Category: विधा

सिंगल मदर से सुपरमदर – (कहानी)

सिंगल मदर से सुपरमदर -अर्चना पैन्यूली “हर एक कथाकार की हर रचना की कोई प्रेरणा होती है। इस पुस्तक के लिए प्रेरणादायक कौन है?” टीना ने मुझसे पूछा तो मैं…

कबूतरी, थारो कबूतर गूटर-गूटर-गू बोल्यो रे… (कितनी माँएं हैं मेरी) – (कहानी)

कबूतरी, थारो कबूतर गूटर-गूटर-गू बोल्यो रे… (कितनी माँएं हैं मेरी) –अर्चना पैन्यूली गूटर गू… गूटर–गू…। वह उसे छेड़ रहा है…। इन दिनों उसकी गर्दन, सिर और छाती पर आकर्षक पंख…

तुम्हारे बगैर मृत्यु ईश्वर! – (संस्मरण)

तुम्हारे बगैर मृत्यु ईश्वर! – डॉ0 वरुण कुमार माँ नहीं रहीं। दो महीनों तक मृत्‍यु से संघर्ष करने के बाद वे विदा हो गईं। दिमाग की नस फटने से वे…

पुराणों में वर्णित ‘गुप्त काशी’, जहां जौ भर भूमि और होती तो यहां काशी के नाथ विश्वनाथ विराजते – (आलेख)

शिव के त्रिशूल पर बसी दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी काशी। शिव की वह नगरी जिसे माता पार्वती के लिए शिव ने बसाया। वह नगरी जिसके बारे में शास्त्रों में…

क्या लिखूँ आप पर… – (संस्मरण)

क्या लिखूँ आप पर… (हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ. कमल किशोर गोयनका पर आधारित अर्चना पैन्यूली का संस्मरण) अर्चना पैन्यूली डॉ. कमल किशोर गोयनका के कृतित्व के संबंध में कुछ…

नफरत में जल जलकर, खाक हो जाने से बेहतर, प्रेम में तपकर कुंदन हो जाइए – (विचार स्तंभ)

डॉ शिप्रा शिल्पी आज के आपाधापी युग में मन खोखले हो रहे हैं उन्हें प्रेम से भरिए, नफरतें अजाब है, जहर भी बचा कर रखे अपने सोने से मन को…

हिंदी तेरा क्या होगा – (विचार स्तंभ)

हिंदी तेरा क्या होगा डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम अँधेरा इतना सघन है कि एक जुगनू भी नहीं टिमटिमा रहा। जिस सोसाइटी में रहता हूँ, वहाँ हिंदी में कोई छींकता भी…

सोशल मीडिया में दक्षता एवं प्रबंधन कौशल विकास – (आलेख)

सोशल मीडिया में दक्षता एवं प्रबंधन कौशल विकास मनोज कुमार श्रीवास्तव वैसे सोशल मीडिया की डाउनसाइड ही ज्यादा बताई जाती हैं। माएँ अपने बच्चों को डाँटती हैं। पत्नियाँ पति को…

साक्षात्कार ‘एक गिरमिटिया देश में हिन्दी’ लेखिका कार्मेन सुयश्वि देवी जानकी – (साक्षात्कार)

‘अंतरराष्ट्रीय हिन्दी संगठन नीदरलैंड’ के मासिक साहित्य कार्यक्रम ‘लेखक की कहानी लेखक की ज़ुबानी’- जिसमें लेखकों से साक्षात्कार करने व उनकी रचनाएँ व कहानी उनकी ही ज़ुबानी सुनने को मिलती…

यक्ष प्रश्न – (कविता)

–डॉ. गौतम सचदेव, ब्रिटेन यक्ष प्रश्न चढ़ गया एक और प्यासाआत्महन्तासीढ़ियां रचकर शवों कीललकतापीने सुनहरास्वर्ग का मृगजल।अभी मुंह रक्त पी खारा हुआ थाहाथ हत्या से रंगेबदले हुए थे बोटियों मेंऔर…

नीराजना – (कविता)

– डॉ. गौतम सचदेव, ब्रिटेन नीराजना दीप बुझता-सा लिएमैं खोजता हूंचिर मुंदा अनजान ओझल द्वारजिसके पारस्रोत आपन्न अपरंपारबस ज्योतिष्मती निर्द्वन्द्व धारा बह रही हैकाल-द्रुम के स्वर्णपल्लवएक बंदनवार में आविद्धमस्तक पर…

शोर के गढ़ – (कविता)

डॉ. गौतम सचदेव, ब्रिटेन शोर के गढ़ शोर के गढ़ बन गए सब ओरजिनमें शब्द अर्थों से छुड़ाकरकैद कर रखे उन्होंनेपास जिनके आदमी अपनेबने नक्कारखाने।लेखनी का शील करके भंगवे फहरा…

अधर का पुल – (कविता)

डॉ. गौतम सचदेव, ब्रिटेन अधर का पुल अधर में रखा है एक पुलन इधर कोई किनारा है उसकान उधर।दिशाओं से ऊपरआर या पार ले जाने की प्रतिबद्धता से मुक्तशून्य को…

खंडित मुकुर – (कविता)

डॉ. गौतम सचदेव, ब्रिटेन खंडित मुकुर मैं पड़ा खंडित मुकुर-साआपकी नजरों से गिरकरधूल मेंअब रूप कितने देखताप्रतिबिम्ब कितने दे रहा हूं।आप चतुरानन दशानन या शताननरूप जितने भी बनातेमैं उन्हें शत-शतमुखीगंदले…

एक और आत्मसमर्पण – (कविता)

डॉ. गौतम सचदेव, ब्रिटेन एक और आत्मसमर्पण खोलकर डोरी धनुष कीऔर निज तूणीरतीखी वेदनाओं से भरामैं डालता हूंआज फिर हथियार मन के स्वर्णलता के बिछाए जाल सेअब तीर अपने आप…

आदि महाकवि वाल्मीकि के अप्रतिम साहित्यिक अवदान – (पुस्तक समीक्षा)

आदि महाकवि वाल्मीकि के अप्रतिम साहित्यिक अवदान ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र रामायण के आदि-कवि महर्षि वाल्मीकि भारतीय साहित्य की उस जीवंत ज्योति की तरह हैं, जिसकी आलोकरेखा सदियों से…

संयुक्त राज्य अमेरिका में हिंदी शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समावेश: एक समग्र विश्लेषण – (शोध आलेख)

संयुक्त राज्य अमेरिका में हिंदी शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समावेश: एक समग्र विश्लेषण डॉ. राकेश कुमार, कार्मेल, इंडिआना, संयुक्त राज्य अमेरिका प्रस्तावना हिंदी, एक प्रमुख भारतीय भाषा, जो वैश्विक…

झूठा – (कहानी अनुवाद)

मूल कहानी – होवहाननेस थूमान्यान , अर्मेनिया अनुवादक – गायाने आग़ामालयान (ख़ान) झूठा पुराने ज़माने में एक महाराज राज्य करते थे। एक दिन उन्होंने डंका पिटवा दिया: ”अगर मेरी प्रजा…

चन्द्रधर शर्मा गुलेरी – (आज जिनका जन्मदिन है)

चन्द्रधर शर्मा गुलेरी -रजनीकांत शुक्ला चन्द्रधर शर्मा गुलेरी का जन्म 7 जुलाई, 1883 को हिमाचल प्रदेश के एक गाँव गुलेर में हुआ था। वे हिन्दी के प्रख्यात साहित्यकार थे। बीस…

भाषा, उच्चारण और बहुभाषिकता : क्या उच्चारण ज्ञान का मानक है? – (आलेख)

उच्चारण के सन्दर्भ में एक भारतीय पेशेवर की व्यथा : क्या उच्चारण ज्ञान का मानक है? ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र भूमिका भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं है, यह…

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