृति के हैं – (ब्लॉग)

प्रकृति हमारी नहीं है, हम प्रकृति के हैं ©डॉ महादेव एस कोलूर लोकताक झील, मणिपुर की सबसे बड़ी ताजा पानी की झील है, जो लगभग 250 वर्ग किलोमीटर में फैली…

‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह – (पुस्तक समीक्षा)

‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह आज के प्रतिस्पर्धात्मक व जटिल दौर में जी रहे मानव के विभिन्न स्तरों पर टूटते, दरकते व खंडित होते जीवन मूल्यों के ऐसे चित्र प्रस्तुत…

कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन श्री पीएम प्रसाद के जीवन के अनेक अनछुए प्रसंग – (संस्मरण)

श्री पीएम प्रसाद दिनेश कुमार माली जब भी श्री पी.एम.प्रसाद साहब का नाम चर्चा में आता है तो आंखों के सामने उभर आती है एक सौम्य भाव लिए बुद्ध प्रतिमा।…

बाल विकास में संगीत की भूमिका – (ब्लॉग)

बाल विकास में संगीत की भूमिका डॉ महादेव एस कोलूर संगीत सदियों से मानव संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है, जो मनोरंजन, अभिव्यक्ति और जुड़ाव का एक माध्यम रहा…

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