Category: विजय प्रभाकर नगरकर

डिजिटल हिन्दी की यात्रा – (पुस्तक परिचय)

डिजिटल हिन्दी की यात्रा भूमंडलीकरण ने हमारे सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन के साथ-साथ भारतीय भाषाओं को भी काफी प्रभावित किया है। आज के यांत्रिक युग में भाषा का प्रयोग केवल…

‘विज्ञान वैभव’: हिंदी में विज्ञान लेखन की एक अनुपम मिसाल – (पुस्तक परिचय)

विज्ञान वैभव: पुस्तक परिचय विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र विज्ञान हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अक्सर इसे जटिल शब्दों और कठिन भाषाशैली में प्रस्तुत किया जाता है। इससे आम…

शरद जोशी हास्य का मर्म, व्यंग्य का धर्म और साहित्य की आत्मा थे – (आलेख)

शरद जोशी हास्य का मर्म, व्यंग्य का धर्म और साहित्य की आत्मा थे ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र “लेखक होना केवल शब्दों से खेलना नहीं होता, बल्कि समाज की नब्ज…

गणेश लेखनविद्या और ॐ – (आलेख)

गणेश लेखनविद्या और ॐ ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर महाराष्ट्र मानव सभ्यता के इतिहास में संवाद की कला ने एक विशेष स्थान बनाया है। प्राचीन काल से ही मनुष्य ने परस्पर…

रोबोट: एक शब्द की अनोखी यात्रा – (आलेख)

रोबोट: एक शब्द की अनोखी यात्रा ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र 1920 का साल, जब चेक लेखक कारेल चापेक ने अपनी नाटकीय कृति R.U.R. (रॉसुम्स यूनिवर्सल रोबोट्स) के माध्यम से…

मराठी कवि अनिल: एक साहित्यिक अर्थात् शैक्षणिक दिग्गज – (दिन विशेष)

मराठी कवि अनिल: एक साहित्यिक अर्थात् शैक्षणिक दिग्गज ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र आज, ८ मई, आत्माराम रावजी देशपांडे, जिन्हें कवि ‘अनिल’ के नाम से जाना जाता है, की पुण्यतिथि…

पंडित दीनानाथ मंगेशकर की अंतिम यात्रा: जब संगीत मौन हो गया – (आलेख)

पंडित दीनानाथ मंगेशकर की अंतिम यात्रा : जब संगीत मौन हो गया – प्रस्तुति- विजय नगरकर अप्रैल की तपती दोपहर थी। सड़कें सुनसान थीं, जैसे खुद शहर ने भी मौन…

महाराष्ट्र राज्य स्थापना दिवस – (आलेख)

महाराष्ट्र राज्य स्थापना दिवस ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र मराठी राजभाषा दिन और मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक भूमिका 1 मई 1960 को जब महाराष्ट्र राज्य की स्थापना भाषावार प्रांत रचना…

राजभाषा संस्मरण – (संस्मरण)

राजभाषा संस्मरण ~ विजय नगरकर, महाराष्ट्र हमारे ज़िले के उस शांत और नैसर्गिक ग्रामीण क्षेत्र में स्थित महाविद्यालय का वातावरण आज भी मेरी स्मृति में ताज़ा है। मुझे वहाँ हिंदी…

भगवद् गीता और नाट्यशास्त्र का वैश्विक सम्मान – (लेख)

भगवद् गीता और नाट्यशास्त्र यूनेस्को की मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल प्रस्तुति- डॉ. विजय नगरकर भारत से भगवद् गीता और नाट्यशास्त्र को यूनेस्को की मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड…

डॉ. लता सुमंत – (हिंदी के विकास में हिंदीतर)

डॉ. लता सुमंत : एक बहुआयामी साहित्यकार डॉ.विजय नगरकर परिचय डॉ. लता सुमंत का नाम हिंदी, मराठी और गुजराती साहित्य जगत में एक प्रतिष्ठित और सशक्त रचनाकार के रूप में…

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: उर्दू और हिंदी एक भाषा, भाषा को धर्म से न जोड़ा जाए – (आलेख)

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: उर्दू और हिंदी एक भाषा, भाषा को धर्म से न जोड़ा जाए विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र वादी: श्रीमती वर्षताई पत्नी श्री संजय बागड़ेप्रतिवादी: महाराष्ट्र राज्य…

प्रवासियों की कहानियाँ और व्यथाएँ : प्रवासियों का विश्व – (पुस्तक समीक्षा)

प्रवासियों की कहानियाँ और व्यथाएँ : प्रवासियों का विश्व विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र इस विशाल पृथ्वी के खंडित भूभागों पर अंकित मानव सभ्यता के पदचिह्न मानो उसकी सार्वकालिक भ्रमंती (घुमक्कड़ी)…

डॉ. आंबेडकर का भाषण (4 नवम्बर 1948, संविधान सभा) :

डॉ. आंबेडकर का भाषण प्रस्तुति- विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र > “मैं यह मानता हूँ कि हिंदी को राजभाषा बनाया जाना एक उचित कदम है, लेकिन इसे थोपा नहीं जाना चाहिए।…

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भाषा नीति – (शोध आलेख)

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भाषा नीति ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया और जो भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे, ने…

गुणाकर मुळे : विज्ञान लेखन से हिंदी की समृद्धि – (हिंदी के विकास में हिंदीतर)

गुणाकर मुळे : विज्ञान लेखन से हिंदी की समृद्धि गुणाकर मुळे ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से गणित में एम.ए. पूरा किया और विज्ञान, इतिहास, और संस्कृति पर स्वतंत्र रूप से लेखन…

दक्षिण एशिया में भाषाओं के विकास पर पेगी मोहन की अंतर्दृष्टि – (पुस्तक समीक्षा)

दक्षिण एशिया में भाषाओं के विकास पर पेगी मोहन की अंतर्दृष्टि ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र भूमिका:भाषाओं का विकास किसी समाज के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक बदलावों का सजीव प्रतिबिंब…

ग्रोक (Grok  xAI) से बातचीत – (साक्षात्कार)

ग्रोक (Grok xAI) से बातचीत ~ विजय नगरकर आजकल सोशल मीडिया पर कृत्रिम बुद्धि आधारित ग्रोक (Grok xAI) की भाषा और उत्तर देने की शैली पर बहुत चर्चा हो रही…

विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार: एक साहित्यिक कृति का सम्मान – (सूचना)

हाल ही में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक घटनाक्रम में, प्रख्यात हिंदी लेखक विनोद कुमार शुक्ल को प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार न केवल…

डॉ. एच. बालसुब्रहमण्यम – (हिंदी के विकास में हिंदीतर)

डॉ. एच. बालसुब्रहमण्यम : एक बहुआयामी साहित्यिक व्यक्तित्व ~ विजय नगरकर डॉ. एच. बालसुब्रहमण्यम हिंदी साहित्य और अनुवाद के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। वे लेखन, अनुवाद, संपादन और…

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