व्याकरण और लोक-प्रचलन के बीच का द्वंद्व – (विचार स्तंभ)
व्याकरण और लोक-प्रचलन के बीच का द्वंद्व – सृजन कुमार, बुसान यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज कुछ दिनों पहले फेसबुक पर एक पोस्ट से आँखें दो-चार हो गईं। हालाँकि मैं फेसबुक…
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व्याकरण और लोक-प्रचलन के बीच का द्वंद्व – सृजन कुमार, बुसान यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज कुछ दिनों पहले फेसबुक पर एक पोस्ट से आँखें दो-चार हो गईं। हालाँकि मैं फेसबुक…
थाईलैण्ड में रामकथा – शिखा रस्तोगी अयोध्या का नाम लेते ही स्मृति-पटल पर सरयू के किनारे स्थित सूर्यवंश के चक्रवर्ती सम्राटों की उस राजधानी का भव्य चित्र मुखरित होता है,…
सृजन कुमार सृजन कुमार दक्षिण कोरिया के बुसान यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज के डिपार्टमेंट ऑफ इंडियन स्टडीज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। साथ ही सिओल नैशनल यूनिवर्सिटी और सिओल स्थित स्वामी…
मालिनी – डॉ स्मिता सिंह मालिनी ने कभी एक निर्णय लिया था कि कभी भी भारत नहीं लौटेगी। आज इतने वर्ष बाद अपने देश की मिट्टी पर कदम रखते ही…
इंद्रधनुष – डॉ स्मिता सिंह सोना और कीर्ति लक्ष्मी जी की दोनों बेटियाँ उनके जन्मदिन को एक भव्य तरीके से मनाने लिए उत्सुक थीं, बिना उन्हें कुछ बताए। इन दोनों…
राजरानी – डॉ स्मिता सिंह रोज़ सुबह ईश्वर को नमन करते समय यह ख़याल आता की वह क्यों भाग्य विहीन हैं। कोई भी उसे सहारा देनेवाला क्यों नहीं है। रानी…
अरमान – डॉ स्मिता सिंह ***** बस दो ही दिन पहले के नज़ारेअदभुत रोशनी, रूमानी नज़ारे,जब शब भी शबनम माफ़िक़ चमक बिखेरेपूर्णिमा के चाँद की चाँदनी में नहाईयाद आ गई…
सुकून तो देती थी चाय – डॉ स्मिता सिंह ***** चाय हो या कोई चाह,पक्का रंग जब तक ना चढ़ेऔर नहीं हो जुनून,कहाँ मिलता है सच्चा सुख और कौन देता…
डॉ स्मिता सिंह जन्म- 12 August शिक्षा- डॉक्टरेट कर्मक्षेत्र- मुंबई, दिल्ली, और सिंगापुर में। लेक्चरर के पद पर भारत में और सिंगापुर में। प्रमुख विधाएं- कविता, आलेख, व्यंग्य साहित्यिक प्रकाशन-…
गाँव की गोरी अनुसूया साहू फूलों से मुझे विशेष प्रेम है, और तितलियाँ भी मेरे मन को बहुत भाती हैं। जैसे वे रंग-बिरंगे पंखों के साथ आकाश में स्वच्छंद उड़ान…
अनुसूया साहू जन्म : १२ फ़रवरी १९८२, बुंदेलखंड ज़िला महोबा, प्रांत उत्तर प्रदेश शिक्षा : मुंबई, एचआर से एमबीए। वर्तमान में : सिंग़ापुर में शिक्षिका के तौर पर हिंदी सोसायटी…
सुत्री मुदियंसेलागे इन्द्रा कुमारी दसनायक : सिंहली और हिंदी भाषा का पुल सुत्री मुदियंसेलागे इन्द्रा कुमारी दसनायक एक बहुआयामी व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण…
डॉ रमा पूर्णिमा शर्मा जन्म : जालंधर, पंजाब निवास : टोक्यो जापान विधाएं : कविता, कहानी, हाइकु, लेख, लघुकथा, उपन्यास कार्य : हिंदी और पंजाबी का प्रचार प्रसार, भारतीय संस्कृति…
उसके श्रम के आँसू अब्र से कल्पित कोमल चक्षु उसके भींग गए उसके श्रम के आँसू वह हृदय स्थल तक भीत गए मेरी कामना की प्यास का नज़ारा एक यह…
प्रवासी लेखिका का फ़ेंग शुई डॉ आरती ‘लोकेश’ अरुंधति घर के दरवाज़े पर पहुँची ही थी कि घनघनाती फ़ोन की घंटी बंद दरवाज़े के बाहर तक सुनाई पड़ रही थी।…
फ़िबोनाची प्रेम डॉ आरती ‘लोकेश’ “ये सुनंदा ने दुबई की फ्लाइट क्यों ली? …जबकि उसे मालूम था कि हम आबुधाबी रहते हैं। … इतनी दूर जाना आसान है क्या?” अश्विन…
दस रुपए का सिक्का डॉ आरती ‘लोकेश’ उफ़्फ़! दिख ही नहीं रहा। कहाँ चला गया? अलमारी के नीचे तो नहीं? पचहत्तर की हो चली हूँ। आँखों की रोशनी भी खत्म…
फूस की सीढ़ी डॉ आरती ‘लोकेश’ समाचार-पत्र में कल के आयोजन की खबर खूब चमक रही थी। साध्वी गौर से सब पढ़ ही रही थी कि फ़ोन की घंटी बजी।…
गजदंत डॉ आरती ‘लोकेश’ घर आते ही गौतमी ने अपने चेहरे से थकान उतारकर अपनी वर्दी के साथ ही अलगनी पर टाँग दी। हाथ-मुँह धोया, कपड़े बदले। आईने में खुद…
आधी माँ, अधूरा कर्ज़ डॉ आरती ‘लोकेश’ आज सुबह अपनी हवेली से निकल छोटी माँ की हवेली में आई तो गहमा-गहमी मची हुई थी। दोनों हवेलियों के मध्य दालान वाला…