Author: वैश्विक हिंदी परिवार

1 सितंबर 2025 – (संपादकीय)

पहला संपादकीय डॉ. शैलजा सक्सेना, कैनेडा वैश्विक हिंदी परिवार और इसकी वेबसाइट से जुड़े सभी हिंदी प्रेमियों को सादर प्रणाम! आज इस वेबसाइट पर यह मेरा पहला संपादकीय! इस बेवसाइट…

फ़ादर कामिल बुल्के  – (आज जिनका जन्मदिन है)

फ़ादर कामिल बुल्के -रजनीकांत शुक्ला प्रख्यात हिन्दी सेवी फ़ादर कामिल बुल्के का जन्म 1 सितम्बर, 1909 को बेल्जियम के पश्चिमी फ्लैंडर्स स्टेट के रम्सकपैले नामक गाँव में हुआ था। उनके…

इश्क़ मिज़ाजी से इश्क़ हक़ीक़ी तक : अमृता प्रीतम – (आज जिनका जन्मदिन है)

इश्क़ मिज़ाजी से इश्क़ हक़ीक़ी तक अनीता वर्मा जिंदगी की रसीदी टिकट पर हस्ताक्षर करने वाली पंजाबी व हिंदी की लेखिका अमृता प्रीतम के जन्मदिन पर उनसे जुड़ी पुरानी यादें…

‘कुछ कही, कुछ अनकही’ : संवेदनाओं की मौन अभिव्यक्ति – (पुस्तक समीक्षा)

कही गई और अनकही भावनाओं का आईना समीक्षक: प्रीती जायसवाल कविता साहित्य का वह सशक्त माध्यम है जो हमें समाज को एक नई दृष्टि से देखने, समझने और महसूस करने…

छुअन- छुअन में फर्क बहुत है! – (कविता)

डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम छुअन- छुअन में फर्क बहुत है! माँ छूती है बादल जैसेबारिश जैसे, अमृत जैसे!स्पर्श पिता काधूप हो जैसे, सूरज जैसे।दादा दादी नाना नानीकिशमिश जैसे और छुआरे।सखी…

अपनी नागरी लिपि – (कविता)

डॉ. शारदा प्रसाद *** अपनी नागरी लिपि हिंदी हो जन-जन की भाषाहिंदी हो हर-मन की आशा!बने सकल विश्व में सिरमौरऐसी है सबकी अभिलाषा!! सब मिलकर करें प्रयासहर बोली का हो…

करम परब – (कविता)

*** डॉ शारदा प्रसाद करम परब (झारखंड का लोकप्रिय पर्व) भादो माह शुक्ल एकादशीकरम परब लेकर आया!हरियर करम डाल ले भाई आयाबहना का मन हरसाया!! भाई-बहन का पर्व है प्याराकरमा-धरमा…

रक्षा बंधन – (कविता)

डॉ शारदा प्रसाद *** रक्षा बंधन सावन का पूनम का चंदाआया ले किरणों का उपहार!सकल विश्व मना रहाभाई-बहन का सुंदर त्यौहार!! कलाई सजेगी राखी सेशुभ तिलक लगेगा भाल विशाल!आरती उतारे…

झूलन – (कविता)

डॉ शारदा प्रसाद *** झूलन झूला झूलैं कृष्ण-कन्हैयामाथे मोर मुकुट अति शोभितबलि-बलि जात हैं नंद-यशोदागोपियों का मन हर्षित- मोहित सावन माह है अति मनभावनझूलैं संग-संग राधा रानी!कृष्ण-कन्हैया के मन बसतीवृषभानु…

आजादी की सुनहरी भोर – (कविता)

डॉ शारदा प्रसाद *** आजादी की सुनहरी भोर सन् सत्तावन से सततचलती रही लड़ाई!तब जाकर आजादी कीपावन शुभ घड़ी आई!! आजादी की बलिवेदी परवीरों ने शीश चढ़ाई!अंग्रेजों के दमन सहेऔर…

शारदा प्रसाद – (परिचय)

डॉ. शारदा प्रसाद जन्म स्थान — झारखंड शिक्षा. — एम. ए. हिंदी, पीएच.डी. पूर्व प्राचार्या, रामगढ़ महाविद्यालय, रामगढ़ कैण्ट, झारखंड, भारत। प्रकाशन— 1 मोहन राकेश के नाटक: विषय और विधान…

आम आदमी – (कविता)

प्राची मिश्रा *** आम आदमी वो मिलता है वो दिन मुझकोअपना सामान समेटे हुएमैली कुचैली इक चादर मेंअपना ईमान समेटे हुए हाड़ मांस की इक जर्जर कायामिलती बोझा ढोते हुएमुख…

आम आदमी अमन चाहता है – (कविता)

प्राची मिश्रा *** आम आदमी अमन चाहता है न कलह चाहता हैन दमन चाहता हैन सत्ता चाहता हैन चमन चाहता हैपिस जाता है फिरभी सियासत के पाटों मेंएक आम आदमी…

अच्छी औरतें – (समाचार)

प्राची मिश्रा *** अच्छी औरतें ज़माने ने समझायाअच्छी औरतें घर में रहती हैंजो अपने मन की बात के अलावासब कुछ कहती हैंजो लड़ती हैं पति से गहने ज़ेवर के लियेपर…

तुम्हारा होना – (कविता)

प्राची मिश्रा *** तुम्हारा होना मेरे दुपट्टे का एक छोरहमेशा तुम्हारा रहेगाजिसमें बेफिक्र होकर तुमपोंछ सको अपने आँसूहां तुमने ठीक सुना!!मैं चाहती हूँ तुम दर्द कोइक्कठा करना छोड़ दोतुम्हारे रोने…

ये आँखें – (कविता)

प्राची मिश्रा *** ये आँखें ये आँखेंबस उतनी ही छलकनी चाहिएजितने में न डूबे ये संसारये धरती और ये मनचीर कर दुःख का सीनाजब पिघलती हैं ये आँखेंपत्थर कर देती…

प्राची मिश्रा – (परिचय)

प्राची मिश्रा (कवयित्री, समाज सेविका, मोटिवेशनल स्पीकर) विधा :- मुक्तक,गीत, गज़ल एवं कविताएं, कहानियाँ जन्म :- 05 सितम्बर 1987, सतना (म.प्र.) माता :- श्रीमती अनीता त्रिपाठी पिता :- श्री आलोक…

गीतकार शैलेंद्र – (आज जिनका जन्मदिन है)

गीतकार शैलेंद्र “क्या आपने मुझे कोई मनी लैंडर समझा है? मैं ये काम नहीं करता।” राज कपूर ने बड़े स्टाइल में शैलेंद्र से कहा। मगर राज कपूर ने अपने जिगरी…

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